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Moradabad News: दीक्षांत समारोह में गूंजी पीतलनगरी की बेटियाें की ख्याति
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मुरादाबाद। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में मुरादाबाद की बेटियों की मेधा की गूंज रही। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल व झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार के हाथों मेडल व उपाधि पाकर न सिर्फ छात्राओं के चेहरे खिल गए, बल्कि उनके माता-पिता भी गौरवान्वित हुए। छात्राओं का कहना है कि सफलता ने अब भविष्य के लिए जिम्मेदारियां बढ़ा दी हैं।
सहेलियों को बताया-मेरी बेटी ने यूनिवर्सिटी टॉप की है
दिगंबर जैन कॉलेज ऑफ एजूकेशन की बीएड की छात्रा और आशियाना निवासी नमिता सिंह ने बताया कि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने प्रमाणपत्र और डिग्री प्रदान की। खुद पर भरोसा था, लेकिन इस तरह की सफलता के बारे में नहीं सोचा था। मंच पर आनंदीबेन पटेल ने कहा कि बधाई हो बेटा। यह सुनकर उन्हें बहुत खुशी हुई। इस दौरान पिता नरेश सिंह और मां शशिबाला साथ थीं। सम्मान मिलने के बाद उन्होंने संकल्प लिया है कि अब उन्हें मां की तरह शिक्षक ही बनना है। मां शशिबाला का कहना है कि उन्होंने स्कूल में सभी को बताया कि उनकी बेटी ने यूनिवर्सिटी टॉप किया है। सभी ने उन्हें शुभकामनाएं दीं।
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मजबूत हुआ शिक्षक बनने का भरोसा
हिंदू कॉलेज की राजनीति विज्ञान की छात्रा अश्वनी चौधरी ने बताया कि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के हाथाें मेडल और डिग्री पाकर बहुत गौरवान्वित महसूस कर रही हूं। राज्यपाल ने कहा कि सब लोग यूपीएससी की तैयारी करो और अच्छे पदों पर जाओ। सम्मान मिलने के बाद अब मुझे लग रहा है कि मैं अच्छा कर सकती हूं। मेरा शिक्षक बनने का भरोसा मजबूत हुआ है। मैंने पुलिस विभाग दूसरे विकल्प के तौर पर ज्वाइन किया था। शिक्षक भर्ती परीक्षा के लिए प्रशिक्षण के दौरान भी मैं प्रतिदिन तीन घंटे पढ़ती हूं, ताकि एकदम से मुझे बोझ महसूस न हो। अश्वनी के साथ गईं उनकी मम्मी मंजू देवी ने कहा कि बेटी ने एक बार फिर हमारा सिर ऊंचा कर दिया।
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प्रतिकूल परिस्थितियों के धैर्य का परिणाम है यह सफलता
हिंदू कॉलेज की संस्कृत विषय की छात्रा हर्षी ने बताया कि मम्मी अनीता देवी और पापा दिनेश कुमार के सामने राज्यपाल के हाथों मेडल मिलना उनके जीवन की सबसे बड़ी खुशी है। पापा ने मेडल देखते ही कहा कि शाबाश! ऐसा पल दोबारा देखने की इच्छा है। अपनी खुशी को व्यक्त करने के लिए शब्द नहीं मिल रहे हैं। शिक्षक डॉ. सुमेधा आर्य ने उनका बहुत साथ दिया है। हर्षी के पिता दिनेश कुमार ने कहा कि पढ़ाई के दौरान हर्षी के सामने कई बार प्रतिकूल परिस्थितियां आईं। आर्थिक चुनौतियों की वजह से पढ़ाई में भी परेशानी हुई, लेकिन बेटी ने धैर्य रखा और परिश्रम करती रही। यह सफलता उसी का परिणाम है।
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आगे के लिए करने पड़ेंगे गंभीर प्रयास
हिंदू कॉलेज की संस्कृत विषय की छात्रा ख्याति ने बताया कि राज्यपाल के हाथों स्वर्ण पदक मिलना एक सपने के पूरे होने जैसा है। बहुत खुशी हो रही है। अब आगे लक्ष्य के लिए जिम्मेदारी बढ़ गई हैं। वह अकेले ही दीक्षांत समारोह में गई थीं। वहां उन्हें महसूस हुआ कि इस खुशी को साझा करने के लिए उनके माता-पिता भी वहां होते। अब उनका लक्ष्य संस्कृत विषय में ही पीएचडी करने का है।
पापा बोले, बेटी की सफलता ने दिखाया गौरवमयी पल
हिंदू कॉलेज की उर्दू की छात्रा सबा नाज ने बताया कि जब राज्यपाल मेडल पहना रही थीं तो वह उनका उत्साहवर्धन भी कर रहीं थीं। उन्होंने कहा कि यह ऐसी शिक्षा होनी चाहिए जिसमें देशभक्ति हो, चाहे अंक कम आ जाएं। मेडल मिलने के बाद उनके पापा मोहम्मद नईम और मां अफरोज जहां ने कहा कि उन्होंने अपनी बेटियों को पढ़ाया है, इसलिए आज वह दीक्षांत समारोह में हैं। सबा ने कहा कि अभी तक का सफर इतना मुश्किल नहीं था, लेकिन गोल्ड मेडल मिलने के बाद खुद को साबित करना ज्यादा चुनौतीपूर्ण है।
