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Moradabad News: सूर्यदेव और सिंदूर की लालिमा से दमका रामगंगा का तट

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 08 Nov 2024 03:07 AM IST
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The banks of Ramganga shine with the redness of Sun God and vermilion
मुरादाबाद। डीजे पर बजते छठ मइया के गीत, नगाड़े की धूम और आतिशबाजी के बीच बृहस्पतिवार की शाम रामगंगा नदी के तट समेत विभिन्न छठ घाटों पर व्रती महिलाओं ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया। ढलते सूरज की चमकीली किरणों के बीच नाक से मस्तक तक सुहाग का लंबा टीका लगाकर महिलाओं ने सूर्य उपासना की। साथ ही जल में खड़े होकर महिलाओं ने छठ मइया से घर-परिवार की खुशहाली की कामना की। शुक्रवार की सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ छठ महापर्व पूर्ण होगा।
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रामगंगा नदी के घाट के अलावा आदर्श नगर वार्ड 22, छठ मइया पार्क बुद्धि विहार, आरपीएफ मैदान रेलवे हरथला कॉलोनी, प्राचीन शिव मंदिर कपूर कंपनी पुल के निकट बने घाटों पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। दोपहर बाद घरों से पुरुष सिर पर पूजा सामग्री से सजी डलिया लेकर निकले। उनके पीछे व्रती महिलाओं के अलावा परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों की भीड़ चलती रही।
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बड़ी संख्या में श्रद्धालु ढोल नगाड़ों के साथ घाटों पर पहुंचे। शाम चार बजे तक घाटों पर खचाखच भीड़ हो गई। सबसे ज्यादा भीड़ रामगंगा नदी के तट पर रही। वहां पहले बनी वेदियों पर गन्ने और केले के मंडप सजाए गए। तरह-तरह के फलों, फूलों के साथ हल्दी-चंदन की अल्पनाओं से वेदियों को सजाकर दीप जलाए गए। वेदियों पर दीपमालाएं सजाकर महिलाएं छठ मइया की उपासना में जुट गईं।
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पूजा करने के साथ ही महिलाएं छठ मइया के गीत गाती रहीं। शाम ढलने से पहले ही व्रती महिलाओं ने जल में खड़े होकर पतियों की सहायता से अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया। इसी के साथ घाटों पर जगह-जगह आतिशबाजी शुरू हो गई। अर्घ्य के दौरान बैंड बाजा की धुन पर कुछ युवक-युवतियों के समूह थिरकते-झूमते नजर आए। महिलाओं ने विभिन्न मनोकामनाओं के साथ व्रत किया।
शुक्रवार को व्रत के चौथे व अंतिम दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही छठ महापर्व पूर्ण हो जाएगा। सूर्य देव को अर्घ्य देने के लिए भोर में ही रामगंगा के तट के अलावा अन्य स्थानों पर व्रती महिलाएं अपने परिजनों के साथ पहुंच जाएंगी।
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संस्थाओं ने भी किया सहयोग
रामगंगा नदी के तट पर नगर निगम की ओर से व्यवस्थाएं की गई थीं। नदी में गहरे जल में उतरने से श्रद्धालुओं को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की गई थी। टेंट लगाए गए थे। सेल्फी प्वाइंट भी बनाया गया था, ताकि श्रद्धालु छठ महापर्व की अनमोल यादों को संजो सकें। इसके अलावा शहर की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं ने भी घाट पर व्यवस्थाएं बनाए रखने में मदद की।

वर्जन...
यह मेरा छठा व्रत है। मैंने एक कार्य के पूर्ण होने की मनोकामना छठ मइया से मांगी थी। वह कार्य पूर्ण हो गया है। इसलिए मैं कोसी भी भरूंगी। - रंजना, श्रद्धालु

यह मेरा तीसरा व्रत है। मेरी सास ने यह व्रत मुझे दिया था। परिवार और बच्चों की सुख-समृद्धि की प्रार्थना छठ मइया से की है। - प्रीति, श्रद्धालु

यह मेरा छठा व्रत है। बेटी होने की मनोकामना पूर्ण होने के बाद व्रत शुरू किया था। मैं छठ मइया से प्रार्थना करती हूं कि सभी को सुख समृद्धि मिले। - सरोज, श्रद्धालु


इस व्रत के लिए बहुत ज्यादा उत्साह रहता है। दिवाली से ही हम छठ महापर्व की तैयारी शुरू कर देते हैं। यह मेरा आठवां व्रत है। व्रत रखने के दौरान भूख प्यास बिल्कुल नहीं लगती है। - पूनम, श्रद्धालु
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