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बाबुल पर छोटे नोट कम .. तो कम सजना है सजना के लिए
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Mon, 21 Nov 2016 02:22 AM IST
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बाबुल ने सालों से जोड़तोड़ करके बेटी के ब्याह के लिए हजार - पांच सौ के जो नोट जमा किए थे वो बंद हो चुके हैं। ऐन वक्त पर नोटबंदी से बेटी के हाथ पीले करने भर को बमुश्किल छोटे नोटों का बंदोबस्त किया है। शादी में हर रस्म हर खर्चे में मुमकिन कटौती की जा रही हैं।
फिर भी बिटिया को छूट दी है कि सजने संवरने में कंजूसी न करे। लेकिन बेटियां बाबुल का हाल समझ रही हैं। उन्हें एहसास है कि पिता की जेब में छोटे नोटों का टोटा है और पुराने बड़े नोट कागज का टुकड़ा बन चुके हैं। ऐसे में बेटियां शादी के मौके पर भी सजने - संवरने के बजट में कटौती कर रही हैं।
शादी के मौके पर दिल खोलकर मैकअप कराने वाली दुल्हनें अब ब्यूटी पार्लर पर पहुंचकर मोल भाव कर रही हैं। मैकअप बस उतना करा रही हैं जितना बहुत जरूरी है। दुल्हन के साथ ब्यूटी पार्लर पहुंच रही उसकी सखी - सहेलियों और घर की महिलाएं तो पार्लर पर फेशियल और कटिंग जैसे रूटीन वर्क से भी परहेज कर रही हैं।
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ब्यूटी पार्लर संचालिकाओं का कहना है कि वेडिंग सीजन होने के बावजूद काम चौपट है। रेगुलर कस्टमर तो सिरे से नदारद हैं, ब्याह - शादी का काम भी पिछले सीजनों की तुलना में बमुश्किल 20- 25 फीसदी रह गया है। हालांकि इन सबके बावजूद ब्यूटी पार्लर संचालिका एक स्वर में कहती हैं कि घाटा तो कुछ दिन की बात है पीएम मोदी का फैसला ऐतिहासिक है जो देश को नई बुलंदियों पर ले जाएगा।
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फिर भी बिटिया को छूट दी है कि सजने संवरने में कंजूसी न करे। लेकिन बेटियां बाबुल का हाल समझ रही हैं। उन्हें एहसास है कि पिता की जेब में छोटे नोटों का टोटा है और पुराने बड़े नोट कागज का टुकड़ा बन चुके हैं। ऐसे में बेटियां शादी के मौके पर भी सजने - संवरने के बजट में कटौती कर रही हैं।
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शादी के मौके पर दिल खोलकर मैकअप कराने वाली दुल्हनें अब ब्यूटी पार्लर पर पहुंचकर मोल भाव कर रही हैं। मैकअप बस उतना करा रही हैं जितना बहुत जरूरी है। दुल्हन के साथ ब्यूटी पार्लर पहुंच रही उसकी सखी - सहेलियों और घर की महिलाएं तो पार्लर पर फेशियल और कटिंग जैसे रूटीन वर्क से भी परहेज कर रही हैं।
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ब्यूटी पार्लर संचालिकाओं का कहना है कि वेडिंग सीजन होने के बावजूद काम चौपट है। रेगुलर कस्टमर तो सिरे से नदारद हैं, ब्याह - शादी का काम भी पिछले सीजनों की तुलना में बमुश्किल 20- 25 फीसदी रह गया है। हालांकि इन सबके बावजूद ब्यूटी पार्लर संचालिका एक स्वर में कहती हैं कि घाटा तो कुछ दिन की बात है पीएम मोदी का फैसला ऐतिहासिक है जो देश को नई बुलंदियों पर ले जाएगा।