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संभल: पतियों को डूबने से बचाने के लिए गंगा में उतरीं महिलाएं, तीनों तेज लहरों में बहीं
Mon, 29 Jun 2020 05:59 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, संभल
अमर उजाला नेटवर्क, संभल
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 29 Jun 2020 05:59 PM IST
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गंगा किनारे परिजन और ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
सगे भाई की शादी की अगली सुबह मढ़े की रस्म पर गंगा स्नान को गईं दो सगी बहनें और उनकी एक ननद गंगा में उस समय बह गईं जब यह तीनों अपने पतियों को डूबने से बचाने के लिए गंगा में उतर गईं। तीनों के पति तो बच गए पर तीनों महिलाएं गंगा की लहरों में दूर तक बह गईं।
कई घंटे की तलाश के बाद भी नहीं मिलीं। उन्हें तलाशने के लिए गोताखोर और पीएसी की मोटरबोट देर शाम तक गंगा में लगी रही। यह घटना संभल जिले के रजपुरा थाना क्षेत्र के सिसौना डांडा स्थित गंगा घाट पर हुई।
रजपुरा थाना क्षेत्र स्थित डुप्टाकला गांव निवासी खेमचंद्र के बेटे चमन की रविवार को शादी हुई। बरात देर रात लौटी थी और सोमवार की सुबह मढ़े की रस्म पर लोगों का मन गंगा स्नान के लिए बना। परिवार के कुछ सदस्य और रिश्तेदार इसके लिए तैयार हो गए।
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बच्चों को लेकर ट्रैक्टर-ट्राली पर बैठे और सिसौना डांडा स्थित गंगा घाट पर पहुंच गए। सिसौना डांडा में दोपहर करीब 1.00 बजे कामिनी (22) पत्नी दिनेश निवासी गवां, सुनीता (30) पत्नी बंटी निवासी आदमपुर अमरोहा, मीनाक्षी (28) पत्नी रामबहादुर नरौली गंगा नदी की तेज लहरों में उस वक्त बह गईं जब उनके पति गंगा स्नान कर रहे थे।
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कई घंटे की तलाश के बाद भी नहीं मिलीं। उन्हें तलाशने के लिए गोताखोर और पीएसी की मोटरबोट देर शाम तक गंगा में लगी रही। यह घटना संभल जिले के रजपुरा थाना क्षेत्र के सिसौना डांडा स्थित गंगा घाट पर हुई।
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रजपुरा थाना क्षेत्र स्थित डुप्टाकला गांव निवासी खेमचंद्र के बेटे चमन की रविवार को शादी हुई। बरात देर रात लौटी थी और सोमवार की सुबह मढ़े की रस्म पर लोगों का मन गंगा स्नान के लिए बना। परिवार के कुछ सदस्य और रिश्तेदार इसके लिए तैयार हो गए।
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बच्चों को लेकर ट्रैक्टर-ट्राली पर बैठे और सिसौना डांडा स्थित गंगा घाट पर पहुंच गए। सिसौना डांडा में दोपहर करीब 1.00 बजे कामिनी (22) पत्नी दिनेश निवासी गवां, सुनीता (30) पत्नी बंटी निवासी आदमपुर अमरोहा, मीनाक्षी (28) पत्नी रामबहादुर नरौली गंगा नदी की तेज लहरों में उस वक्त बह गईं जब उनके पति गंगा स्नान कर रहे थे।
कामिनी का पति दिनेश नहाते-नहाते गहरे पानी की ओर चला गया। उसके डूबने का खतरा देखा तो सुनीता के पति बंटी ने उसका हाथ पकड़ा और बचाने लगा। मीनाक्षी के पति रामबहादुर ने बंटी को पकड़ा। तीनों एक दूसरे को बचाने लगे। तभी गंगा स्नान कर घाट की ओर जा रही इन तीनों की पत्नियों की नजर उनकी ओर पड़ी।
रामबहादुर ने बताया कि मीनाक्षी ने उसका हाथ पकड़ा पर उसके बाद गंगा लहरों में कौन कहां गया हमें नहीं पता। कुछ देर गोते लगाने के बाद हम तो बाहर आ गए, पर हमें बचाने उतरीं महिलाएं बाहर नहीं आ सकीं। घटना के वक्त घाट पर बैठे रामबहादुर के रिश्तेदार जयवीर ने बताया कि पतियों के सामने कुछ ही पलों में तीनों पत्नियों को गंगा की लहरें उन्हें दूर तक बहा ले गईं।
उसने शोर मचाया तो आसपास के लोग आए लेकिन कोई तैराक नहीं था। न ही घाट पर कोई गोताखोर था। इसके बाद पुलिस को खबर दी गई। रजपुरा की पुलिस आई। पीएसी की बाढ़ नियंत्रण टोली को खबर दी गई। पीएसी के जवान मोटरबोट लेकर पहुंचे। पीएसी के जवान और स्थानीय गोताखोर तीनों को तलाश रहे लेकिन उनका पता नहीं चल पाया।
रामबहादुर ने बताया कि मीनाक्षी ने उसका हाथ पकड़ा पर उसके बाद गंगा लहरों में कौन कहां गया हमें नहीं पता। कुछ देर गोते लगाने के बाद हम तो बाहर आ गए, पर हमें बचाने उतरीं महिलाएं बाहर नहीं आ सकीं। घटना के वक्त घाट पर बैठे रामबहादुर के रिश्तेदार जयवीर ने बताया कि पतियों के सामने कुछ ही पलों में तीनों पत्नियों को गंगा की लहरें उन्हें दूर तक बहा ले गईं।
उसने शोर मचाया तो आसपास के लोग आए लेकिन कोई तैराक नहीं था। न ही घाट पर कोई गोताखोर था। इसके बाद पुलिस को खबर दी गई। रजपुरा की पुलिस आई। पीएसी की बाढ़ नियंत्रण टोली को खबर दी गई। पीएसी के जवान मोटरबोट लेकर पहुंचे। पीएसी के जवान और स्थानीय गोताखोर तीनों को तलाश रहे लेकिन उनका पता नहीं चल पाया।