इन छात्राओं को मिले मेडल
छात्रा कॉलेज
नमिता सिंह दिगंबर जैन कॉलेज ऑफ एजूकेशन
ख्याति हिंदू कॉलेज
हर्षी हिंदू कॉलेज
सबा नाज हिंदू कॉलेज
अश्वनी चौधरी हिंदू कॉलेज
ज्योति चौहान ग्रामोदय पीजी कॉलेज
स्मिता केजीके कॉलेज
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सहेलियों को बताया-मेरी बेटी ने यूनिवर्सिटी टॉप की है
दिगंबर जैन कॉलेज ऑफ एजूकेशन की बीएड की छात्रा और आशियाना निवासी नमिता सिंह ने बताया कि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने प्रमाणपत्र और डिग्री प्रदान की। खुद पर भरोसा था, लेकिन इस तरह की सफलता के बारे में नहीं सोचा था। मंच पर आनंदीबेन पटेल ने कहा कि बधाई हो बेटा। यह सुनकर उन्हें बहुत खुशी हुई। इस दौरान पिता नरेश सिंह और मां शशिबाला साथ थीं। सम्मान मिलने के बाद उन्होंने संकल्प लिया है कि अब उन्हें मां की तरह शिक्षक ही बनना है। मां शशिबाला का कहना है कि उन्होंने स्कूल में सभी को बताया कि उनकी बेटी ने यूनिवर्सिटी टॉप किया है। सभी ने उन्हें शुभकामनाएं दीं।
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मजबूत हुआ शिक्षक बनने का भरोसा
हिंदू कॉलेज की राजनीति विज्ञान की छात्रा अश्वनी चौधरी ने बताया कि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के हाथाें मेडल और डिग्री पाकर बहुत गौरवान्वित महसूस कर रही हूं। राज्यपाल ने कहा कि सब लोग यूपीएससी की तैयारी करो और अच्छे पदों पर जाओ। सम्मान मिलने के बाद अब मुझे लग रहा है कि मैं अच्छा कर सकती हूं। मेरा शिक्षक बनने का भरोसा मजबूत हुआ है। मैंने पुलिस विभाग दूसरे विकल्प के तौर पर ज्वाइन किया था। शिक्षक भर्ती परीक्षा के लिए प्रशिक्षण के दौरान भी मैं प्रतिदिन तीन घंटे पढ़ती हूं, ताकि एकदम से मुझे बोझ महसूस न हो। अश्वनी के साथ गईं उनकी मम्मी मंजू देवी ने कहा कि बेटी ने एक बार फिर हमारा सिर ऊंचा कर दिया।
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प्रतिकूल परिस्थितियों के धैर्य का परिणाम है यह सफलता
हिंदू कॉलेज की संस्कृत विषय की छात्रा हर्षी ने बताया कि मम्मी अनीता देवी और पापा दिनेश कुमार के सामने राज्यपाल के हाथों मेडल मिलना उनके जीवन की सबसे बड़ी खुशी है। पापा ने मेडल देखते ही कहा कि शाबाश! ऐसा पल दोबारा देखने की इच्छा है। अपनी खुशी को व्यक्त करने के लिए शब्द नहीं मिल रहे हैं। शिक्षक डॉ. सुमेधा आर्य ने उनका बहुत साथ दिया है। हर्षी के पिता दिनेश कुमार ने कहा कि पढ़ाई के दौरान हर्षी के सामने कई बार प्रतिकूल परिस्थितियां आईं। आर्थिक चुनौतियों की वजह से पढ़ाई में भी परेशानी हुई, लेकिन बेटी ने धैर्य रखा और परिश्रम करती रही। यह सफलता उसी का परिणाम है।
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आगे के लिए करने पड़ेंगे गंभीर प्रयास
हिंदू कॉलेज की संस्कृत विषय की छात्रा ख्याति ने बताया कि राज्यपाल के हाथों स्वर्ण पदक मिलना एक सपने के पूरे होने जैसा है। बहुत खुशी हो रही है। अब आगे लक्ष्य के लिए जिम्मेदारी बढ़ गई हैं। वह अकेले ही दीक्षांत समारोह में गई थीं। वहां उन्हें महसूस हुआ कि इस खुशी को साझा करने के लिए उनके माता-पिता भी वहां होते। अब उनका लक्ष्य संस्कृत विषय में ही पीएचडी करने का है।
पापा बोले, बेटी की सफलता ने दिखाया गौरवमयी पल
हिंदू कॉलेज की उर्दू की छात्रा सबा नाज ने बताया कि जब राज्यपाल मेडल पहना रही थीं तो वह उनका उत्साहवर्धन भी कर रहीं थीं। उन्होंने कहा कि यह ऐसी शिक्षा होनी चाहिए जिसमें देशभक्ति हो, चाहे अंक कम आ जाएं। मेडल मिलने के बाद उनके पापा मोहम्मद नईम और मां अफरोज जहां ने कहा कि उन्होंने अपनी बेटियों को पढ़ाया है, इसलिए आज वह दीक्षांत समारोह में हैं। सबा ने कहा कि अभी तक का सफर इतना मुश्किल नहीं था, लेकिन गोल्ड मेडल मिलने के बाद खुद को साबित करना ज्यादा चुनौतीपूर्ण है।
इन छात्राओं को मिले मेडल
छात्रा कॉलेज
नमिता सिंह दिगंबर जैन कॉलेज ऑफ एजूकेशन
ख्याति हिंदू कॉलेज
हर्षी हिंदू कॉलेज
सबा नाज हिंदू कॉलेज
अश्वनी चौधरी हिंदू कॉलेज
ज्योति चौहान ग्रामोदय पीजी कॉलेज
स्मिता केजीके कॉलेज