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Moradabad News: कांठ में श्मशान से आगे डेयरी के पास दिखाई दिए तीन तेंदुए
Mon, 21 Sep 2026 02:07 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
Updated Mon, 21 Sep 2026 02:07 AM IST
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कांठ में खेतों पर काम करने वाली महिलाओं को तेंदुए के प्रति जागरूक करते डिप्टी रेंजर पुष्पेंद्र
कांठ। क्षेत्र में लगातार तेंदुए दिखाई दे रहे हैं, यह जहां लोगों के पालतू पशुओं और जानवरों पर हमला कर रहे हैं तो वहीं किसानों और ग्रामीणों के लिए भी बड़ी मुसीबत बने हुए हैं। लगातार दिखाई दे रहे तेंदुओं को पकड़ने के लिए वन विभाग ने पिंजरे भी लगाए हुए हैं।
अब कांठ नगर स्थित श्मशान से आगे स्थित चंद्रप्रकाश उर्फ चंदू की दूध डेयरी के पास एक साथ तीन तेंदुए दिखाई दिए हैं। तेंदुओं को देख मौके पर मौजूद किसान निपेंद्र बिश्नोई, अजयवीर सिंह, राजू बिश्नोई, सुनील बिश्नोई, हिमांशु, सुशील बिश्नोई, वंश, वीर सिंह आदि ने शोर मचाया तो तीनों गन्ने के खेत में चले गए। डेयरी स्वामी के पुत्र सुमित कुमार ने बताया कि यहां अक्सर तेंदुए दिखाई देते हैं, जिससे जहां आने जाने में भय लगता है तो वहीं किसान भी परेशान हैं। नगर के मोहल्ला पट्टीवाला निवासी भानू बिश्नोई का कहना है कि यहां डेयरी के पास उनका भी खेत हैं, जहां पर आए दिन तेंदुए दिखाई देते हैं। इस कारण खेत पर जाने में डर लगता है। किसानों ने घूम रहे तेंदुओं को पकड़वाने की मांग की है। वहीं दूसरी ओर छजलैट क्षेत्र के गांव लदावली में भी गांव से मानपुर को जा रहे मार्ग पर तेंदुआ देखे जाने की दावा किया गया है। इसकी सूचना भी गांव के अंकित ने वन विभाग के अधिकारियों को दी है। जिस पर विभागीय टीम ने ग्रामीणों को जागरूक भी किया है।
15 सितंबर की शाम गांव की अन्य महिलाओं साथ जंगल से पशुओं के लिए घास लेने गई कांठ के गांव भरतपुर की रहने वाली महिला निर्वेश देवी पर तेंदुए ने घास काटते समय हमला कर दिया था। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई थी। उसे इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर किया गया था। जहां कई दिन चार दिन भर्ती रहने के बाद उसे छुट्टी दे दी गई है। वहीं इस गांव से वन विभाग ने निर्वेश पर हमले के 36 घंटे के भीतर ही तेंदुए को पकड़ भी लिया था। संवाद
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अब कांठ नगर स्थित श्मशान से आगे स्थित चंद्रप्रकाश उर्फ चंदू की दूध डेयरी के पास एक साथ तीन तेंदुए दिखाई दिए हैं। तेंदुओं को देख मौके पर मौजूद किसान निपेंद्र बिश्नोई, अजयवीर सिंह, राजू बिश्नोई, सुनील बिश्नोई, हिमांशु, सुशील बिश्नोई, वंश, वीर सिंह आदि ने शोर मचाया तो तीनों गन्ने के खेत में चले गए। डेयरी स्वामी के पुत्र सुमित कुमार ने बताया कि यहां अक्सर तेंदुए दिखाई देते हैं, जिससे जहां आने जाने में भय लगता है तो वहीं किसान भी परेशान हैं। नगर के मोहल्ला पट्टीवाला निवासी भानू बिश्नोई का कहना है कि यहां डेयरी के पास उनका भी खेत हैं, जहां पर आए दिन तेंदुए दिखाई देते हैं। इस कारण खेत पर जाने में डर लगता है। किसानों ने घूम रहे तेंदुओं को पकड़वाने की मांग की है। वहीं दूसरी ओर छजलैट क्षेत्र के गांव लदावली में भी गांव से मानपुर को जा रहे मार्ग पर तेंदुआ देखे जाने की दावा किया गया है। इसकी सूचना भी गांव के अंकित ने वन विभाग के अधिकारियों को दी है। जिस पर विभागीय टीम ने ग्रामीणों को जागरूक भी किया है।
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15 सितंबर की शाम गांव की अन्य महिलाओं साथ जंगल से पशुओं के लिए घास लेने गई कांठ के गांव भरतपुर की रहने वाली महिला निर्वेश देवी पर तेंदुए ने घास काटते समय हमला कर दिया था। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई थी। उसे इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर किया गया था। जहां कई दिन चार दिन भर्ती रहने के बाद उसे छुट्टी दे दी गई है। वहीं इस गांव से वन विभाग ने निर्वेश पर हमले के 36 घंटे के भीतर ही तेंदुए को पकड़ भी लिया था। संवाद
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