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परिषदीय स्कूलों को मर्ज करने की योजना व्यावहारिक नहीं : डॉ. कपिल

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 01 Jul 2025 01:48 AM IST
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The plan to merge council schools is not practical: Dr. Kapil
कांठ। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ छजलैट कार्यकारिणी और संघर्ष समिति की संयुक्त बैठक में सोमवार को ब्लॉक संसाधन केंद्र (बीआरसी) पर की गई। जिसमें संघ के ब्लॉक अध्यक्ष डॉ. कपिल सिरोही ने कहा कि सरकार की परिषदीय स्कूलों को मर्ज करने की योजना व्यावहारिक नहीं है, इससे शिक्षकों और बच्चों को कठिनाई होगी।
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उन्होंने कहा कि कम नामांकन वाले स्कूलों को मर्ज करने की योजना निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 की मूल भावना के विपरीत है। इस योजना के लागू होने से शिक्षकों के लाखों पद समाप्त हो जाएंगे, कई हजार विद्यालय अपना अस्तित्व खो देंगे और शिक्षार्थी भी स्थानीय स्तर पर शिक्षा पाने का अधिकार खो देंगे। उपाध्यक्ष अकरम अली ने कहा कि स्कूलों को मर्ज करना शिक्षा की आत्मा पर सीधा प्रहार है, जिसमें बच्चों को चार-पांच किलोमीटर दूर भेजने की विवशता छुपी हुई है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ इसके खिलाफ बड़े आंदोलन को तैयार है। बैठक में वरिष्ठ उपाध्यक्ष हेतराम सिंह
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ने कहा कि हम इसका विरोध करते हैं। कोषाध्यक्ष मोहम्मद रिजवान, संगठन मंत्री मधुबाला चौहान, मंत्री मेघराज सिंह, सतवीर यादव ने भी विचार रखे। अध्यक्षता ब्लॉक अध्यक्ष डॉ. कपिल सिरोही और संचालन संगठन मंत्री चंद्रवीर त्यागी ने किया। इस अवर पर सर्मेंद्र सिंह, दामन चौहान, हेतराम सिंह, सुरेंद्र यादव, शमीम अहमद, गौरव चौधरी, विघ्ननेश चंद्र कौशिक, दिनेश सैनी, जुबैर अहमद, भूपेंद्र यादव, कंचन चौरसिया, मानसी विश्नोई, लोकेंद्र सिंह आदि शिक्षक व शिक्षिकाएं रहे।
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