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Moradabad News: चिकित्साधीक्षक ने बीरमपुर में छापा मारकर निजी क्लीनिक किया सील
Sat, 13 Dec 2025 02:25 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
Updated Sat, 13 Dec 2025 02:25 AM IST
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बिलारी। क्षेत्र के बीरमपुर गांव में एक झोलाछाप द्वारा अपने निजी क्लीनिक पर प्रसव के लिए गर्भवती महिला को भर्ती करने की सूचना पर सीएचसी के चिकित्साधीक्षक ने छापा मारा। इस दौरान झोलाछाप और प्रसव को आई गर्भवती महिला क्लीनिक में मौजूद मिली। चिकित्साधीक्षक ने निजी क्लीनिक को तत्काल सील कर दिया।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिलारी के चिकित्साधीक्षक राजपाल सिंह जब बीरमपुर गांव में मौके पर पहुंचे तब स्वास्थ्य टीम को देखते ही महिला झोलाछाप ने खिसकने का प्रयास किया। चिकित्साधीक्षक ने पूछताछ के लिए समझा बुझाकर उसे रोक लिया। इस दौरान महिला झोलाछाप क्लीनिक संचालन का कोई वैद्य प्रमाण पत्र नहीं दिखा पाई। स्वास्थ्य टीम और महिला छोलाछाप को साथ लेकर चिकित्साधीक्षक जब क्लीनिक के अंदर गए तब वहां पर बीरमपुर गांव निवासी अशोक कुमार की गर्भवती पत्नी उपासना भर्ती मिली, जिसका प्रसव करने की तैयारी की जा रही थी। चिकित्साधीक्षक ने तत्काल निजी क्लीनिक सील कर दिया। यहां भर्ती मिली गर्भवती उपासना को 108 एम्बुलेंस से प्रसव प्रक्रिया पूरी होने के लिए राजकीय महिला अस्पताल बिलारी भेज दिया। चिकित्साधीक्षक के अनुसार महिला अस्पताल में भर्ती होने के कुछ समय बाद ही उपासना ने स्वस्थ्य बेटे को जन्म दे दिया।
उधर गर्भवती महिला को प्रसव के लिए राजकीय महिला अस्पताल पर आने की बजाए गांव के ही निजी क्लीनिक पर जाने में स्वास्थ्य विभाग बीरमपुर गांव की आशा वर्कर की भी लापरवाही मान रहा है। आशा वर्कर को यह पता होता है कि गांव में कौन महिला गर्भवती और उसका प्रसव होने का समय क्या है। चिकित्साधीक्षक डा. राजपाल सिंह ने बताया कि बीरमपुर गांव की चारों आशा वर्कर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिलारी के चिकित्साधीक्षक राजपाल सिंह जब बीरमपुर गांव में मौके पर पहुंचे तब स्वास्थ्य टीम को देखते ही महिला झोलाछाप ने खिसकने का प्रयास किया। चिकित्साधीक्षक ने पूछताछ के लिए समझा बुझाकर उसे रोक लिया। इस दौरान महिला झोलाछाप क्लीनिक संचालन का कोई वैद्य प्रमाण पत्र नहीं दिखा पाई। स्वास्थ्य टीम और महिला छोलाछाप को साथ लेकर चिकित्साधीक्षक जब क्लीनिक के अंदर गए तब वहां पर बीरमपुर गांव निवासी अशोक कुमार की गर्भवती पत्नी उपासना भर्ती मिली, जिसका प्रसव करने की तैयारी की जा रही थी। चिकित्साधीक्षक ने तत्काल निजी क्लीनिक सील कर दिया। यहां भर्ती मिली गर्भवती उपासना को 108 एम्बुलेंस से प्रसव प्रक्रिया पूरी होने के लिए राजकीय महिला अस्पताल बिलारी भेज दिया। चिकित्साधीक्षक के अनुसार महिला अस्पताल में भर्ती होने के कुछ समय बाद ही उपासना ने स्वस्थ्य बेटे को जन्म दे दिया।
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उधर गर्भवती महिला को प्रसव के लिए राजकीय महिला अस्पताल पर आने की बजाए गांव के ही निजी क्लीनिक पर जाने में स्वास्थ्य विभाग बीरमपुर गांव की आशा वर्कर की भी लापरवाही मान रहा है। आशा वर्कर को यह पता होता है कि गांव में कौन महिला गर्भवती और उसका प्रसव होने का समय क्या है। चिकित्साधीक्षक डा. राजपाल सिंह ने बताया कि बीरमपुर गांव की चारों आशा वर्कर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
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