मुरादाबाद में तनाव: कुत्ते को पीटने पर दो संप्रदाय के लोग भिड़े, छह घायल... 16 के खिलाफ संगीन धाराओं में केस
बिलारी के बहादरपुर गांव में कुत्ते को पीटने के विवाद ने झड़प का रूप ले लिया। इसमें दोनों पक्षों के छह लोग घायल हो गए। पुलिस ने एक पक्ष की शिकायत पर 16 नामजद और चार अज्ञात लोगों पर संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। घटना के बाद गांव में तनाव बना हुआ है।
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बिलारी थाना क्षेत्र के बहादरपुर गांव में सोमवार देर रात कुत्ते को पीटने के विवाद ने तूल पकड़ लिया। दोनों वर्गों के लोग आमने सामने आ गए और आपस में जमकर मारपीट हुई। इस दौरान दोनों पक्षों के छह लोग घायल हो गए। एक पक्ष ने दूसरे पक्ष के 16 लोगों के खिलाफ जानलेवा हमला करने समेत संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है।
पुलिस ने नामजद आरोपियों में से चार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। बहादरपुर गांव निवासी विनोद कश्यप की ओर से थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा गया है कि सोमवार शाम सात बजे उसका पालतू कुत्ता गांव की मस्जिद की ओर चला गया था तभी गांव निवासी असलम के बेटे ईशान ने उसके कुत्ते को पीटकर भगा दिया था।
हालांकि इस विवाद का गांव के लोगों ने बीच में पड़कर समझौता करा दिया था। विनोद के अनुसार इसी रंजिश में सोमवार रात लगभग साढ़े नौ बजे मस्जिद से तरावीह की नमाज पढ़ने के बाद मुस्लिम पक्ष के लोग हाथों में लाठी डंडे लेकर आए और गाली देने लगे। निकट में ही कीर्तन हो रहा था।
जब गाली देने से मना किया तब असलम और शरीफ ने रफीक और ईशान से कहा कि इसका गला दबाकर मार डालो यह सुनते ही रफीक और ईशान ने गला दबा दिया। विनोद का आरोप है कि इन चारों के अन्य साथियों मिस्बाबुल, रफीक,अकरम, शकील, तौफीक, शफीक पुत्र रफीक, अल्ली,फिरासत, इरफान, शफीक पुत्र मजीद, रिजवान और सलीम के बेटे ने अपने पांच अज्ञात साथियों के साथ उस पर और उसके भतीजे विकास पर लाठी डंडों से पीटते हुए जानलेवा हमला कर दिया।
दोनों चाचा भतीजे जब रास्ते के किनारे एक दुकान में घुस गए तब भी उनके साथ मारपीट की और हमलावरों ने दुकान में रखा सामान भी तोड़ दिया। शोर मचने पर जब गांव के लोग बचाने के लिए तब आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गए। पुलिस ने 16 नामजद और चार अज्ञात के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया।
थाना प्रभारी ने बताया कि इस मुकदमा के चार नामजद आरोपियों असलम, ईशान,रशीद और रफीक को गिरफ्तार कर मंगलवार दोपहर बाद मुरादाबाद की अदालत में पेश किया गया जहां से चारों को जेल भेज दिया गया। पीड़ित पक्ष की ओर से जहां विनोद और उसका भतीजा विकास घायल हुआ है वहीं आरोपी पक्ष की ओर से वह चारों घायल हैं जिन्हें पुलिस ने जेल भेजा है।
रात में ही बहादरपुर पहुंचे अधिकारी, मंदिर पर पुलिस तैनात
बहादरपुर गांव में दो अलग अलग वर्गाें में मंदिर के पास जमकर मारपीट होने की सूचना पर पुलिस अधीक्षक देहात, सीओ बिलारी और थाना बिलारी प्रभारी भारी पुलिस फोर्स के साथ सोमवार देर रात लगभग 11 बजे मौके पर पहुंच गए। पुलिस जब पहुंची तब भीड़ जमा थी और कुछ ग्रामीण मारपीट की घटना को दूसरा रूप देने की कोशिश कर रहे थे लेकिन अधिकारियों ने समझा बुझाकर शांत कर उन्हें घर भेज दिया। गांव के शिव मंदिर पर एहतियात और सुरक्षा के लिहाज से रात को ही पुलिस बल तैनात कर दिया गया। हालांकि पुलिस कार्रवाई के डर से जिस पक्ष के खिलाफ मुकदमा लिखा गया है उस पक्ष के अधिकतर ग्रामीण अपने घरों से भाग गए।
आरोपियों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई
सीओ राजेश कुमार तिवारी का कहना है कि बहादरपुर गांव में कुत्ता पालने के विवाद में जिस पक्ष के साथ मारपीट हुई है उस पक्ष की ओर से दूसरे पक्ष के 16 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। चार नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। शेष नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी को दबिश दी जा रही है। सीओ के अनुसार दर्ज मुकदमे की निष्पक्षता से विवेचना की जा रही है। बहादरपुर गांव में पूर्ण शांति है केवल एहतियात के तौर पर पुलिस तैनात है। सीओ के अनुसार जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बहादरपुर में एक ही रास्ते पर हैं मंदिर, मस्जिद
बहादरपुर गांव में मंदिर और मस्जिद एक ही रास्ते पर हैं दोनों के बीच लगभग 80 मीटर की दूरी है। गांव में तीन चौथाई बहुसंख्यक और एक चौथाई अल्पसंख्यक वर्ग के लोग हैं। गांव के बुजुर्गों के अनुसार पूर्व में यहां कभी कोई सांप्रदायिक विवाद नहीं हुआ है। दोनों वर्गाें के लोग आपस में मेल जोल से रहते हैं।
ग्रामीणों से जानकारी करने पर पता चला कि गांव के शिव मंदिर पर प्रत्येक सोमवार की शाम को संकीर्तन होता है हालांकि जब दोनों पक्षों में मारपीट हुई तब संकीर्तन निपट चुका था। ग्राम पंचायत बहादरपुर के प्रधान माजिद हुसैन अंसारी का कहना है कि यह विवाद एक पक्ष से हिंदू कश्यप समाज और दूसरे पक्ष से मुस्लिम मलिक समाज के बीच हुआ था। गांव के दूसरी जातियों के दोनों वर्गों के लोगों का इस विवाद से कोई मतलब नहीं है।