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खुदा की बारगाह में अजीम कुर्बानी याद करके झुके लाखों सिर
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मुरादाबाद के ईदगहा मैदान में नमाज अदा करते नामजी।
मुरादाबाद। कुर्बानी का त्योहार ईद-उल-अजहा अकीदत के साथ मनाया गया। खुदा की बारगाह में विशेष नमाज के दौरान लाखों अकीदतमंदों के सिर एक साथ झुके और उस अजीम कुर्बानी को याद किया जो हजरत इब्राहिम ने अपने रब के हुक्म में पेश की थी। अपने गुनाहों की माफी के साथ देश के अमन की दुआ मांगी गई। नमाज अदायगी के बाद लोगों ने एक-दूसरे को मुबारकबाद दी। इसके बाद कुर्बानी देकर सुन्नत पेश की गई।
शहर इमाम सैय्यद मासूम अली आजाद के एलान के मुताबिक सोमवार सुबह ठीक आठ बजे ईदगाह पर बकरीद की नमाज के लिए लाखों अकीदतमंद जुटे। पहले हजरत इब्राहिम की कुर्बानी को याद किया गया। इसके बाद बकरीद की नमाज अदा की गई। शहर इमाम ने अमन के साथ त्योहार मनाने की अपील की। कुर्बानी का त्योहार ईद-उल-अजहा पर नमाज अदायगी के बाद अकीदतमंदों ने एक-दूसरे को मुबारकबाद दी। इसके बाद कुर्बानी का सिलसिला शुरू हुआ। परंपरा के मुताबिक कुर्बानी की रस्म तीन दिन तक चलेगी।
बेहतरी के लिए अल्लाह की राह में करते हैं कुर्बानी
इस्लाम में गरीब और मजलूमों का खास ध्यान रखने की परंपरा है। ईद उल अजहा पर भी मजलूमों का खास ख्याल रखा गया। इस दिन कुर्बानी के बाद गोश्त को तीन हिस्सों में बांटा जाता है। एक हिस्सा खुद के लिए रखने के बाद परिवार और एक हिस्सा गरीबों को दिया जाता है। बाकी गोश्त रिश्तेदारों को दिया जाता है। ऐसा करके मुस्लिम पैगाम देते हैं कि अपने दिल की करीबी चीज भी दूसरों की बेहतरी के लिए अल्लाह की राह में कुर्बान कर देते हैं।
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बाजार भी रहा गुलजार
रविवार रात तक ईद के चलते बाजार गुलजार रहा। लोगों ने बकरों की खरीद फरोख्त की। नए कपड़े, जूतों के साथ खाने-पीने की चीजें खूब खरीदी गईं। महानगर की मस्जिदों में सुबह 6 बजे से लेकर 9 बजे तक नमाज अदा की गई। इसके लिए सुबह से ही मस्जिदों में लोग जुटने लगे थे।
20 हजार लोगों ने पाकबड़ा ईदगाह में अदा की नमाज
पाकबड़ा की ईदगाह पर करीब बीस हजार लोगों ने नमाज अदा की। नमाज नगर के इमाम शम्मे आलम ने अदा कराई। ईद की नमाज के बाद नगर इमाम शम्मे आलम ने कहा कि ईद खुशियों के साथ मनाई जाये। देेश का अमन बरकरार रहे। ईद पर गरीबों का खास ध्यान रखें। सभी को ईद की खुशी में शामिल करें। ईद पर साफ सफाई का ध्यान रखें। गंदगी नहीं होने दें। नमाज के बाद कुर्बानियों का सिलसिला शुरू हो गया था।
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शहर इमाम सैय्यद मासूम अली आजाद के एलान के मुताबिक सोमवार सुबह ठीक आठ बजे ईदगाह पर बकरीद की नमाज के लिए लाखों अकीदतमंद जुटे। पहले हजरत इब्राहिम की कुर्बानी को याद किया गया। इसके बाद बकरीद की नमाज अदा की गई। शहर इमाम ने अमन के साथ त्योहार मनाने की अपील की। कुर्बानी का त्योहार ईद-उल-अजहा पर नमाज अदायगी के बाद अकीदतमंदों ने एक-दूसरे को मुबारकबाद दी। इसके बाद कुर्बानी का सिलसिला शुरू हुआ। परंपरा के मुताबिक कुर्बानी की रस्म तीन दिन तक चलेगी।
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बेहतरी के लिए अल्लाह की राह में करते हैं कुर्बानी
इस्लाम में गरीब और मजलूमों का खास ध्यान रखने की परंपरा है। ईद उल अजहा पर भी मजलूमों का खास ख्याल रखा गया। इस दिन कुर्बानी के बाद गोश्त को तीन हिस्सों में बांटा जाता है। एक हिस्सा खुद के लिए रखने के बाद परिवार और एक हिस्सा गरीबों को दिया जाता है। बाकी गोश्त रिश्तेदारों को दिया जाता है। ऐसा करके मुस्लिम पैगाम देते हैं कि अपने दिल की करीबी चीज भी दूसरों की बेहतरी के लिए अल्लाह की राह में कुर्बान कर देते हैं।
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बाजार भी रहा गुलजार
रविवार रात तक ईद के चलते बाजार गुलजार रहा। लोगों ने बकरों की खरीद फरोख्त की। नए कपड़े, जूतों के साथ खाने-पीने की चीजें खूब खरीदी गईं। महानगर की मस्जिदों में सुबह 6 बजे से लेकर 9 बजे तक नमाज अदा की गई। इसके लिए सुबह से ही मस्जिदों में लोग जुटने लगे थे।
20 हजार लोगों ने पाकबड़ा ईदगाह में अदा की नमाज
पाकबड़ा की ईदगाह पर करीब बीस हजार लोगों ने नमाज अदा की। नमाज नगर के इमाम शम्मे आलम ने अदा कराई। ईद की नमाज के बाद नगर इमाम शम्मे आलम ने कहा कि ईद खुशियों के साथ मनाई जाये। देेश का अमन बरकरार रहे। ईद पर गरीबों का खास ध्यान रखें। सभी को ईद की खुशी में शामिल करें। ईद पर साफ सफाई का ध्यान रखें। गंदगी नहीं होने दें। नमाज के बाद कुर्बानियों का सिलसिला शुरू हो गया था।