{"_id":"69f11da9c299fcacbc0ac4d5","slug":"the-incomplete-jal-jeevan-mission-scheme-will-not-quench-the-thirst-of-summer-bilari-news-c-307-1-smbd1005-106591-2026-04-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Moradabad News: अधूरी जल जीवन मिशन योजना से नहीं बुझ पाएगी गर्मी की प्यास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Moradabad News: अधूरी जल जीवन मिशन योजना से नहीं बुझ पाएगी गर्मी की प्यास
विज्ञापन
मुरादाबाद। जल जीवन मिशन का कार्य अधूरा होने से लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस योजना की शुरुआत जोर-शोर से तो हुई लेकिन अंजाम तक पहुंचाने की कोई सुगबुगाहट नजर नहीं आ रही है। ग्रामीण क्षेत्र में कहीं दो तो कहीं तीन वर्षों से कम अधर में है। कहीं बोरिंग कराकर छोड़ दिया गया तो कहीं पाइपलाइन बिछाई पर पानी नहीं पहुंचा। इस बार पड़ रही अप्रत्याशित गर्मी में ग्रामीणों को पानी की ज्यादा जरूरत पड़ेगी लेकिन विभागीय उदासीनता के कारण इस गर्मी अधूरी योजना लोगों की प्यास नहीं बुझा पाएगी। संवाद
-- -- -- -- -- -- -- -
फरीदनगर में तीन वर्ष बाद भी नहीं मिला ग्रामीणों को साफ पानी, योजना के नाम पर खड़ा है अधूरा टैंक और बोरिंग
ठाकुरद्वारा। 12 हजार की आबादी वाले गांव फरीदनगर में तीन वर्ष बाद भी जल जीवन मिशन योजना का काम अधूरा है। ओवरहेड टैंक गांव की आबादी से करीब दो किमी दूर बनाया जा रहा है। पास में बोरिंग है। अभी तक गांव में पानी की आपूर्ति के लिए न तो पाइपलाइन बिछाई गई है और न ही घरों में कनेक्शन दिए गए हैं। करीब एक वर्ष पूर्व योजना पर काम कर रही कंपनी अपना सामान समेटकर गांव से चली गई है। गांव के मुन्नू सिंह का कहना है कि अधूरे टैंक को देखकर काफी निराशा है। गांव के ऋषिपाल सिंह का कहना है कि उन्हें इस योजना में गड़बड़ी नजर आ रही है उसकी जांच करवाई जाए। गांव के पूर्व प्रधान शेर मोहम्मद ने बताया कि गांव में न तो पाइपलाइन डाली गई है और नहीं घरों में कनेक्शन दिए गए हैं। योजना शुरू होने से पहले तीन वर्ष पूर्व कंपनी के इंजीनियर ने अपनी टीम के साथ पूरे गांव का निरीक्षण किया था। ग्रामीणों को शीघ्र गांव में पाइपलाइन बिछाने और कनेक्शन देने का आश्वासन दिया था लेकिन अचानक कंपनी के ठेकेदार अपना सामान लेकर यहां से चले गए हैं। गांव की प्रधान खातून बेगम और उनके पति अतीक अहमद ने बताया कि यहां काम करने वाले कंपनी के ठेकेदार ने उन्हें संबंधित विभाग से काम का भुगतान न होने के कारण काम करना बंद करने की जानकारी दी थी। उन्होंने डीएम और एसडीएम से करीब छह माह पूर्व शिकायत कर अधूरे काम को पूरा कराने की मांग की थी थी लेकिन अभी तक योजना पर काम आगे नहीं बढ़ सका है। उन्होंने शासन प्रशासन से योजना के अधूरे काम को पूरा करने की मांग की है। संवाद
-- -- -- -- -- -- -- -- -- --
तीन साल बाद भी शुरू नहीं हो पाया ओवरहेड टैंक का निर्माण
बिलारी। ब्लॉक के चांदपुर गनेश गांव में तीन वर्ष बाद भी ओवरहेड टैंक का निर्माण शुरू नहीं हो पाया। ऐसी स्थिति में ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। चांदपुर गनेश गांव की आबादी के पूरब में स्थित परिषदीय स्कूल के निकट खाली पड़ी भूमि का चयन जलनिगम द्वारा नलकूप और ओवरहेड टैंक बनाने के लिए किया गया। यहां बोरिंग कराने के बाद नलकूप बना दिया गया तथा बिजली न होने की स्थिति में नलकूप संचालन के लिए सोलर प्लांट भी लगवा दिया गया। नलकूप के निकट टैंक बनाने के लिए भूमि का चिन्हीकरण तो हो गया लेकिन तीन साल बीत जाने के बाद भी ओवरहेड टैंक का निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। चांदपुर गनेश गांव की प्रधान अतीका बेगम के पति खलील अहमद ने बताया कि अधिकारियों से मांग करने के बाद बावजूद अभी तक ओवरहेड टैंक का निर्माण शुरू नहीं हो पा रहा है। ग्राम चौकीदार द्वारा गांव में किसी शादी समारोह के मौके पर नलकूप चलाकर भूमिगत वाटर पाइप लाइन से सीधे पानी की जलापूर्ति शुरू की जाती है तब अनेक स्थानों पर फटी हुई पाइप लाइन से पानी बाहर फैल जाता है और पाइप लाइन की नाली से गंदा पानी पाइप लाइन में आ जाने के बाद नलकूप का पानी पीने लायक नहीं रह जाता है। संवाद
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- -- --
छजलैट ब्लॉक के डूडैला में न टैंक बना और न ही घरों में पहुंचा पानी
कांठ। छजलैट ब्लॉक के दुम्हैला खालसा और डूडैला के ग्रामीणों को पीने का साफ पानी देने के लिए वर्ष 2023 में 178.63 लाख की लागत से काम शुरू हुआ था। गांव में वाटर पाइप लाइन बिछाने के साथ नलकूप किया मगर इसका कमरा अधूरा छोड़ दिया गया। ओवरहेड टैंक के पिलर तो बनाए गए मगर टैंक का निर्माण नहीं किया गया। बिजली का कनेक्शन भी है। अब पिछले एक साल से यहां काम बंद है। मंगलवार को गांव के महेंद्र सिंह, मंगू सिंह और श्योवीर सिंह ने बताया कि कुछ घरों में पानी की टोंटी के लिए पाइप खड़े किए गए। मगर घरों तक पानी नहीं पहुंचा है। ग्रामीणों ने बताया कि एक साल पहले मिशन का काम अधूरा छोड़ दिया गया था, तभी से यहां काम बंद है। उनका कहना है कि गर्मी के मौसम में पानी की जरूरत बढ़ी है। अधूरे कार्य को पूरा कर पानी की आपूर्ति की जानी चाहिए। संवाद
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --
ओवरहेड टैंक भी अधर में छोड़ा, पाइप लाइन बिछाई
कुंदरकी। ब्लॉक की ग्राम पंचायत चांदपुर मंगोल पर करीब तीन साल पहले हर घर जल पहुंचने के लिए ओवरहेड वाटर टैंक, नलकूप और भूमिगत वाटर पाइप लाइन बिछाने का कार्य शुरू हुआ था। शुरूआती दौर में निर्माण कार्य तेजी से चला, जिसके चलते नलकूप बन गया। साथ ही चांदपुर मंगोल और उसके मजरा मौसमपुर में भूमिगत वाटर पाइप लाइन बिछाकर टेस्टिंग की गई थी लेकिन ओवरहेड वाटर टैंक अधूरा खड़ा है और नलकूप और उसके आसपास उपले थापे जा रहे हैं। गांव के रफीक, अजय और सतीश का कहना कि दो साल से निर्माण कार्य रूक हुआ, जिससे ग्रामीण परेशान है, साथ ही ओवरहेड टैंक का कार्य आपूर्ण हालत में छोड़ दिया गया और आज तक पेयजल आपूर्ति सुचारू नहीं हो गई है। संवाद
विज्ञापन
फरीदनगर में तीन वर्ष बाद भी नहीं मिला ग्रामीणों को साफ पानी, योजना के नाम पर खड़ा है अधूरा टैंक और बोरिंग
ठाकुरद्वारा। 12 हजार की आबादी वाले गांव फरीदनगर में तीन वर्ष बाद भी जल जीवन मिशन योजना का काम अधूरा है। ओवरहेड टैंक गांव की आबादी से करीब दो किमी दूर बनाया जा रहा है। पास में बोरिंग है। अभी तक गांव में पानी की आपूर्ति के लिए न तो पाइपलाइन बिछाई गई है और न ही घरों में कनेक्शन दिए गए हैं। करीब एक वर्ष पूर्व योजना पर काम कर रही कंपनी अपना सामान समेटकर गांव से चली गई है। गांव के मुन्नू सिंह का कहना है कि अधूरे टैंक को देखकर काफी निराशा है। गांव के ऋषिपाल सिंह का कहना है कि उन्हें इस योजना में गड़बड़ी नजर आ रही है उसकी जांच करवाई जाए। गांव के पूर्व प्रधान शेर मोहम्मद ने बताया कि गांव में न तो पाइपलाइन डाली गई है और नहीं घरों में कनेक्शन दिए गए हैं। योजना शुरू होने से पहले तीन वर्ष पूर्व कंपनी के इंजीनियर ने अपनी टीम के साथ पूरे गांव का निरीक्षण किया था। ग्रामीणों को शीघ्र गांव में पाइपलाइन बिछाने और कनेक्शन देने का आश्वासन दिया था लेकिन अचानक कंपनी के ठेकेदार अपना सामान लेकर यहां से चले गए हैं। गांव की प्रधान खातून बेगम और उनके पति अतीक अहमद ने बताया कि यहां काम करने वाले कंपनी के ठेकेदार ने उन्हें संबंधित विभाग से काम का भुगतान न होने के कारण काम करना बंद करने की जानकारी दी थी। उन्होंने डीएम और एसडीएम से करीब छह माह पूर्व शिकायत कर अधूरे काम को पूरा कराने की मांग की थी थी लेकिन अभी तक योजना पर काम आगे नहीं बढ़ सका है। उन्होंने शासन प्रशासन से योजना के अधूरे काम को पूरा करने की मांग की है। संवाद
