ठाकुरद्वारा हत्याकांडः साहब! मुझे बचा लो, वो मुझे भी मार डालेगा
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खुद को दोहरे हत्याकांड का चश्मदीद बताने वाला बंटी पुलिस हिरासत में है। उसने पुलिस को पूछताछ में बताया है कि घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी अंकुश उसके घर आया था। उसने धमकी दी थी कि यदि पुजारी की हत्या के बारे में किसी को बताया तो वह उसे भी मार डालेगा।
अब बंटी के इकबालिया बयान को आधार बनाकर पुलिस अंकुश की तलाश में जुटी है। पुलिस अफसरों का कहना है कि वारदात के पीछे का पूरा सच मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही सामने आएगा। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि बंटी सिर्फ वारदात का चश्मदीद है या फिर वो खुद भी घटना में उसके साथ शामिल था।
बंटी ने खुद को वारदात का चश्मदीद बताते हुए पुलिस के सामने दावा किया है कि दीपावली की रात करीब नौ बजे घर के पास उसे मोहल्ले में ही रहने वाला अंकुश मिला था। उसने उससे कहा कि वह पुजारी को मिठाई देने श्मशान जा रहा है। बंटी का दावा है कि वह उसे भी अपने साथ ले गया। श्मशान पर पहुंचकर पुजारी से गेट खुलवाया।
इसके बाद पुजारी को मिठाई दी और फिर अचानक फावड़ा उठाकर उस पर हमला बोल दिया। बंटी ने पुलिस को बताया है कि घटना के समय पुजारी और वहां मौजूद नितेश नशे में थे। अंकुश ने उसके पुजारी के सिर पर फावड़े से ताबड़तोड़ वार किए तो वह लहूलुहान होकर गिर पड़ा।
बंटी ने पुलिस के सामने दावा किया है कि वारदात को देखकर वह डर गया था और अंकुश को मौके पर ही छोड़कर वहां से भाग आया। बंटी ने पुलिस से कहा है कि नितेश की हत्या उसके सामने नहीं हुई थी। उसका अनुमान है कि नितेश ने पुजारी की हत्या होते देख ली थी शायद इसीलिए उसने नितेश को भी मार डाला। घटना के समय नितेश भी नशे में था।
पुलिस का कहना है कि शुरुआती छानबीन में पता चला है कि नितेश पुजारी के साथ मिलकर तंत्र मंत्र करने के लिए दीपावली की रात श्मशान गया था। बंटी ने पुलिस पूछताछ में यह भी दावा किया है कि दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपी अंकुश उसके घर आया था और धमकी दी थी कि यदि किसी को वारदात के बारे में बताया तो उसे भी मार डालेगा।
अंकुश एक फैक्ट्री में मजदूरी करता है। सीओ ठाकुरद्वारा विशाल यादव का कहना है कि पुजारी द्वारा जलती चिता से शव निकालकर खाने की जानकारी बंटी के साथ ही कस्बे के कुछ अन्य लोगों ने भी दी है।
क्रूरता की सारी हदें पार
पुजारी राजेंद्र गिरी और नितेश की पोस्टमार्टम रिपोर्ट हत्यारे की क्रूरता बयां कर रही हैं। उसने दोनों के सिर और चेहरे पर तब तक वार किया था, जब तक उनकी हड्डियां चकनाचूर न हो गई थीं।
घटनास्थल पर भी दूर तक खून ही खून नजर आ रहा था। मंगलवार दोपहर बाद आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि पुजारी राजेंद्र गिरी व नितेश कुमार ने एल्कोहल का सेवन भी किया था। दोनों शवों के पोस्टमार्टम के दौरान एल्होकल भी मिला है।
दीवाली की रात ठाकुरद्वारा के श्मशान घाट में पुजारी राजेंद्र गिरी और कालाझांडा निवासी नितेश कुमार की हत्या कर दी गई थी। सोमवार सुबह खून से लथपथ शव श्मशान घाट में पड़े मिले थे।
सोमवार को इन शवों का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया था। मंगलवार को पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम कराया। डाक्टरों के पैनल में पोस्टमार्टम किया। इसके अलावा पूरे पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी व फोटोग्राफी की गई।
रिपोर्ट से पता चला कि हत्यारे दोनों के सिर और चेहरे पर अनगिनत वार किया था। जिससे चेहरे और सिर की हड्डियां चकनाचूर हो गई थीं। दोनों का भेजा तक फट गया था। इसके अलावा हाथ, पैर, पीठ में भी हमला किया गया था। सिर में चोट लगने की वजह से ही दोनों की मौत हुई है।