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बच्चों को पढ़ाने के साथ खुद भी पढ़ेंगे बेसिक के शिक्षक
Mon, 05 Oct 2020 08:28 PM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
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Published by: मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 05 Oct 2020 08:28 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
मुरादाबाद। माध्यमिक स्कूलों के कक्षा 9वीं से 12वीं तक के बच्चों के लिए चरणबद्ध तरीके से स्कूल-कालेज खोलने की सरकार ने अनुमति दे दी है। लेकिन बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों की पढ़ाई फिलहाल ऑनलाइन ही चलेगी। बच्चों को पढ़ाने वाले शिक्षकों को खुद भी अपग्रेड होना होगा। इसके लिए निष्ठा शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम जारी हो गया। अक्तूबर दूसरे सप्ताह से एनसीईआरटी द्वारा तैयार शिक्षक प्रशिक्षण माड्यूल के तहत तीन महीने तक हर शिक्षक को ऑनलाइन प्रशिक्षण में भागीदारी करने होगी। हर महीने शिक्षकों का मूल्यांकन भी होगा।
कोरोनाकाल में मार्च से स्कूल-कालेज बंद हैं। जुलाई से ऑनलाइन नया सत्र शुरू हो चुका है। बेसिक शिक्षा परिषद के जिले में करीब एक लाख 60 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। इनमें करीब 60 फीसदी बच्चे ऑनलाइन शिक्षा ले रहे हैं। टीवी और रेडियो के माध्यम से भी पाठ्यक्रम जारी किया जा रहा है। सरकार की ओर से आठवीं तक फिलहाल स्कूल खुलने की घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में शिक्षकों के प्रति ऑनलाइन शिक्षण कार्य का दायित्व अधिक बढ़ गया है। इसको देखते हुए समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत निष्ठा शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम जारी हो गया है। इसमें शिक्षकों को कोरोनाकाल में बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के साथ लर्निंग आउट कम में वृद्धि, सीखने की दक्षताओं को विकसित करने के साथ बच्चों की अंकीय और भाषा में सुधार लाना है।
ऑनलाइन प्रशिक्षण में हर शिक्षक को प्रतिभाग करना होगा। प्रशिक्षण दीक्षा पोर्टल से ऑनलाइन संचालित होगा। प्रशिक्षण मॉड्यूल में 18 कोर्स होंगे। इनमें हर महीने छह-छह कोर्स कराएं जाएंगे। प्रत्येक कोर्स पूरा होने पर शिक्षकों का ऑनलाइन मूल्यांकन टेस्ट भी होगा। डायट प्राचार्य प्रशिक्षण की निगरानी करेंगे। बीएसए को सभी शिक्षकों का दीक्षा एप पर पंजीकरण कराना होगा। खंड शिक्षा अधिकारी ब्लाक कोआर्डिनेटर का कार्य करेंगे।
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कोरोनाकाल में मार्च से स्कूल-कालेज बंद हैं। जुलाई से ऑनलाइन नया सत्र शुरू हो चुका है। बेसिक शिक्षा परिषद के जिले में करीब एक लाख 60 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। इनमें करीब 60 फीसदी बच्चे ऑनलाइन शिक्षा ले रहे हैं। टीवी और रेडियो के माध्यम से भी पाठ्यक्रम जारी किया जा रहा है। सरकार की ओर से आठवीं तक फिलहाल स्कूल खुलने की घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में शिक्षकों के प्रति ऑनलाइन शिक्षण कार्य का दायित्व अधिक बढ़ गया है। इसको देखते हुए समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत निष्ठा शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम जारी हो गया है। इसमें शिक्षकों को कोरोनाकाल में बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के साथ लर्निंग आउट कम में वृद्धि, सीखने की दक्षताओं को विकसित करने के साथ बच्चों की अंकीय और भाषा में सुधार लाना है।
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ऑनलाइन प्रशिक्षण में हर शिक्षक को प्रतिभाग करना होगा। प्रशिक्षण दीक्षा पोर्टल से ऑनलाइन संचालित होगा। प्रशिक्षण मॉड्यूल में 18 कोर्स होंगे। इनमें हर महीने छह-छह कोर्स कराएं जाएंगे। प्रत्येक कोर्स पूरा होने पर शिक्षकों का ऑनलाइन मूल्यांकन टेस्ट भी होगा। डायट प्राचार्य प्रशिक्षण की निगरानी करेंगे। बीएसए को सभी शिक्षकों का दीक्षा एप पर पंजीकरण कराना होगा। खंड शिक्षा अधिकारी ब्लाक कोआर्डिनेटर का कार्य करेंगे।
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