{"_id":"68a4e7ab30ba3728d3017f62","slug":"the-approach-road-of-vikanpur-bridge-was-damaged-due-to-lack-of-repair-moradabad-news-c-15-1-mbd1014-711991-2025-08-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Moradabad News: मरम्मत नहीं होने के कारण विकनपुर पुल की एप्रोच रोड बही","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Moradabad News: मरम्मत नहीं होने के कारण विकनपुर पुल की एप्रोच रोड बही
विज्ञापन
मुरादाबाद। बाढ़ में क्षतिग्रस्त हुए वीकनपुर पुल के एप्रोच रोड को बचाने के लिए लोनिवि ने आईआईटी रुड़की से सर्वे कराया था। सर्वे के आधार पर लोनिवि ने 4.45 करोड़ का एस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा था लेकिन शासन से बजट जारी नहीं हुआ। इस कारण एप्रोच रोड कटान के कारण गांव के लोगों की फसलें डूब गई और आवागमन बंद हो गया है। अब ग्रामीणों को मुरादाबाद आने के लिए 30 किलोमीटर अतिरिक्त जाना पड़ रहा है।
12 सितंबर 2024 को बाढ़ के कारण पुल का संपर्क मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। शासन ने वीकनपुर पुल के सर्वे के लिए लाेक निर्माण विभाग को 31 लाख रुपये जारी किए थे। पीडब्ल्यूडी ने आईआईटी की टीम बुलाकर पुल का सर्वे कराया था। इस मामले में टीम ने पुल के एप्रोच मार्ग को लेकर कुछ अहम सुझाव दिए थे। इस मामले में पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता ने अस्थायी समाधान करने के लिए 4.25 करोड़ का प्रस्ताव शासन को भेजा था लेकिन अभी तक धन की स्वीकृति शासन से नहीं मिली है।
रामगंगा की सहायक नदी का पानी वीकनपुर पुल से होकर निकलता है। वर्तमान समय में पुल के नजदीक खेतों में तैयार किसानों की फसलें फिर पानी में डूब गई हैं। लकड़ी का एक अस्थायी एप्रोच मार्ग बनाया गया था लेकिन वह भी पानी में बह गया। इस मामले में पीडब्ल्यूडी खंड -2 के प्रभारी अधिशासी अभियंता सुनील प्रकाश ने बताया कि अब रुड़की के अभियंताओं की राय से पुल के स्थायी एप्रोच मार्ग निर्माण के लिए योजना तैयार की जा रही है।
विज्ञापन
30 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है
जिला प्रशासन ने वीकनपुर पुल के अस्थायी संपर्क मार्ग से आवागमन को रोक दिया है। इस कारण ग्रामीणों को मुरादाबाद आने के लिए 30 किलोमीटर अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। ग्रामीणों को चारा लेने सहित कई कामों के लिए खेत में जाना पड़ता है।
विज्ञापन
12 सितंबर 2024 को बाढ़ के कारण पुल का संपर्क मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। शासन ने वीकनपुर पुल के सर्वे के लिए लाेक निर्माण विभाग को 31 लाख रुपये जारी किए थे। पीडब्ल्यूडी ने आईआईटी की टीम बुलाकर पुल का सर्वे कराया था। इस मामले में टीम ने पुल के एप्रोच मार्ग को लेकर कुछ अहम सुझाव दिए थे। इस मामले में पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता ने अस्थायी समाधान करने के लिए 4.25 करोड़ का प्रस्ताव शासन को भेजा था लेकिन अभी तक धन की स्वीकृति शासन से नहीं मिली है।
विज्ञापन
रामगंगा की सहायक नदी का पानी वीकनपुर पुल से होकर निकलता है। वर्तमान समय में पुल के नजदीक खेतों में तैयार किसानों की फसलें फिर पानी में डूब गई हैं। लकड़ी का एक अस्थायी एप्रोच मार्ग बनाया गया था लेकिन वह भी पानी में बह गया। इस मामले में पीडब्ल्यूडी खंड -2 के प्रभारी अधिशासी अभियंता सुनील प्रकाश ने बताया कि अब रुड़की के अभियंताओं की राय से पुल के स्थायी एप्रोच मार्ग निर्माण के लिए योजना तैयार की जा रही है।
विज्ञापन
30 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है
जिला प्रशासन ने वीकनपुर पुल के अस्थायी संपर्क मार्ग से आवागमन को रोक दिया है। इस कारण ग्रामीणों को मुरादाबाद आने के लिए 30 किलोमीटर अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। ग्रामीणों को चारा लेने सहित कई कामों के लिए खेत में जाना पड़ता है।