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सीए के मोबाइल का लाॅक तो खुलवा नहीं पाई, हत्या का खुलासा कैसे होगा
Sat, 11 Mar 2023 05:23 PM IST
ranjeett ranjeett
अमर उजाला ब्यूरो मुरादाबाद
अमर उजाला ब्यूरो मुरादाबाद
Published by: ranjeett ranjeett
Updated Sat, 11 Mar 2023 05:23 PM IST
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मुरादाबाद। किसी भी घटना को खोलने या उससे जुड़े क्लू तलाशने में मोबाइल अहम कड़ी मानी जाती है लेकिन पुलिस अब तक सीए श्वेताभ तिवारी के मोबाइल का लॉक तक नहीं खुलवा सकी। पुलिस ने मोबाइल कंपनी से संपर्क तो किया लेकिन कंपनी ने गाइड लाइंस के विपरीत जाकर लॉक खोलने से इनकार कर दिया है।
सिविल लाइंस के साईं गार्डन निवासी श्वेताभ तिवारी का दिल्ली रोड स्थित बंसल कॉम्पलेक्स में श्वेताभ एंड एसोसिएट्स चार्टर्ड अकाउंटेंट नाम से दफ्तर है। 15 फरवरी की रात करीब नौ बजे श्वेेताभ तिवारी अपने दफ्तर के बाहर फोन पर बात कर रहे थे जबकि उनके पार्टनर और पड़ोसी अखिल अग्रवाल करीब 40 मीटर दूर पार्किंग स्थल में खड़ी कार में बैठे फोन पर अपने बेटे से बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान बाइक सवार शूटर आए और गोलियां बरसाकर श्वेताभ तिवारी को मौत के घाट उतारकर भाग गए थे।
इसके बाद से पुलिस टीमें और एसटीएफ हत्याकांड के खुलासे पर काम कर रही है। मुरादाबाद के अलावा आस पड़ोस के जनपदों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा चुकी है। सीए के कर्मचारी, पार्टनर, क्लाइंट समेत अन्य करीबी लोगों के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगालने के साथ ही उनसे पूछताछ भी कर चुकी है।
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इसके अलावा पुलिस टीमें उत्तराखंड, दिल्ली नोएडा में भी जाकर जांच पड़ताल कर चुकी हैं। पुलिस को मौके पर ही सीए का मोबाइल मिला था। जिसमें लॉक लगा होने के कारण पुलिस मोबाइल में कुछ देख नहीं सकी है। लॉक खोलने के लिए मोबाइल कंपनी से संपर्क भी किया गया लेकिन कंपनी की ओर से लॉक खोलने से इनकार कर दिया है। एसएसपी हेमराज मीना ने बताया कि केस पर टीमें लगातार काम कर रही हैं। अब तक कोई लाइन साफ नहीं हो सकी है।
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सिविल लाइंस के साईं गार्डन निवासी श्वेताभ तिवारी का दिल्ली रोड स्थित बंसल कॉम्पलेक्स में श्वेताभ एंड एसोसिएट्स चार्टर्ड अकाउंटेंट नाम से दफ्तर है। 15 फरवरी की रात करीब नौ बजे श्वेेताभ तिवारी अपने दफ्तर के बाहर फोन पर बात कर रहे थे जबकि उनके पार्टनर और पड़ोसी अखिल अग्रवाल करीब 40 मीटर दूर पार्किंग स्थल में खड़ी कार में बैठे फोन पर अपने बेटे से बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान बाइक सवार शूटर आए और गोलियां बरसाकर श्वेताभ तिवारी को मौत के घाट उतारकर भाग गए थे।
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इसके बाद से पुलिस टीमें और एसटीएफ हत्याकांड के खुलासे पर काम कर रही है। मुरादाबाद के अलावा आस पड़ोस के जनपदों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा चुकी है। सीए के कर्मचारी, पार्टनर, क्लाइंट समेत अन्य करीबी लोगों के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगालने के साथ ही उनसे पूछताछ भी कर चुकी है।
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इसके अलावा पुलिस टीमें उत्तराखंड, दिल्ली नोएडा में भी जाकर जांच पड़ताल कर चुकी हैं। पुलिस को मौके पर ही सीए का मोबाइल मिला था। जिसमें लॉक लगा होने के कारण पुलिस मोबाइल में कुछ देख नहीं सकी है। लॉक खोलने के लिए मोबाइल कंपनी से संपर्क भी किया गया लेकिन कंपनी की ओर से लॉक खोलने से इनकार कर दिया है। एसएसपी हेमराज मीना ने बताया कि केस पर टीमें लगातार काम कर रही हैं। अब तक कोई लाइन साफ नहीं हो सकी है।