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Moradabad News: दुकानों के फर्जी आवंटन मामले में दस लोगों से हुई पूछताछ
Wed, 30 Apr 2025 02:03 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
Updated Wed, 30 Apr 2025 02:03 AM IST
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मुरादाबाद। बिलारी क्षेत्र में समाज कल्याण विभाग की आवंटित दुकानों पर अवैध कब्जे और फर्जी आवंटन के मामले में मंगलवार को पांच सदस्यीय जांच टीम ने दस लोगों से पूछताछ की। टीम दो दिन बाद अपनी रिपोर्ट जिला समाज कल्याण अधिकारी को देगी। यह रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
जिला समाज कल्याण अधिकारी शैलेंद्र कुमार गौतम ने सिविल लाइंस पुलिस को बताया था कि बिलारी तहसील क्षेत्र में समाज कल्याण विभाग की 34 दुकानों का 1983 में आवंटन किया गया था। बिलारी के नुरुद्दीनपुर उर्फ गंज निवासी दानवीर सिंह और बिलारी के शेरपुर माधो उर्फ धनियाखेड़ा निवासी जितेंद्र ने दस जून 2020 को एसडीएम बिलारी के कार्यालय में प्रार्थनापत्र दिया था। दोनों ने बताया कि रुस्तमपुर सहसपुर की दस दुकानों का उन्हें आवंटन किया गया है, लेकिन अब तक कब्जा नहीं दिलाया गया है। एसडीएम ने नायब तहसीलदार और बिलारी थाना प्रभारी को जांच का आदेश दिया। जांच के दौरान तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी ने पत्र के जरिए बताया कि दुकानों का कोई भी पुन: आवंटन नहीं किया गया है।
दान वीर सिंह द्वारा उपलब्ध कराए गए आवंटन पत्र पर किसी डाक डिस्पैच पंजिका में उपलब्ध नहीं है। आवंटन पर तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी सुधीर कुमार के हस्ताक्षर थे, जिससे यह पता चला कि फर्जी आवंटन पत्र तैयार किए गए हैं।
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दानवीर सिंह, जितेंद्र कुमार के अलावा बिलारी के रुस्तमनगर सहसपुर निवासी आंचल, राकेश कुमार, बिलारी के नुरुद्दीनपुर उर्फ गंज निवासी गवेंद्र सिंह, धर्मेंद्र, जितेंद्र कुमार, मोनी सागर, हरभजन, राजा राम, धनिया खेड़ा निवासी राजकिशोर ने फर्जी आवंटन पत्र प्रस्तुत किए।
इस मामले की जानकारी डीएम को दी गई। डीएम ने कार्रवाई के आदेश दिए। जांच में यह भी पता चला कि तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी 16 अगस्त 2019 से लेकर 31 मार्च 2020 तक तैनात रहे। इसी बीच दुकानों के फर्जी आवंटन पत्र तैयार किए गए। इस मामले में विभाग के चार कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई। इस मामले में पुलिस ने 15 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस मुकदमे की विवेचना कर रही है।
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जिला समाज कल्याण अधिकारी शैलेंद्र कुमार गौतम ने सिविल लाइंस पुलिस को बताया था कि बिलारी तहसील क्षेत्र में समाज कल्याण विभाग की 34 दुकानों का 1983 में आवंटन किया गया था। बिलारी के नुरुद्दीनपुर उर्फ गंज निवासी दानवीर सिंह और बिलारी के शेरपुर माधो उर्फ धनियाखेड़ा निवासी जितेंद्र ने दस जून 2020 को एसडीएम बिलारी के कार्यालय में प्रार्थनापत्र दिया था। दोनों ने बताया कि रुस्तमपुर सहसपुर की दस दुकानों का उन्हें आवंटन किया गया है, लेकिन अब तक कब्जा नहीं दिलाया गया है। एसडीएम ने नायब तहसीलदार और बिलारी थाना प्रभारी को जांच का आदेश दिया। जांच के दौरान तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी ने पत्र के जरिए बताया कि दुकानों का कोई भी पुन: आवंटन नहीं किया गया है।
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दान वीर सिंह द्वारा उपलब्ध कराए गए आवंटन पत्र पर किसी डाक डिस्पैच पंजिका में उपलब्ध नहीं है। आवंटन पर तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी सुधीर कुमार के हस्ताक्षर थे, जिससे यह पता चला कि फर्जी आवंटन पत्र तैयार किए गए हैं।
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दानवीर सिंह, जितेंद्र कुमार के अलावा बिलारी के रुस्तमनगर सहसपुर निवासी आंचल, राकेश कुमार, बिलारी के नुरुद्दीनपुर उर्फ गंज निवासी गवेंद्र सिंह, धर्मेंद्र, जितेंद्र कुमार, मोनी सागर, हरभजन, राजा राम, धनिया खेड़ा निवासी राजकिशोर ने फर्जी आवंटन पत्र प्रस्तुत किए।
इस मामले की जानकारी डीएम को दी गई। डीएम ने कार्रवाई के आदेश दिए। जांच में यह भी पता चला कि तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी 16 अगस्त 2019 से लेकर 31 मार्च 2020 तक तैनात रहे। इसी बीच दुकानों के फर्जी आवंटन पत्र तैयार किए गए। इस मामले में विभाग के चार कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई। इस मामले में पुलिस ने 15 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस मुकदमे की विवेचना कर रही है।