रूस और यूक्रेन के बीच बीते कई दिनों से युद्ध की आशंका बनी हुई है। ऐसे में भारत ने भी अपने नागरिकों और छात्रों को यूक्रेन से वापस लौटने की एडवाइजरी जारी की है। वहां पढ़ाई कर रहे देशभर के हजारों छात्रों में अमरोहा निवासी शाह आलम भी शामिल है। वहां एमबीबीएस कर रहे छात्र के परिजन चिंतित है। वह बेटे से लगातार संपर्क कर कुशलक्षेम पूछ रहे हैं। परिजनों की छात्र से हुई बातचीत के दौरान उसने खुद को सुरक्षित स्थान पर होना बताया है। छात्र के मुताबिक हालातों को देखते हुए यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने परिजनों के बुलावे पर स्वदेश लौटने की इजाजत भी दी है।
अमरोहा के रहने वाले डॉ.जमशेद कमाल आईएम इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य हैं। उनके बेटे शाह कमाल यूक्रेन में विन्नित्सिया नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस कर रहे हैं। डॉ.जमशेद कमाल के मुताबिक कोरोना संक्रमण के चलते सेशन देरी से शुरू हुआ था, इसलिए शाह कमाल चार दिसंबर को यूक्रेन गए थे। उन्होंने बताया कि जब से यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध की आशंका बनी है और भारतीय दूतावास ने एडवाइजरी जारी कर यूक्रेन में पढ़ रहे विद्यार्थियों को स्वदेश लौटने के लिए कहा है। तभी से वह शाह आलम से संपर्क में है। उन्होंने बताया कि शाह आलम का कहना है वह विन्नित्सिया में रहते हैं, ये स्थान सुरक्षित है, लेकिन हालातों को देखते हुए यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने छात्रों को अपने वतन लौटने की अनुमति दे दी है। डॉ.जमशेद ने कहा कि भारत सरकार और दूतावास पर पूरा भरोसा है कि कोरोना महामारी के समय में लोगों को दूसरे देशों से सुरक्षित निकाला था। वैसे ही यूक्रेन में हालात बिगड़ने से पहले बच्चों को सुरक्षित वापस लाया जाएगा। किसी भी हालात में युद्ध टल जाए और सभी बच्चे सुरक्षित रहें, सलामत रहें यही दुआ है।