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समूह की महिलाओं ने बढ़ाया मान, मुरादाबाद को प्रदेश में मिला पहला स्थान

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 24 Feb 2022 01:17 AM IST
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The women of the group increased their respect, Moradabad got the first place in the state
मुरादाबाद। जिले की 56 हजार महिलाएं अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने में जुटी हैं। राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत गांव की इन महिलाओं में से तमाम जरूरतमंद महिलाएं मधुमक्खी पालन जैसे खतरा भरे काम कर रही हैं, तो कुछ मशरूम की सफल खेती। कुछ बिजली बिल जमा कर रहीं हैं तो कुछ बैंक बिजनेस सहायक का काम कर उससे मिलने वाले कमीशन से अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं। इन महिलाओं के सफलता की सीढ़ियों पर कदम बढ़ाने के कारण जिले का भी मान बढ़ा है। राष्ट्रीय आजीविका मिशन में इन गरीब महिलाओं की सफल मेहनत के कारण 78.43 अंक प्राप्त कर मुरादाबाद प्रदेश में पहले पायदान पर पहुंच गया है। मंडल का अमरोहा जिला चौथे, संभल 25 वें, बिजनौर 32 वें और रामपुर 51वें स्थान पर है।
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मुरादाबाद जिले की महिला समूहों ने राष्ट्रीय आजीविका मिशन के हर क्षेत्र में अपना कदम तेजी के साथ आगे बढ़ाते हुए करीब 56 हजार महिलाएं अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत बनाने में जुटी हैं। इन गरीब महिलाओं ने घर की चहारदीवारी में कैद न रहकर मधुमक्खी पालन जैसे खतरे भरे काम से लेकर मशरूम की बेहतर खेती जैसे काम में पुरुषों की बराबरी समूह बनाकर कर रही हैं। यही नहीं गरीब परिवारों की 414 महिलाएं जहां बैंक बिजनेस सहायक का काम कर रही हैं, वहीं 139 महिलाएं बिजली का बिल भी जमा कर विभाग से इसके एवज में मिलने वाले कमीशन से अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने में जुटी हैं।
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कुंदरकी ब्लाक के ग्राम मलिकपुर में गांव की 10 गरीब महिलाएं समूह बनाकर मधुमक्खी पालन का काम कर रही हैं। ब्लाक बिलारी के ग्राम खानपुर में भी गांव की दस महिलाएं सर्वोदय समूह का गठन कर मधुमक्खी पाल कर उसके शहद से अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं। वहीं, मूंढापांडे ब्लाक के ग्राम मदनपुर की महिलाएं अलीना समूह के माध्यम से सीआईबी बोर्ड बनाने का काम कर रही हैं। ग्रामीण स्तर पर यह महिला समूह मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन, मसाला उद्योग, मोमबत्ती उद्योग, वर्मी कंपोस्ट, डेयरी, जरीदरदोजी जैसी स्थानीय उत्पादन कर अपनी आय बढ़ा रही हैं। आने वाले वित्तीय वर्ष में इन समूहों के कलस्टर लेबल फेडरेशन के माध्यम से अधिक वित्तीय पूंजी वाले लघु उद्योग संचालित करने की योजना है।
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5600 महिला समूहों का किया गया गठन
मुरादाबाद जिले में राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत 5600 समूहों का गठन किया जा चुका है। प्रत्येक समूह में 10 गरीब महिलाएं शामिल रहती हैं। जो संयुक्त रूप से उत्पादन का कार्य कर रही हैं। मुरादाबाद के सभी आठ विकास खंडों में अब तक 3234 समूहों को स्टार्ट अप के रूप में 1500 रुपये, 3570 समूहों को रिवाल्विंग फंड के रूप में 15 हजार रुपये, 2980 समूहों को सामुदायिक निवेश निधि के रूप में 1.10 लाख रुपये खाते में दिए जा चुके हैं। अब तक 168 ग्राम संगठन व 16 कलस्टर लेवल फेडरेशन बनाया जा चुका है।
बैंक बिजनेस से लेकर बिजली बिल तक कर रहीं
मुरादाबाद में अभी तक 414 बैंक बिजनेस सहायिका प्रशिक्षित की जा चुकी हैं, जो कि ग्राम स्तर पर जनता को बैंकिंग सुविधा दे रहीं हैं। सरकार की ओर से इन्हें 70 हजार रुपये कार्य प्रारंभ करने के लिए आरंभिक धनराशि भी दी गई है, जिसे यह आसान किस्तों में बैंकों से प्राप्त कमीशन आय की रकम से वापस करेंगी। 139 विद्युत सखी बकाया बिजली बिलों को जमा करने का काम कर रही हैं। अब तक विद्युत सखियों द्वारा छोटी बिलिंग मशीन के माध्यम से 11 लाख रुपये विद्युत बिल के रूप में जमा किए जा चुके हैं।
राष्ट्रीय आजीविका मिशन में मंडल के जिलों की प्रदेश में रैंकिंग
जिला मार्क्स रैंक
मुरादाबाद 78.43 1
अमरोहा 76.98 4
संभल 67.57 25
बिजनौर 64.05 32
रामपुर 55.64 51
राष्ट्रीय आजीविका मिशन योजना के तहत गांव की गरीब महिलाओं का समूह बनाकर उन्हें आरंभिक वित्तीय सहायता और प्रशिक्षण आदि देकर उत्पादन से जोड़ना है। इसके लिए बिंदुवार मार्क्स निर्धारित हैं। शासन ने जो बिंदु निर्धारित किए हैं, मुरादाबाद जिले में उन सभी पर जमीनी स्तर पर टीम ने काम किया है। समय-समय पर मेरे, डीएम और कमिश्नर द्वारा इसकी समीक्षा व पड़ताल भी की गई है। इन्हीं सबकी बदौलत मुरादाबाद प्रदेश में अव्वल आ सका है। आने वाले वित्तीय वर्ष में 100 फीसदी गरीब महिलाओं को समूहों से जोड़ा जाएगा।

आनंद वर्धन, मुख्य विकास अधिकारी, मुरादाबाद
ऐसी महिलाओं को किया जाता है समूह के लिए चयन
राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत उन महिलाओं को समूहों में जोड़ा जाता है, जिनका नाम बीपीएल सूची अथवा एसईसीसी सूची में हो। इसके अलावा इन समूहों की महिलाएं जो प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी है वह गांव में जाकर एक सप्ताह रात्रि विश्राम करके पूरे गांव की गरीब महिलाओं का सर्वे करके उन्हें जागरूक कर समूह से जुड़वाती हैं।
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