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जयंतीपुर में एक साथ चार अर्थियां उठते ही मचा कोहराम

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 06 Feb 2022 01:03 AM IST
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There was chaos in Jayantipur as soon as four earths were raised
मुरादाबाद। मझोला के जयंतीपुर में शनिवार रात बरात की जगह चार लोगों के शव पहुंचते ही घर में चीखपुकार मच गई। परिवार के सदस्यों की चीत्कार सुनकर हर शख्स की आंखें नम हो गईं। एक साथ चार अर्थियां उठीं तो पूरे मोहल्ले में माहौल गमगीन हो गया। हादसे में जान गंवाने वाले पांचवें व्यक्ति विनोद दिवाकर का शव उनके घर प्रकाश नगर पहुंचते ही परिरवार के सदस्य बेसुध हो गए।
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मझोला थानाक्षेत्र के जयंतीपुर निवासी पूरन दिवाकर फर्म में चौकीदारी करते थे। उन्होंने अपनी दूसरे नंबर की बेटी गीता का रिश्ता उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जनपद के सुल्तानपुर पट्टी निवासी कन्हैया दिवाकर से तय किया था। शुक्रवार को पूरन बेटी गीता की लगन की रस्म पूरी करने के बाद घर लौट रहे थे। ईको मारुति में चालक के अलावा पूरन दिवाकर, उनके बहनोई और तीन पड़ोसी सवार थे। शुक्रवार रात पौने नौ बजे मुरादाबाद बाजपुर मार्ग पर सीकमपुर गांव के पास स्पीड ब्रेकर पर चढ़ते ही अनियंत्रित होकर ईको पलट गई थी। हादसे में पूरन दिवाकर (50), उनके बहनोई विनोद दिवाकर (45), पड़ोसी देवेंद्र सिंह तोमर (45), मुकेश वर्मा (30) और परमवीर सिंह ठाकुर (30) की मौत हो गई थी, जबकि, चालक हरेंद्र सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया था।
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शुक्रवार रात करीब नौ बजे हादसे की सूचना परिजनों को मिली थी। रामपुर में पोस्टमार्टम कराने के बाद शनिवार रात साढ़े आठ बजे पूरन, उनके पड़ोसी देवेंद्र , मुकेश और परमवीर के शव जयंतीपुर में लाए गए। शनिवार रात बरात की जगह एक साथ चार शव पहुंचे तो मोहल्ले में चीखपुकार मच गई। परिवार के लोगों को रोता देख वहां मौजूद हर शख्स की नम हो गई। करीब नौ बजे चारों की अर्थियां एक साथ उठीं। उधर, पूरन के बहनाई विनोद दिवाकर का शव प्रकाश नगर उनके घर ले जाया गया। परिवार के सदस्योें पर गम का पहाड़ टूट पड़ा है। परिवार के लोगों ने बताया कि शनिवार रात पांचों शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया है।
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घर में छाया मातम
हादसे में जान गंवाने वाले पूरन दिवाकर कटघर क्षेत्र में डबल फाटक पर फर्म में चौकीदारी करते थे। पूरन की चार बेटियां और एक बेटा है। दूसरे नंबर की बेटी गीता की शादी होनी थी। घर में सभी तैयारियां हो गई थीं, जिस घर में शुक्रवार शाम तक खुशियां ही खुशियां थी। अब वहां मातम छाया है।
एक साल पहले हुई थी मुकेश की पत्नी की मौत
मुरादाबाद। पूरन के पड़ोसी मुकेश वर्मा वेल्डर थे। वह पूरन के अच्छे दोस्त थे। परिवार के लोगों ने बताया कि पूरन ने काफी से पहले ही कह रखा था कि वह उन्हें अपनी बेटी के लगन समारोह में लेकर जाएगा। मुकेश की पत्नी राजू वर्मा की एक साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी। बेटी अमन है। उसकी शादी हो चुकी है।
देवेंद्र फर्म में करते थे काम
मुरादाबाद। हादसे में जान गंवाने वाले देवेंद्र सिंह भी फर्म में काम करते थे। उनके परिवार में पत्नी मंजू, तीन बेटे अनिल, सुनील और छोटू हैं। सभी की शादी हो चुकी है। परिवार के लोगों ने बताया कि देवेंद्र शुक्रवार सुबह बड़ी हंसी खुशी के साथ घर से लगन समारोह के लिए रवाना हुए थे।
तीन साल की उम्र में उठ गया सिर से पिता का साया
मुरादाबाद। पूरन दिवाकर की बेटी की लगन समारोह से लौटते समय हादसे में जान गंवाने वाले परमवीर मजदूरी करते थे। उनके परिवार में पत्नी बुलबुल और तीन साल की बेटी नैना है। बच्ची की सिर से पिता का साया उठ गया है।

छह माह पहले ही खुशहाल में बनाया था अपना घर
मुरादाबाद। पूरन दिवाकर के बहनोई विनोद दिवाकर प्रकाश नगर निवासी थे। वह फर्म में बतौर एकाउंटेंट नौकरी करते थे। इनके परिवार में पत्नी पत्नी शीला, दो बेटे, अरुण और वरुण हैं। उन्होंने अपने छोटे भाई की बेटी सिमरन को गोद लिया था। उन्होंने छह माह पहले ही खुशहालपुर में अपना मकान बनवाया था।
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