फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   The voices of the townspeople were stunned by the death of the Nightingale.

स्वर कोकिला के निधन से रुंध गए शहरवासियों के स्वर

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 07 Feb 2022 01:15 AM IST
विज्ञापन
The voices of the townspeople were stunned by the death of the Nightingale.
मुरादाबाद। देश दुनिया में स्वर कोकिला के नाम से प्रसिद्ध लता मंगेशकर के निधन से संगीत प्रेमियों को गहरा धक्का लगा है। उन्होंने भारत के लिए यह अपूर्णनीय क्षति बताई। शहर में विभिन्न स्थानों पर शोक सभाओं का आयोजन किया गया। हर किसी की जुबान पर लता दीदी की मीठी आवाज की बात और आंखों में आंसू दिखाई दिए। रुंधे गले से संगीत प्रेमियों ने लता मंगेशकर के निधन को संगीत के एक युग का अंत बताया। सोशल मीडिया पर भी दिनभर शोक संदेश भेजे गए।
विज्ञापन

आर्यंस इंटरनेशनल स्कूल बुद्धि विहार में स्वर साम्राज्ञी लता मंगेशकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित किया। शिक्षक कबीर खान के द्वारा नाम गुम जाएगा एवं छात्रा प्रदक्षिणा चतुर्वेदी द्वारा ऐ मेरे वतन के लोगों गाकर भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। विद्यालय के शिक्षकों ने उनको याद किया। प्रधानाचार्य हेमंत झा ने कहा कि उनकी आवाज सुनकर कभी किसी की आंखों में आंसू आए तो कभी सीमा पर खड़े जवानों को सहारा मिला।
विज्ञापन

संगीत प्रेमियों ने बर्तन बाजार में सीएल गुप्ता नेत्र परीक्षण केंद्र पर उनको श्रद्धांजलि अर्पित की। मोमबत्तियां जलाकर संगीत के क्षेत्र में दिए गए उनके योगदान को याद किया। इस दौरान विजय अग्रवाल, दीपक वर्मा, आदित्य कुमार रविंद्रनाथ कत्याल, सुभाष चंद्र गुप्ता, संजीव वर्मा, सत्यवीर चौहान, दीपक वर्मा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

साईं शौर्य मंदिर मिलन विहार में श्री साईं पालकी सेवा ग्रुप के सदस्यों ने भी लता मंगेशकर को श्रद्धांजलि दी। सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखा। इस दौरान कला जगत से जुड़े हुए कलाकार आदर्श भटनागर, ज्ञान चंद्र, संजीव आकांक्षी, राजकुमार गोस्वामी, बीना गौड़, मीनू चौहान आदि मौजूद रहीं।

वरिष्ठ रंगकर्मी डॉ. प्रदीप शर्मा ने कहा कि लता मंगेशकर का जाना निश्चित तौर से संगीत विशेषकर गायन का एक ऐसे सितारे का जाना है जो संगीत की दुनिया को रोशन करता था। उन्होंने ग़जल, गीत, भजन भी गाए। गायन की जितनी भी विधाएं हो सकती हैं, सभी में बहुत मधुरता से गाया। उनका व्यवहार अपने बड़ों के प्रति सम्मान का और छोटो के प्रति प्रेम का था। परमेश्वर से मेरी यही प्रार्थना है कि वह उन्हें देव लोक में स्थान दे। केजीके कालेज के शिक्षक डॉ. चंद्रभान यादव ने कहा कि लता मंगेशकर ने गायन को गौरवमयी ऊंचाई प्रदान की। उन्होंने लोकगीत से लेकर फिल्मों की दुनिया तक सबसे अधिक हिट गीत प्रदान प्रदान किए और विभिन्न भाषाओं में सुप्रसिद्धि के शिखर को चूमा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed