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Moradabad News: शहरवासियों की मददगार बनी स्मार्ट सिटी की तीसरी आंख

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 08 Jul 2024 06:56 AM IST
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Third eye of smart city becomes helpful to city residents
मुरादाबाद। शहर के 263 प्रमुख स्थानों पर स्मार्ट सिटी की तीसरी आंख (सीसीटीवी कैमरे) निगरानी कर रही है। इसके जरिये अब तक कई लोगों को अपना खोया हुआ सामान मिल चुका है। साथ ही आपराधिक घटनाओं के खुलासे में भी सीसीटीवी कैमरे मददगार साबित हो रहे हैं। बाइक चोरी समेत मारपीट की घटनाओं को अंजाम देने वालों तक भी पुलिस इन कैमरों की सहायता से पहुंच चुकी है। पिछले पांच महीनों में पुलिस सीसीटीवी कैमरों की मदद से करीब 35 मामलों का खुलासा कर चुकी है।
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केस-01
वापस मिला ऑटो में छूटा टैबलेट
केजीके कॉलेज की बीए की छात्रा सोनिका ने बताया कि सात मई को वह कॉलेज से घर जा रही थी। फव्वारा चौक पर उतरने के बाद ऑटो चालक को पैसा देते समय उसका टैबलेट ऑटो में छूट गया। इसकी जानकारी उसने वहां खड़े यातायात पुलिसकर्मी को दी। पुलिसकर्मी उसे पीलीकोठी स्थित स्मार्ट सिटी के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) लेकर गए। वहां कैमरे की रिकार्डिंग से ऑटो के नंबर का पता लगाया फिर ऑटो चालक को बुलाया गया। इससे छात्रा को टैबलेट वापस मिल गया।
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केस-02
मजदूर महिला का बैग मिला
झारखंड निवासी शबनम ने बताया कि वह मजदूरी करती हैं। वह अपनी बेटी के साथ मुरादाबाद निवासी बेटी के घर इलाज कराने के लिए आ रही थीं। स्टेशन से ऑटो से बेटी के घर जाते समय उसका बैक खो गया। काफी तलाश के बाद भी जब ऑटो का पता नहीं चला तो कटघर थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस महिला को लेकर आईसीसीसी पहुंची। कैमरों की रिकार्डिंग की मदद से ऑटो का नंबर पता लगाया। उसके बाद ऑटो चालक को बुलाया। चालक ने पहले आनाकानी की लेकिन, जब उसे फुटेज होने की बात बताई गई तो महिला का बैग लौटा दिया। महिला ने बैग खोलकर देखा तो उसमें रखे 14 हजार रुपये मिल गए।
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कैमरों की मदद से ये खुलासे भी हुए

14 जनवरी 2024 को एक बच्चे ने महिला का पर्स पीलीकोठी के पास खड़ी स्कूटी से निकाल लिया था। बाद में महिला को पर्स मिल गया। मानसिक मंदित एक 35 वर्षीय युवक का पता लगाने में भी कैमरों से मदद मिली। सिविल लाइंस क्षेत्र में राजीव सोनी के ऑटो में रुपये चुराने के आरोपी का पता कैमरे की फुटेज से चल सका। इसी तरह एक व्यक्ति को हरथला में एक वाहन टक्कर मारकर चला गया था। कैमरे की फुटेज से पुलिस आरोपी तक पहुंचने में कामयाब रही। पिछले पांच महीनों में 35 मामलों का खुलासा सीसीटीवी कैमरों की मदद से हो चुका है।


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शहर के 263 प्रमुख स्थानों, चौराहों आदि पर स्मार्ट सिटी योजना के तहत कैमरे लगे हैं। इनमें 233 कैमरे फिक्स हैं, जबकि 30 कैमरे पीटीजेड हैं। यह सभी कैमरे आईसीसीसी से कनेक्ट हैं। इन कैमरों की सहायता से पुलिस को काफी मदद मिलती है। कोई भी पीड़ित व्यक्ति पुलिस में सूचना दर्ज कराकर या व्यक्तिगत रूप से भी आईसीसीसी में बैठे पुलिसकर्मियों को इसकी सूचना देकर फुटेज देख सकता है।

- एके मित्तल, मुख्य अभियंता, स्मार्ट सिटी



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