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Moradabad News: पशु क्रूरता अधिनियम में दोषी को पांच साल की सजा
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मुरादाबाद।
पशु क्रूरता अधिनियम के एक मामले में अदालत ने एक आरोपी को दोषी करार देते हुए उसे पांच साल की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर साढ़े दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
संभल जनपद के हजरतनगर गढ़ी थाने में 15 सितंबर 2013 को एसआई नरेश पाल सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें उन्होंने बताया कि वह कांस्टेबल संदीप पंवार, चंद्रपाल, रोहित, दीपक चौधरी और मनोज राणा के साथ वाहन चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान सूचना मिली कि सफेद रंग की गाड़ी में पशुओं को लादकर ले जाया जा रहा है। पुलिस कर्मियों ने चंदौसी की ओर से आ रही सफेद रंग की गाड़ी को रोका लिया था। जिसमें बैठे लोगों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जिससे पुलिस कर्मी बाल-बाल बचे थे। पुलिस ने घेराबंदी करते हुए गाड़ी रुकवा ली थी। इसी दौरान दो आरोपी कूद कर भाग गए थे, जबकि एक आरोपी को गाड़ी में से गिरफ्तार कर लिया था। जिसने अपना नाम आसिफ रजा निवासी खग्गू सराय जिला संभल बताया था।
इसके अलावा मौके से भागे अपने साथियों के नाम फरहान, सुभान निवासी पंजू सराय संभल बताया था। गाड़ी में 24 पशु जिंदा और दो पशु मृत हालत में मिले थे। पुलिस ने गिरफ्त में आए आसिफ को जेल भेज दिया था, जिसका मुकदमा एडीजे छह सियाराम चौरसिया की अदालत में सुना गया। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता महेंद्र सिंह कश्यप ने बताया कि अदालत ने फरहान और सुभान के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं होने पर उन्हें बरी कर दिया, जबकि आरोपी आसिफ को पशु क्रूरता अधिनियम का दोषी करार देते हुए उसे पांच साल के कठोर कारावास की सजा के साथ उस पर दस हजार पांच सौ रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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पशु क्रूरता अधिनियम के एक मामले में अदालत ने एक आरोपी को दोषी करार देते हुए उसे पांच साल की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर साढ़े दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
संभल जनपद के हजरतनगर गढ़ी थाने में 15 सितंबर 2013 को एसआई नरेश पाल सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें उन्होंने बताया कि वह कांस्टेबल संदीप पंवार, चंद्रपाल, रोहित, दीपक चौधरी और मनोज राणा के साथ वाहन चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान सूचना मिली कि सफेद रंग की गाड़ी में पशुओं को लादकर ले जाया जा रहा है। पुलिस कर्मियों ने चंदौसी की ओर से आ रही सफेद रंग की गाड़ी को रोका लिया था। जिसमें बैठे लोगों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जिससे पुलिस कर्मी बाल-बाल बचे थे। पुलिस ने घेराबंदी करते हुए गाड़ी रुकवा ली थी। इसी दौरान दो आरोपी कूद कर भाग गए थे, जबकि एक आरोपी को गाड़ी में से गिरफ्तार कर लिया था। जिसने अपना नाम आसिफ रजा निवासी खग्गू सराय जिला संभल बताया था।
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इसके अलावा मौके से भागे अपने साथियों के नाम फरहान, सुभान निवासी पंजू सराय संभल बताया था। गाड़ी में 24 पशु जिंदा और दो पशु मृत हालत में मिले थे। पुलिस ने गिरफ्त में आए आसिफ को जेल भेज दिया था, जिसका मुकदमा एडीजे छह सियाराम चौरसिया की अदालत में सुना गया। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता महेंद्र सिंह कश्यप ने बताया कि अदालत ने फरहान और सुभान के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं होने पर उन्हें बरी कर दिया, जबकि आरोपी आसिफ को पशु क्रूरता अधिनियम का दोषी करार देते हुए उसे पांच साल के कठोर कारावास की सजा के साथ उस पर दस हजार पांच सौ रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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