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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   The fight over the statue of Major Dhyanchand has intensified, both the parties will meet the commissioner today

Moradabad News: मेजर ध्यानचंद की प्रतिमा पर घमासान तेज, आज कमिश्नर से मिलेंगे दोनों पक्ष

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 26 May 2025 12:59 AM IST
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The fight over the statue of Major Dhyanchand has intensified, both the parties will meet the commissioner today
मुरादाबाद। जीआईसी चौक पर महान हाॅकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की प्रतिमा लगने से पहले ही शुरू हुआ घमासान और तेज हो गया है। सूफी अंबा प्रसाद स्मारक समिति के पदाधिकारी वहां महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सूफी अंबा प्रसाद की प्रतिमा स्थापित करने की मांग कर रहे हैं। इसके लिए वह सोमवार को कमिश्नर से मुलाकात करेंगे। वहीं जिला हॉकी संघ के पदाधिकारी चौक पर मेजर ध्यानचंद की प्रतिमा की स्थापना की मांग को लेकर मंडलायुक्त को ज्ञापन सौंपेंगे। दोनों पक्ष अपने समर्थन में तरह-तरह के दावे भी कर रहे हैं।
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सूफी अंबा प्रसाद स्मारक समिति के कार्यकारी अध्यक्ष विनीत भटनागर ने दावा किया कि 1997 में महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सूफी अंबा प्रसाद के नाम से मार्ग और बाद में जीआईसी चौक का नाम सूफी अंबा प्रसाद चौक रखने का प्रस्ताव पास हो चुका है। लिहाजा इस चौक पर सूफी अंबा प्रसाद की प्रतिमा स्थापित करने की उनका संगठन मांग कर रहा है। उन्होंने बताया कि सोमवार को उनकी समिति के पदाधिकारी मंडलायुक्त से मुलाकात करेंगे और ज्ञापन सौंपेंगे।
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वहीं हॉकी संघ के जिला सचिव इकबाल खां का कहना है कि यह चौक काफी पहले से जीआईसी चौक के रूप में पास है। नगर निगम प्रशासन द्वारा इस नाम का लगाया गया पत्थर आज भी उस पर लगा है। 2015 में तत्कालीन महापौर बीना अग्रवाल ने जीआईसी चौक पर आठ पीतल की हॉकी और बॉल लगवाई थीं। 2021-22 में जब चौक से हॉकी चोरी हुई थी तब महापौर विनोद अग्रवाल ने हॉकी एसोसिएशन के पदाधिकारियों को जल्द ही उससे भी भव्य स्मृति चिह्न जीआईसी चौक पर लगाने का आश्वासन दिया था।
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जीआईसी ग्राउंड ने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी देश को दिए हैं। लिहाजा हॉकी संघ सोमवार को मंडलायुक्त और नगर आयुक्त से मुलाकात कर जीआईसी चौक पर पीतल की हॉकी और मेजर ध्यानचंद की प्रतिमा लगाने की मांग करेगा।
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(फोटो)
नगर निगम बोर्ड की बैठक में 1997 में तत्कालीन महापौर हुमायूं कदीर के समय मार्ग का नाम सर्वसम्मति से सूफी अंबा प्रसाद मार्ग रखा गया था। बाद में जीआईसी चौक का नाम भी सूफी अंबा प्रसाद चौैक रखा जा चुका है। हमारे लिए सूफी अंबा प्रसाद और मेजर ध्यानचंद दोनों आदर्श हैं। बोर्ड में प्रस्ताव आने पर मेजर ध्यानचंद जी की प्रतिमा का प्रस्ताव भी उचित स्थान के लिए पास कराया जाएगा। - विनोद अग्रवाल, महापौर

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(फोटो)
नगर निगम बोर्ड में 1995 से लेकर 2023 तक मैं लगातार पार्षद रहा हूं। कार्यकारिणी सदस्य भी रहा हूं। 1997 में सूफी अंबा प्रसाद छापाखाना से लेकर जीआईसी तक के मार्ग को सूफी अंबा प्रसाद मार्ग घोषित करने का प्रस्ताव पास हुआ था। यह कहना गलत है कि बाद में जीआईसी चौक को सूफी अंबा प्रसाद चौक घोषित किया गया। - सलीम वारसी, पूर्व पार्षद, नगर निगम
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