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Moradabad News: नशीले पदार्थ के तस्कर को दस साल का कठोर कारावास
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मुरादाबाद। रेलवे स्टेशन पर नशीले पदार्थ की तस्करी करने वाले आरोपी तस्कर को अदालत ने दोषी करार देते हुए उसे दस साल के कठोर कारावास की सजा के साथ उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
जीआरपी थाने के तत्कालीन एसएसआई पंकज पंत ने 24 जुलाई 2016 को मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें उन्होंने बताया था कि वह रेलवे स्टेशन पर टीम के साथ गश्त कर रहे थे। प्लेटफार्म एक की ओर गए तो एक युवक पुलिस को देखकर भागने लगा। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। उसके पास से नशीला पदार्थ बरामद हुआ था। पूछताछ करने पर उसने अपना नाम सरताज निवासी सिरकोई थाना मझोला बताया। पूछताछ करने पर उसने पुलिस को बताया कि वह इस पाउडर और गोलियों को बेचने के लिए ले जा रहा था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संख्या सात सियाराम चौरसिया की अदालत में की गई। विशेष लोक अभियोजक वैभव अग्रवाल और महेंद्र कश्यप ने बताया कि जो पाउडर और गोलियां आरोपी से बरामद की गई थीं, उसे पुलिस द्वारा जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया था। जिसमें स्पष्ट जानकारी मिली कि यह पाउडर और गोलियां लोगों को नशे में धुत करने के काम आती हैं। जिसे खा कर व्यक्ति काफी समय तक नशे की हालत में रहता है। अदालत ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों के आधार पर आरोपी सरताज को नशीले पदार्थ की तस्करी का दोषी करार देते हुए उसे दस साल के कठोर कारावास की सजा के साथ उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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जीआरपी थाने के तत्कालीन एसएसआई पंकज पंत ने 24 जुलाई 2016 को मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें उन्होंने बताया था कि वह रेलवे स्टेशन पर टीम के साथ गश्त कर रहे थे। प्लेटफार्म एक की ओर गए तो एक युवक पुलिस को देखकर भागने लगा। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। उसके पास से नशीला पदार्थ बरामद हुआ था। पूछताछ करने पर उसने अपना नाम सरताज निवासी सिरकोई थाना मझोला बताया। पूछताछ करने पर उसने पुलिस को बताया कि वह इस पाउडर और गोलियों को बेचने के लिए ले जा रहा था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संख्या सात सियाराम चौरसिया की अदालत में की गई। विशेष लोक अभियोजक वैभव अग्रवाल और महेंद्र कश्यप ने बताया कि जो पाउडर और गोलियां आरोपी से बरामद की गई थीं, उसे पुलिस द्वारा जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया था। जिसमें स्पष्ट जानकारी मिली कि यह पाउडर और गोलियां लोगों को नशे में धुत करने के काम आती हैं। जिसे खा कर व्यक्ति काफी समय तक नशे की हालत में रहता है। अदालत ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों के आधार पर आरोपी सरताज को नशीले पदार्थ की तस्करी का दोषी करार देते हुए उसे दस साल के कठोर कारावास की सजा के साथ उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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