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Moradabad News: टैरिफ कम नहीं होने से हजारों कामगारों की जाएगी नौकरी
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मुरादाबाद। अमेरिका की ओर से भारत पर लगाए गए टैरिफ कम नहीं करने से जिले के हजारों कामगारों की नौकरी खतरे में हैं। टैरिफ की वजह से निर्यातक डरे हुए हैं। अमेरिका निर्यात किए जाने वाले हस्तशिल्प उत्पाद से जुड़े शहर के तमाम निर्यातकों का कहना है कि टैरिफ की वजह से चार महीने में हजारों लोगों की नौकरियां चली गईं। अब आने वाले दिनों में और नौकरियां जाएंगी क्योंकि अमेरिका राष्ट्रपति के व्यापार में राहत नहीं देने के बयान ने असमंजस में डाल दिया है।
हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन अध्यक्ष नावेद उर रहमान ने बताया कि अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि पीएम मोदी उनसे खुश नहीं हैं क्योंकि भारत पर लगाए गए टैरिफ अब तक वापस नहीं लिया गया है। ट्रंप का कहना है कि जब तक भारत अमेरिका पर टैरिफ नहीं हटाता तब तक व्यापार में कोई राहत नहीं मिलेगी। इसकी वजह से अब मुरादाबाद के निर्यातकों को कोई राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। उन्होंने कहा कि अब मुरादाबाद का एक्सपोर्ट और प्रभावित होगा और हजारों कामगारों की नौकरी खतरे में है। क्योंकि मुरादाबाद से सबसे अधिक निर्यात अमेरिका किया जाता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका मुरादाबाद के हस्तशिल्प उत्पाद का केवल बाजार नहीं है बल्कि यहां के लाखों कामगारों की आजीविका का आधार है। टैरिफ बढ़ने और व्यापार वार्ताओं में देरी से हमारे उद्योग की प्रतिस्पर्धा कमजोर हो रही है।
उन्होंने बताया कि मुरादाबाद की पहचान मेटल क्राफ्ट के लिए वैश्विक स्तर पर है और अमेरिका हमारे सबसे बड़े खरीदारों में से एक है। यदि टैरिफ विवाद लंबा चला तो हमारे कारीगरों और निर्यातकों को नुकसान होगा। सरकार को चाहिए कि वह इस मुद्दे को गंभीरता से ले और मुरादाबाद जैसे उद्योग केंद्रों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूती से पेश करे। आईआईए हैंडीक्रॉफ्ट डेवलेपमेंट कमेटी के चेयरमैन सुरेश कुमार गुप्ता ने कहा कि
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अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टैरिफ को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। इसका सीधा असर भारत के स्थानीय उद्योगों पर पड़ सकता है। अमेरिका के साथ व्यापारिक तनाव हमारे शहर के हस्तशिल्प उद्योग के लिए खतरे की घंटी है। उन्होंने कहा कि यदि अमेरिकी बाजार में अनिश्चितता बनी रही तो छोटे-मझोले निर्यातकों पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा। उनका कहना है कि जिले का उद्योग अब यूरोप और मध्य-पूर्व बाजारों में अवसर तलाश रहा है।
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हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन अध्यक्ष नावेद उर रहमान ने बताया कि अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि पीएम मोदी उनसे खुश नहीं हैं क्योंकि भारत पर लगाए गए टैरिफ अब तक वापस नहीं लिया गया है। ट्रंप का कहना है कि जब तक भारत अमेरिका पर टैरिफ नहीं हटाता तब तक व्यापार में कोई राहत नहीं मिलेगी। इसकी वजह से अब मुरादाबाद के निर्यातकों को कोई राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। उन्होंने कहा कि अब मुरादाबाद का एक्सपोर्ट और प्रभावित होगा और हजारों कामगारों की नौकरी खतरे में है। क्योंकि मुरादाबाद से सबसे अधिक निर्यात अमेरिका किया जाता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका मुरादाबाद के हस्तशिल्प उत्पाद का केवल बाजार नहीं है बल्कि यहां के लाखों कामगारों की आजीविका का आधार है। टैरिफ बढ़ने और व्यापार वार्ताओं में देरी से हमारे उद्योग की प्रतिस्पर्धा कमजोर हो रही है।
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उन्होंने बताया कि मुरादाबाद की पहचान मेटल क्राफ्ट के लिए वैश्विक स्तर पर है और अमेरिका हमारे सबसे बड़े खरीदारों में से एक है। यदि टैरिफ विवाद लंबा चला तो हमारे कारीगरों और निर्यातकों को नुकसान होगा। सरकार को चाहिए कि वह इस मुद्दे को गंभीरता से ले और मुरादाबाद जैसे उद्योग केंद्रों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूती से पेश करे। आईआईए हैंडीक्रॉफ्ट डेवलेपमेंट कमेटी के चेयरमैन सुरेश कुमार गुप्ता ने कहा कि
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अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टैरिफ को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। इसका सीधा असर भारत के स्थानीय उद्योगों पर पड़ सकता है। अमेरिका के साथ व्यापारिक तनाव हमारे शहर के हस्तशिल्प उद्योग के लिए खतरे की घंटी है। उन्होंने कहा कि यदि अमेरिकी बाजार में अनिश्चितता बनी रही तो छोटे-मझोले निर्यातकों पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा। उनका कहना है कि जिले का उद्योग अब यूरोप और मध्य-पूर्व बाजारों में अवसर तलाश रहा है।