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Moradabad News: दावेदारों की सदस्यता को आज अभिलेखों की कसौटी पर परखेगी अंतरिम समिति
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मुरादाबाद। मायानगर सहकारी समिति में करोड़ों के फ्लैट लेने के लिए सदस्यता में हेराफेरी करने की चल रही जांच प्रक्रिया में अब मौजूदा अंतरिम प्रबंधन वास्तविकता की कसौटी पर सदस्यों को परखेगा। इसके लिए बृहस्पतिवार को सर्किट हाउस में सुबह 11 बजे एक खुली बैठक बुलाई गई है, जिसमें अभिलेखीय साक्ष्य प्रस्तुत करके अपनी सदस्यता के दावों को साबित करना होगा।
मायानगर सहकारी समिति का पंजीकरण वर्ष 1975 का है। अब तक अभिलेखों में कुल 1058 सदस्य हैं। समिति के पास कुल 245 फ्लैट हैं, इनमें 179 आवंटित हैं, 66 खाली हैं, हालांकि अभी कोई भी फ्लैट पूर्ण नहीं है। तीन टावरों में बने फ्लैट 80 से 90 प्रतिशत तक बन चुके हैं। अंतरिम कमेटी के अनुसार इसमें राजनेता सहित 14 ऐसे लोग भी सामने आए हैं, जिन्होंने समिति के पास दो करोड़ से अधिक रुपये जमा किए हैं, जो समिति के सदस्य नहीं है। समिति ने यह धन एक फर्म को हस्तांतरित भी किया है। अंतरिम प्रबंध कमेटी के पदाधिकारियों ने बताया कि जांच में समिति के सदस्यता रजिस्टर में मूल सदस्यों के नाम पर फ्लूड लगाकर, काटकर व ओवरराइट करके उनकी सदस्यता को उपविधियों के विपरीत हस्तांतरित किया गया है। अभिलेखोें में हेराफेरी के भी साक्ष्य मिल हैं। जिससे बिना मूल सदस्यों की अनुमति के समिति की संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने की आशंका है।
अंतरिम प्रबंध कमेटी के सचिव अनिल कुमार त्रिपाठी ने बताया कि वास्तविक सदस्यता को साबित करने के लिए दो अप्रैल को सर्किट हाउस में सुबह 11 बजे एक जांच बैठक की जाएगी, जिसमें मूल सदस्य व हस्तांतरित सदस्य अपनी सदस्यता व आवंटन दावों से संबंधित अभिलेख प्रस्तुत कर सकते हैं, जिससे नियमानुसार उनके दावों का अभिलेखीय आधार पर परीक्षण किया जाएगा।
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मायानगर सहकारी समिति का पंजीकरण वर्ष 1975 का है। अब तक अभिलेखों में कुल 1058 सदस्य हैं। समिति के पास कुल 245 फ्लैट हैं, इनमें 179 आवंटित हैं, 66 खाली हैं, हालांकि अभी कोई भी फ्लैट पूर्ण नहीं है। तीन टावरों में बने फ्लैट 80 से 90 प्रतिशत तक बन चुके हैं। अंतरिम कमेटी के अनुसार इसमें राजनेता सहित 14 ऐसे लोग भी सामने आए हैं, जिन्होंने समिति के पास दो करोड़ से अधिक रुपये जमा किए हैं, जो समिति के सदस्य नहीं है। समिति ने यह धन एक फर्म को हस्तांतरित भी किया है। अंतरिम प्रबंध कमेटी के पदाधिकारियों ने बताया कि जांच में समिति के सदस्यता रजिस्टर में मूल सदस्यों के नाम पर फ्लूड लगाकर, काटकर व ओवरराइट करके उनकी सदस्यता को उपविधियों के विपरीत हस्तांतरित किया गया है। अभिलेखोें में हेराफेरी के भी साक्ष्य मिल हैं। जिससे बिना मूल सदस्यों की अनुमति के समिति की संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने की आशंका है।
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अंतरिम प्रबंध कमेटी के सचिव अनिल कुमार त्रिपाठी ने बताया कि वास्तविक सदस्यता को साबित करने के लिए दो अप्रैल को सर्किट हाउस में सुबह 11 बजे एक जांच बैठक की जाएगी, जिसमें मूल सदस्य व हस्तांतरित सदस्य अपनी सदस्यता व आवंटन दावों से संबंधित अभिलेख प्रस्तुत कर सकते हैं, जिससे नियमानुसार उनके दावों का अभिलेखीय आधार पर परीक्षण किया जाएगा।
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