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Moradabad News: पीतल की बढ़ेगी चमक, कोयले की घुटन से मिलेगी आजादी

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 03 Jan 2024 02:28 AM IST
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The shine of brass will increase
मुरादाबाद।
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पीतल कारीगरों के हुनर को निखारने के साथ उनके ढलाई और गलाई के कारोबार को आसान करने के लिए स्मार्ट सिटी योजना के तहत करीब 24.10 करोड़ रुपये की लागत से लाकड़ी मार्ग पर कॉमन ब्रास फर्नेस फैसिलिटी सेंटर का निर्माण हो रहा है। जिसमें बदलते दौर में पीतल के साथ तांबा, कॉपर आदि धातु की भी ढलाई पीएनजी आधारित गैस द्वारा की जाएगी।
कारोबारियों को वहीं अपने उत्पाद बनाने की भी व्यवस्था रहेगी। इसके बन जाने के बाद शहर के करीब 5000 शिल्पकारों को कोयले की घुटन से भी निजात मिल सकेगी। पीतलनगरी के नाम से दुनियाभर में विख्यात इस शहर में करीब 5000 ऐसे परिवार हैं जो कोयले की भट्ठी में पीतल गलाकर उसे आकार देने का काम करते हैं। इन लोगों के घर ऐसे हैं जिनमें नीचे कारखाना और ऊपर उनका परिवार रहता है। कोयले की भट्ठी जलाकर कोयला तैयार होने पर वह पीतल व अन्य धातु गलाकर उसे आकार देने का काम करते हैं। इससे भट्ठी से निकलने वाले धुएं से पीतल कारीगरों के साथ-साथ उनका परिवार भी कोयले के धुएं की घुटन का शिकार होता है। यही नहीं इससे पर्यावरण भी प्रदूषित हो रहा है।
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स्मार्ट सिटी योजना के तहत इससे निजात दिलाने की तैयारी की गई है। 24.11 करोड़ रुपये की लागत से लाकड़ी मार्ग पर कॉमन ब्रास फर्नेस सेंटर की बिल्डिंग बनाई जा रही है। जिसका करीब 70 फीसदी काम पूरा हो गया है। फरवरी के अंत तक इसका काम पूर्ण होने का दावा स्मार्ट सिटी के अफसर कर रहे हैं।
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कोयले से कम आएगा खर्च
स्मार्ट सिटी के अफसरों के मुताबिक 100 भट्ठियों वाले इस सेंटर में 10 किलो से लेकर तीन क्विंटल तक पीतल, तांबा व अन्य धातु को एक बार में गलाया जा सकेगा। इसमें कोयले से कम समय और खर्च आएगा। विभिन्न धातुएं अलग-अलग तापमान में गलती है। भट्ठियों में यह व्यवस्था रहेगी कि जो धातु जिस तापमान पर गलता है उसे रेगुलेटर से उसी तापमान पर सेट कर गलाया जा सकेगा।

इन मोहल्लों में खास कर रहते हैं पीतल मजदूर
शहर के करीब एक दर्जन मोहल्ले ऐसे हैं जहां कोयला भट्ठियों पर पीतल गलाने का काम किया जाता है। लेकिन इनमें मुख्य रूप से मोहल्ला बरबलान, दौलतबाग, नवाबपुरा, मोहल्ला हाथी वाला मंदिर आदि है।

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फिनिशिंग से मार्केटिंग तक की होगी व्यवस्था
कारीगर सुविधा का लाभ लेने के लिए फोन कर समय ले लेंगे। उसी समय पर पहुंच वहां भटि्ठयों का उपयोग कर पीतल आदि धातु गला सकेंगे। सेंटर पर फिनिशिंग और मार्केटिंग की भी व्यवस्था रहेगी।

- लाकड़ी मार्ग पर कॉमन ब्रॉस फर्नेस सेंटर बनाया जा रहा है। इसका भवन बनकर लगभग तैयार हो चुका है। सीएंडडीएस संस्था इसे बना रही है। पीतल मजदूरों को जहां कोयले की घुटन से निजात मिलेगी, वहां कम समय और खर्च में वह पीतल समेत अन्य धातुओं को गलाकर उसे आवश्यकतानुसार आकार दे सकेंगे। अगले दो माह में यह सुविधा शहर के पीतल कारीगरों को मिलने लगेगी।
- एके मित्तल, मुख्य अभियंता स्मार्ट सिटी
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