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पीड़ितों ने डीएम के यहां दिए शिकायती पत्र, विभागीय अधिकारियों की बैठक बुलाकर होगी समीक्षा
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मुरादाबाद। रामगंगा नदी किनारे संयुक्त विभागीय टीम द्वारा अवैध बताकर गिराए गए निर्माण कार्य के मामले में पीड़ितों ने डीएम के यहां शिकायत की है। कुछ ने मकान संबंधी दस्तावेज भी दिए हैं। मंडलायुक्त के निर्देश के बाद डीएम द्वारा जल्द ही संबंधित विभागीय अधिकारियों की बैठक बुलाने की बात कही गई है। वहीं, मंडलायुक्त का कहना है कि नदी किनारे जमीनों पर निर्माण नहीं हो सकता। डीएम की रिपोर्ट के बाद इसके जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी।
रामगंगा नदी किनारे सिंचाई विभाग द्वारा तटबंध प्रस्तावित है। इसके दायरे में आ रही जमीनों पर निर्माण होने की वजह से निर्माण लटका है। पिछले दिनों से सिंचाई विभाग, नगर निगम और राजस्व विभाग की टीम द्वारा नदी किनारे अभियान चलाकर यहां हुए निर्माण कार्यों को तोड़ा गया था। इसे लेकर काफी हल्ला मचा था। सपा विधायक इकराम कुरैशी ने भी आरोप लगाए थे।
मंडलायुक्त ने मामले का संज्ञान लेते हुए अभियान को फिलहाल अस्थायी तौर पर रुकवा दिया था और डीएम को पूरे मामले की समीक्षा कर इन अवैध कब्जों के लिए जिम्मेदार इंजीनियर और अधिकारियों की सूची देने को कहा था। उधर, कुछ पीड़ित लोगों ने डीएम के यहां शिकायती पत्र दिए हैं। कुछ ने अपनी जमीन संबंधी दस्तावेज लगाकर टीम की कार्रवाई को गलत बताया है।
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रामगंगा नदी किनारे सिंचाई विभाग द्वारा तटबंध प्रस्तावित है। इसके दायरे में आ रही जमीनों पर निर्माण होने की वजह से निर्माण लटका है। पिछले दिनों से सिंचाई विभाग, नगर निगम और राजस्व विभाग की टीम द्वारा नदी किनारे अभियान चलाकर यहां हुए निर्माण कार्यों को तोड़ा गया था। इसे लेकर काफी हल्ला मचा था। सपा विधायक इकराम कुरैशी ने भी आरोप लगाए थे।
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मंडलायुक्त ने मामले का संज्ञान लेते हुए अभियान को फिलहाल अस्थायी तौर पर रुकवा दिया था और डीएम को पूरे मामले की समीक्षा कर इन अवैध कब्जों के लिए जिम्मेदार इंजीनियर और अधिकारियों की सूची देने को कहा था। उधर, कुछ पीड़ित लोगों ने डीएम के यहां शिकायती पत्र दिए हैं। कुछ ने अपनी जमीन संबंधी दस्तावेज लगाकर टीम की कार्रवाई को गलत बताया है।
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