{"_id":"69373995d2b233c645019034","slug":"the-responsible-people-did-not-even-realize-the-death-of-a-fruit-seller-the-medical-store-operator-became-the-victim-of-a-bull-moradabad-news-c-281-1-smbd1012-100900-2025-12-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Moradabad News: फल विक्रेता की मौत से भी नहीं चेत जिम्मेदार, मेडिकल स्टोर संचालक हुए सांड़ के शिकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Moradabad News: फल विक्रेता की मौत से भी नहीं चेत जिम्मेदार, मेडिकल स्टोर संचालक हुए सांड़ के शिकार
विज्ञापन
पाकबड़ा। पाकबड़ा थाना क्षेत्र में सड़कों पर बेखौफ घूम रहे छुट्टा पशु सिर्फ यातायात में ही बाधक नहीं बन रहे हैं, बल्कि जानलेवा भी बन रहे हैं। करीब बीस दिन पहले सांड़ के हमले में फल विक्रेता की मौत के बाद भी जिम्मेदार नहीं चेते। फल विक्रेता के पिता की शिकायत के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। इसी का नतीजा रहा है कि रविवार की रात मेडिकल स्टोर संचालक मरगूब भी सांड़ों के हमले के शिकार हो गए। 11 माह के दौरान इन आवारा पशुओं के कारण अलग-अलग कई हादसे हो चुके हैं, जिसमें पांच लोगों की मौत हो चुकी है और कई घायल हो चुके हैं। इसके बावजूद इन घटनाओं को रोकने के प्रति प्रशासन गंभीर नहीं है।
16 नवंबर की रात को बहादुरपुर राजपूत गांव निवासी फल विक्रेता राजकुमार (21) फलों का ठेला लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। अपने साथी छोटू के साथ बाइक पर सवार होकर 16 नवंबर की रात घर वापस लौट रहा था। रात करीब नौ बजे, जैसे ही वह रतनपुर कलां चौराहे के पास पहुंचे, तो अचानक सामने सड़क पर एक सांड़ आ गया जिससे उन्हें संभलने का मौका नहीं मिला। सांड़ से बचने की कोशिश में बाइक अनियंत्रित होकर उससे टकरा गई। इस जोरदार टक्कर से दोनों युवक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए।
आसपास के लोगों ने तुरंत मदद की और दोनों घायलों को अस्पताल पहुंचाया। इलाज के दौरान राजकुमार ने अपनी जिंदगी की जंग दो दिन तक लड़ी, लेकिन 18 नवंबर को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस घटना से मृतक के परिवार में मातम छा गया है और परिवार पूरी तरह बेसहारा हो गया है। ग्राम प्रधान जगत सिंह ने बताया कि यदि सड़कों पर आवारा पशु नहीं घूमते होते तो आज राजकुमार जिंदा होता। ग्राम प्रधान जगत ने बताया कि उन्होंने आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए कई बार जिम्मेदार अधिकारियों को शिकायत दी लेकिन कोई कार्यवाही नही हुई है। परिणाम यह रहा कि बीती रात हादसा हो गया, जिसमें पशु चिकित्सक मरगूब की मौत हो गई।
विज्ञापन
00
एक साल में चार मौतें, जिम्मेदार कौन
पाकबड़ा। पाकबड़ा क्षेत्र में आवारा पशुओं की समस्या विकराल रूप ले चुकी है। ये पशु हाईवे, नया मुरादाबाद की सड़कों और नगर निगम क्षेत्र में खुलेआम घूम रहे हैं, जिससे लोगों की जान लगातार जोखिम में बनी हुई है। जिम्मेदार लोगों और प्रशासन की ओर से इस समस्या से निपटने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। इन लगातार हो रही मौतों और हादसों को लेकर स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति गहरा रोष व्याप्त है। संवाद
विज्ञापन
16 नवंबर की रात को बहादुरपुर राजपूत गांव निवासी फल विक्रेता राजकुमार (21) फलों का ठेला लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। अपने साथी छोटू के साथ बाइक पर सवार होकर 16 नवंबर की रात घर वापस लौट रहा था। रात करीब नौ बजे, जैसे ही वह रतनपुर कलां चौराहे के पास पहुंचे, तो अचानक सामने सड़क पर एक सांड़ आ गया जिससे उन्हें संभलने का मौका नहीं मिला। सांड़ से बचने की कोशिश में बाइक अनियंत्रित होकर उससे टकरा गई। इस जोरदार टक्कर से दोनों युवक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए।
विज्ञापन
आसपास के लोगों ने तुरंत मदद की और दोनों घायलों को अस्पताल पहुंचाया। इलाज के दौरान राजकुमार ने अपनी जिंदगी की जंग दो दिन तक लड़ी, लेकिन 18 नवंबर को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस घटना से मृतक के परिवार में मातम छा गया है और परिवार पूरी तरह बेसहारा हो गया है। ग्राम प्रधान जगत सिंह ने बताया कि यदि सड़कों पर आवारा पशु नहीं घूमते होते तो आज राजकुमार जिंदा होता। ग्राम प्रधान जगत ने बताया कि उन्होंने आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए कई बार जिम्मेदार अधिकारियों को शिकायत दी लेकिन कोई कार्यवाही नही हुई है। परिणाम यह रहा कि बीती रात हादसा हो गया, जिसमें पशु चिकित्सक मरगूब की मौत हो गई।
विज्ञापन
00
एक साल में चार मौतें, जिम्मेदार कौन
पाकबड़ा। पाकबड़ा क्षेत्र में आवारा पशुओं की समस्या विकराल रूप ले चुकी है। ये पशु हाईवे, नया मुरादाबाद की सड़कों और नगर निगम क्षेत्र में खुलेआम घूम रहे हैं, जिससे लोगों की जान लगातार जोखिम में बनी हुई है। जिम्मेदार लोगों और प्रशासन की ओर से इस समस्या से निपटने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। इन लगातार हो रही मौतों और हादसों को लेकर स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति गहरा रोष व्याप्त है। संवाद