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सफलताः पीसीएस में छाए मुरादाबाद के मेधावी, कोई बना एसडीएम तो कोई डीएसपी

Sat, 12 Sep 2020 02:54 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 12 Sep 2020 02:54 AM IST
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The meritorious of Moradabad dominated PCS as someone became SDM and anda some DSP
चारुल यादव - फोटो : अमर उजाला

यूपी पीसीएस 2018 की फाइनल परीक्षा में  मुरादाबाद के होनहारों ने भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। एसडीएम और डीएसपी पद पर अभ्यर्थियों के चयन से परिवार में खुशी है। गोकुलदास गर्ल्स कॉलेज की असिस्टेंट प्रोफेसर आैर दो इंजीनियरों ने परीक्षा उत्तीर्ण की है।

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गोकुलदास महाविद्यालय की असिस्टेंट प्रोफेसर चारुल यादव का एसडीएम के लिए चयन हुआ है। चारुल यादव के पति अनिल कुमार यादव आईपीएस हैं। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद बतौर एएसपी मुरादाबाद में तबादला हुआ है।
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मूलरूप से गाजीपुर निवासी चारुल मई 2019 से गोकुलदास डिग्री कालेज में बतौर असिस्टेंट प्रोफेसर संस्कृत पढ़ाती हैं। गाजीपुर से प्रारंभिक पढ़ाई करने के बाद जेएनयू से पीएचडी की है। छह माह पहले ही शादी हुई है।
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आवास विकास सिविल लाइंस में रहने वाली चारुल के मुताबिक वह 2015 से सिविल सेवा की तैयारी कर रही हैं। 2016 और 2017 में सिविल सेवा में सफल नहीं हो पाईं। इसके बाद भी हिम्मत नहीं हारी और सकारात्मक सोच के साथ तैयारी जारी रखी। 2018 की परीक्षा में मेहनत से तीसरी बार सफलता हासिल कर ली। उसका चयन एसडीएम के लिए हुआ है।

 

पहली बार में ही लहराया परचम

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माता-पिता के साथ हर्षित.. - फोटो : अमर उजाला

मुरादाबाद मानसरोवर निवासी हर्षित चौहान को डीएसपी रैंक मिली है। 24 वर्षीय हर्षित चौहान ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग के बाद सिविल सर्विसेज की तैयारी की और पहली बार में ही सफलता हासिल कर परिवार और मुरादाबाद का नाम रोशन किया है। हर्षित के पिता डा. उपदेश कुमार केजीके डिग्री कालेज में गणित विभाग के एचओडी हैं। मां गृहिणी हैं। पांच भाई-बहनों में हर्षित चौथे नंबर के हैं।

हर्षित की नर्सरी से लेकर 12वीं तक पढ़ाई दिल्ली रोड स्प्रिंग फील्ड से हुई है। 2013 से 2017 तक दिल्ली आईआईटी में मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। हर्षित ने बताया कि इसके बाद सिविल सर्विसेज की तैयारी की और पहले प्रयास में ही डीएसपी रैंक में उसका चयन हुआ है। हर्षित की एक बहन आईईएस, एक बहन टीएमयू में डाक्टर, एक बहन इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन में मैनेजर हैं। जबकि छोटा भाई बीटेक कर रहा है।
 

हेड कांस्टेबल पिता ने किया प्रेरित तो बेटा बना डीएसपी

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गौरव... परिवार के साथ - फोटो : अमर उजाला

मेहनत और लगन हर हर मुकाम हासिल किया जा सकता है। आर्किटेक्चर इंजीनियर गौरव शर्मा का यूपीपीसीएस परीक्षा में डीएसपी के पद पर चयन हुआ है। गौरव के पिता शिव ओम शर्मा डॉयल 112 में हेड कांस्टेबल हैं। बेटे के डीएसपी बनते ही पिता की आंखें खुशी से छलक आईं। गौरव कहते हैं पिता की प्रेरणा से ही वह आज इस मुकाम पर हैं। 

23 बटालियन पीएससी कैंपस स्थित आवास में रहने वाला गौरव का परिवार मूल बिजनौर का रहने वाला है। गौरव ने आईआईटी रुड़की से आर्टिकेक्चर  इंजीनियरिंग की है। पुणे में छह माह की नौकरी करने के बाद गौरव ने सिविल सर्विसेज की तैयारी की। 2017 में सफलता नहीं मिली। पिता के मार्गदर्शन में गौरव ने हौसला नहीं खोया और दूसरी बार में सफलता हासिल की और डीएसपी बन गए। गौरव की सफलता से पिता की आंखें खुशी से भर आईं। गौरव की छोटी बहन है, जो दिल्ली से एमटेक कर रही है।

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