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नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को दस साल का कठोर कारावास
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मुरादाबाद। गलशहीद क्षेत्र में नाबालिग से दुष्कर्म के मुल्जिम को अदालत ने दोषी करार देते हुए दस साल के कठोर कारावास के साथ साथ 68 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
गलशहीद थाने में 16 फरवरी 2018 को एक व्यक्ति ने मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें वादी ने बताया था कि उसकी चौदह वर्षीय बेटी को 13 फरवरी की दोपहर करीब दो बजे क्षेत्र में रहने वाल आरोपी लल्ला उर्फ अकरम कपड़े दिलाने के बहाने अपने साथ ले गया। लड़की को अपनी बातों के जाल में फंसा कर आरोपी उसे रुद्रपुर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया था। 14 फरवरी की सुबह आरोपी लड़की को बदहवास स्थिति में उसके घर के बाहर छोड़ कर चला गया। होश में आने पर लड़की ने सारी घटना अपने माता पिता को बताई थी। इस मुकदमे की सुनवाई विशेष पॉक्सो कोर्ट संख्या तीन सुभाष सिंह की अदालत में की गई। इसमें बचाव पक्ष का कहना था कि उसे क्षेत्र की रंजिश के चलते फंसाया गया है। वहीं विशेष लोक अभियोजक मोहम्मद अकरम खां ने सरकार की ओर से पक्ष रखते हुए अदालत को बताया कि आरोपी नाबालिग लड़की को अपनी बातों के जाल में फंसा कर उसे रुद्रपुर ले गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपी को घटना का दोषी करार पाया और उसे दस साल के कठोर कारावास के साथ साथ अड़सठ हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की राशि में से चालीस हजार रुपये पीड़िता को प्रतिकर के रूप में दिए जाने के आदेश भी अदालत ने जारी किए हैं।
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गलशहीद थाने में 16 फरवरी 2018 को एक व्यक्ति ने मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें वादी ने बताया था कि उसकी चौदह वर्षीय बेटी को 13 फरवरी की दोपहर करीब दो बजे क्षेत्र में रहने वाल आरोपी लल्ला उर्फ अकरम कपड़े दिलाने के बहाने अपने साथ ले गया। लड़की को अपनी बातों के जाल में फंसा कर आरोपी उसे रुद्रपुर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया था। 14 फरवरी की सुबह आरोपी लड़की को बदहवास स्थिति में उसके घर के बाहर छोड़ कर चला गया। होश में आने पर लड़की ने सारी घटना अपने माता पिता को बताई थी। इस मुकदमे की सुनवाई विशेष पॉक्सो कोर्ट संख्या तीन सुभाष सिंह की अदालत में की गई। इसमें बचाव पक्ष का कहना था कि उसे क्षेत्र की रंजिश के चलते फंसाया गया है। वहीं विशेष लोक अभियोजक मोहम्मद अकरम खां ने सरकार की ओर से पक्ष रखते हुए अदालत को बताया कि आरोपी नाबालिग लड़की को अपनी बातों के जाल में फंसा कर उसे रुद्रपुर ले गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपी को घटना का दोषी करार पाया और उसे दस साल के कठोर कारावास के साथ साथ अड़सठ हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की राशि में से चालीस हजार रुपये पीड़िता को प्रतिकर के रूप में दिए जाने के आदेश भी अदालत ने जारी किए हैं।
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