चोरी के मामले में गिरफ्तार युवक की मुरादाबाद जेल में मौत, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ई-रिक्शा चोरी के मामले में मुरादाबाद जेल में बंद एक युवक की हालत गुरुवार को अचानक बिगड़ गई। मेरठ मेडिकल अस्पताल ले जाते समय उसकी रास्ते में ही मौत हो गई। थाने पहुंचे परिजनों ने जेल प्रशासन पर उसकी हत्या का आरोप लगाया है। वहीं पुलिस ने उन्हें पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने तक शांत रहने की बात समझा कर वापस भेज दिया।
गुरुवार सुबह 11 बजे थाना क्षेत्र के गांव अटारी मुरीदपुर निवासी महेश कुमार अपने दामाद आशीष और ग्रामीणों के साथ थाने पहुंचे। यहां मौजूद एसएसआई प्रमोद पाठक को बताया कि 11 फरवरी को ई-रिक्शा चोरी के मामले में जेल भेजे गए उनके बेटे दीपक 32 की मुरादाबाद जेल में संदिग्ध हालत में मौत हो गई। परिजन दीपक की हत्या किए जाने का आरोप भी लगा रहे थे।
उनका कहना था कि बुधवार रात नौ बजे उन्हें मुरादाबाद जेल प्रशासन की ओर से सूचना दी गई कि दीपक की तबीयत अचानक बिगड़ गई है और वह मेरठ मेडिकल कॉलेज में भर्ती है। परिजनों के मुताबिक वे गुरुवार तड़के लगभग ढाई बजे मेरठ पहुंचे तो अस्पताल प्रशासन ने उन्हें बताया कि दीपक को यहां मृत अवस्था में लाया गया था।
उन्होंने दीपक का शव दिखाने से भी इंकार कर दिया और कहा कि पोस्टमार्टम होने के बाद ही उसका शव उन्हें सौंपा जाएगा। इसके बाद वे यहां लौट आए। थाने आए परिजनों ने पुलिस को बताया कि दीपक पूरी तरह स्वस्थ था और उसे कोई बीमारी नहीं थी। वहीं मौजूद उन्हीं के गांव अटारीमुरीदपुर निवासी दिलीप और सोमपाल ने बताया कि 18 फरवरी को वे दोनों जेल से छूट कर आए थे।
उनकी दीपक से मुलाकात भी हुई थी और दीपक पूरी तरह स्वस्थ नजर आ रहा था. वही एसएसआई प्रमोद पाठक ने बताया कि दीपक नशे का आदी था। संभव है उसने 19 फरवरी को जेल में ही नशे की अधिक डोज ले ली होगी। इसी से उसकी हालत बिगड़ी होगी। उन्होंने इस संबंध में जेलर से फोन पर बात की तो उन्होंने बताया कि दीपक को अचानक दौरे पड़े थे।
इसी के चलते हैं उसे जिला अस्पताल रेफर किया था. वहां हालत में सुधार नहीं होने पर उसे मेरठ मेडिकल कॉलेज ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। फिलहाल गजरौला पुलिस ने परिजनों को पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने तक शांत रहने की बात कहकर वापस भेज दिया।
बता दें कि 11 फरवरी को गजरौला पुलिस ने चालक को बंधक बनाकर ई रिक्शा लूटने के मामले में दीपक समेत पांच लोगों का चालान किया था। कोर्ट ने सभी को जेल भेज दिया था।