विज्ञापन
तीन साल बाद भी शुरू नहीं हो पाया ओवरहेड टैंक का निर्माण
बिलारी। ब्लॉक के चांदपुर गनेश गांव में तीन वर्ष बाद भी ओवरहेड टैंक का निर्माण शुरू नहीं हो पाया। ऐसी स्थिति में ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। चांदपुर गनेश गांव की आबादी के पूरब में स्थित परिषदीय स्कूल के निकट खाली पड़ी भूमि का चयन जलनिगम द्वारा नलकूप और ओवरहेड टैंक बनाने के लिए किया गया। यहां बोरिंग कराने के बाद नलकूप बना दिया गया तथा बिजली न होने की स्थिति में नलकूप संचालन के लिए सोलर प्लांट भी लगवा दिया गया। नलकूप के निकट टैंक बनाने के लिए भूमि का चिन्हीकरण तो हो गया लेकिन तीन साल बीत जाने के बाद भी ओवरहेड टैंक का निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। चांदपुर गनेश गांव की प्रधान अतीका बेगम के पति खलील अहमद ने बताया कि अधिकारियों से मांग करने के बाद बावजूद अभी तक ओवरहेड टैंक का निर्माण शुरू नहीं हो पा रहा है। ग्राम चौकीदार द्वारा गांव में किसी शादी समारोह के मौके पर नलकूप चलाकर भूमिगत वाटर पाइप लाइन से सीधे पानी की जलापूर्ति शुरू की जाती है तब अनेक स्थानों पर फटी हुई पाइप लाइन से पानी बाहर फैल जाता है और पाइप लाइन की नाली से गंदा पानी पाइप लाइन में आ जाने के बाद नलकूप का पानी पीने लायक नहीं रह जाता है। संवाद
विज्ञापन
छजलैट ब्लॉक के डूडैला में न टैंक बना और न ही घरों में पहुंचा पानी
कांठ। छजलैट ब्लॉक के दुम्हैला खालसा और डूडैला के ग्रामीणों को पीने का साफ पानी देने के लिए वर्ष 2023 में 178.63 लाख की लागत से काम शुरू हुआ था। गांव में वाटर पाइप लाइन बिछाने के साथ नलकूप किया मगर इसका कमरा अधूरा छोड़ दिया गया। ओवरहेड टैंक के पिलर तो बनाए गए मगर टैंक का निर्माण नहीं किया गया। बिजली का कनेक्शन भी है। अब पिछले एक साल से यहां काम बंद है। मंगलवार को गांव के महेंद्र सिंह, मंगू सिंह और श्योवीर सिंह ने बताया कि कुछ घरों में पानी की टोंटी के लिए पाइप खड़े किए गए। मगर घरों तक पानी नहीं पहुंचा है। ग्रामीणों ने बताया कि एक साल पहले मिशन का काम अधूरा छोड़ दिया गया था, तभी से यहां काम बंद है। उनका कहना है कि गर्मी के मौसम में पानी की जरूरत बढ़ी है। अधूरे कार्य को पूरा कर पानी की आपूर्ति की जानी चाहिए। संवाद
ओवरहेड टैंक भी अधर में छोड़ा, पाइप लाइन बिछाई
कुंदरकी। ब्लॉक की ग्राम पंचायत चांदपुर मंगोल पर करीब तीन साल पहले हर घर जल पहुंचने के लिए ओवरहेड वाटर टैंक, नलकूप और भूमिगत वाटर पाइप लाइन बिछाने का कार्य शुरू हुआ था। शुरूआती दौर में निर्माण कार्य तेजी से चला, जिसके चलते नलकूप बन गया। साथ ही चांदपुर मंगोल और उसके मजरा मौसमपुर में भूमिगत वाटर पाइप लाइन बिछाकर टेस्टिंग की गई थी लेकिन ओवरहेड वाटर टैंक अधूरा खड़ा है और नलकूप और उसके आसपास उपले थापे जा रहे हैं। गांव के रफीक, अजय और सतीश का कहना कि दो साल से निर्माण कार्य रूक हुआ, जिससे ग्रामीण परेशान है, साथ ही ओवरहेड टैंक का कार्य आपूर्ण हालत में छोड़ दिया गया और आज तक पेयजल आपूर्ति सुचारू नहीं हो गई है। संवाद