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Moradabad News: कांठ में मृदा परीक्षण की मांग फिर एक बार अधर में लटकी
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कांठ। तहसील मुख्यालय पर मृदा परीक्षण केंद्र की मांग एक बार फिर से अधर में लटक गई है। जिला कृषि अधिकारी ने यह मांग उनके विभाग से संबंधित नहीं होने के कारण सहायक निदेशक मृदा परीक्षण/कल्चर को पत्र भेजा है।
कांठ को पूर्ण रूप से तहसील का दर्जा मिले 23 साल हो गए हैं लेकिन आज तक यहां मृदा परीक्षण केंद्र स्थापित नहीं हो पाया है। जिस कारण किसान अपने बीमार खेतों की मिट्टी की जांच तक नहीं करा पा रहे हैं। मृदा परीक्षण केंद्र नहीं होने की वजह से किसानों को उनके खेतों की सेहत का पता नहीं चल पा रहा है, जिस कारण वह फसलों को उगाने में असंतुलित उर्वरकों का प्रयोग करने के लिए विवश हैं। भारतीय किसान यूनियन टिकैत सहित किसान पिछले 23 वर्ष से लगातार कांठ में मृदा परीक्षण केंद्र स्थापित कराने की मांग कर रहे हैं। लेकिन यह मांग आज तक सिर्फ मांग ही बनी हुई है। तीन अक्तूबर को भाकियू टिकैत द्वारा एसडीएम कांठ संत दास पंवार को दिए ज्ञापन में भी किसानों ने मृदा परीक्षण केंद्र की मांग उठाई थी। जिस पर एसडीएम ने इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी को पत्र भेजा था। जिस पर जिला कृषि अधिकारी ने यह मांग उनके विभाग से संबंधित नहीं होने के कारण सहायक निदेशक मृदा परीक्षण/कल्चर मुरादाबाद मंडल को पत्र भेजा है। कुल मिलाकर कांठ में मृदा परीक्षण केंद्र की मांग फिलहाल पूरी होती दिख नहीं रही है। भाकियू टिकैत के पश्चिम यूपी के प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी ऋषिपाल सिंह का कहना है कि कांठ तहसील मुख्यालय पर मृदा परीक्षण केंद्र स्थापित कराए जाने की मांग के संबंध में जल्द ही जिलाधिकारी से मिलकर मांग को मजबूत ढंग से रखा जाएगा, यदि जल्द ही मांग पूरी नहीं हुई तो तिथि तय कर इसके लिए बड़े आंदोलन की रणनीति भी तैयार करेंगे।
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कांठ को पूर्ण रूप से तहसील का दर्जा मिले 23 साल हो गए हैं लेकिन आज तक यहां मृदा परीक्षण केंद्र स्थापित नहीं हो पाया है। जिस कारण किसान अपने बीमार खेतों की मिट्टी की जांच तक नहीं करा पा रहे हैं। मृदा परीक्षण केंद्र नहीं होने की वजह से किसानों को उनके खेतों की सेहत का पता नहीं चल पा रहा है, जिस कारण वह फसलों को उगाने में असंतुलित उर्वरकों का प्रयोग करने के लिए विवश हैं। भारतीय किसान यूनियन टिकैत सहित किसान पिछले 23 वर्ष से लगातार कांठ में मृदा परीक्षण केंद्र स्थापित कराने की मांग कर रहे हैं। लेकिन यह मांग आज तक सिर्फ मांग ही बनी हुई है। तीन अक्तूबर को भाकियू टिकैत द्वारा एसडीएम कांठ संत दास पंवार को दिए ज्ञापन में भी किसानों ने मृदा परीक्षण केंद्र की मांग उठाई थी। जिस पर एसडीएम ने इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी को पत्र भेजा था। जिस पर जिला कृषि अधिकारी ने यह मांग उनके विभाग से संबंधित नहीं होने के कारण सहायक निदेशक मृदा परीक्षण/कल्चर मुरादाबाद मंडल को पत्र भेजा है। कुल मिलाकर कांठ में मृदा परीक्षण केंद्र की मांग फिलहाल पूरी होती दिख नहीं रही है। भाकियू टिकैत के पश्चिम यूपी के प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी ऋषिपाल सिंह का कहना है कि कांठ तहसील मुख्यालय पर मृदा परीक्षण केंद्र स्थापित कराए जाने की मांग के संबंध में जल्द ही जिलाधिकारी से मिलकर मांग को मजबूत ढंग से रखा जाएगा, यदि जल्द ही मांग पूरी नहीं हुई तो तिथि तय कर इसके लिए बड़े आंदोलन की रणनीति भी तैयार करेंगे।
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