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Moradabad News: ऑनलाइन उपस्थिति का आदेश निरस्त करवाने के लिए शिक्षकों ने भरी हुंकार
Tue, 16 Jul 2024 06:32 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
Updated Tue, 16 Jul 2024 06:32 AM IST
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मुरादाबाद। परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों ने सोमवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर ऑनलाइन उपस्थिति का आदेश निरस्त करवाने की मांग की। इसके साथ ही आदेश निरस्त न होने की स्थिति में 23 जुलाई को धरना देने की चेतावनी भी दी।
सोमवार दोपहर करीब तीन बजे बड़ी संख्या में जिले के शिक्षक उत्तर प्रदेशीय शिक्षक संघ के नेतृत्व में शिक्षक भवन दांग में एकत्र हुए। यहां से जुलूस निकालकर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचे। जिला अध्यक्ष सर्वेश शर्मा का कहना है कि महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने शिक्षकों की डिजिटल उपस्थिति अनिवार्य किए जाने के निर्देश जारी किए हैं। इससे शिक्षकों में असंतोष व्याप्त है। 11 और 12 जुलाई को सभी ब्लॉकों के शिक्षको ने डिजिटल उपस्थिति के संबंध में विरोध दर्ज कराते हुए प्रस्ताव पारित किए हैं। इसमें परिषदीय शिक्षकों को पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने, राज्य कर्मचारियों की तरह 31 उपार्जित अवकाश, 12 द्वितीय शनिवार अवकाश, अर्द्ध-आकस्मिक अवकाश, प्रतिकर एवं अध्ययन अवकाश, निशुल्क चिकित्सा सुविधा देने, शिक्षकों की पदोन्नति शीघ्र करने की मांगें शामिल हैं। इस दौरान जिला मंत्री धर्मेंद्र प्रताप सिंह, डाॅ. कपिल सिरोही, प्रियंका यादव, सारिका भटनागर, अनिल कुमार, शमीम बेग, कुलदीप कुमार शर्मा, चंद्र किरण, रवि प्रकाश, मुकेश कुमार, प्रदीप शर्मा, सुरजीत सिंह आदि मौजूद रहे।
यह आदेश पूरी तरह अव्यवहारिक है। यदि कोई शिक्षक जाम में फंसकर या अन्य वजह से कुछ मिनट देरी से स्कूल पहुंचेगा तो उसका पूरे दिन का वेतन कट जाएगी। इसलिए इस आदेश को कोई शिक्षक नहीं मान रहा है। हमारी मांग है कि ऑनलाइन उपस्थिति का आदेश निरस्त होना चाहिए। शिक्षकों को रोबोट की तरह मानकर नियम लागू करना न्यायोचित नहीं है।
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राकेश कौशिक, महानगर अध्यक्ष, प्राथमिक शिक्षक संघ
विभागीय अधिकारियों ने सभी स्कूलों से वहां संचालित नेटवर्क की जानकारी ली थी। इसके बावजूद पूरे जिले में एक ही कंपनी की सिम दे दी हैं, जिनका ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क भी नहीं आता है। इस संबंध में शिकायत दर्ज करवाते हैं तो उसका समाधान नहीं होता है। शिक्षकों को दिए गए टेबलेट भी पुराने मॉडल के हैं, जो चलते नहीं हैं। इसके बाद भी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करवाने का दबाव बनाया जा रहा है।
संजय कुमार सिंह, जिला कोषाध्यक्ष
शिक्षकों से ज्ञापन ले लिया गया है। शिक्षकों की मांगों का परीक्षण करने के बाद इस ज्ञापन को उच्च अधिकारियों को भेज दिया जाएगा।
विमलेश कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
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सोमवार दोपहर करीब तीन बजे बड़ी संख्या में जिले के शिक्षक उत्तर प्रदेशीय शिक्षक संघ के नेतृत्व में शिक्षक भवन दांग में एकत्र हुए। यहां से जुलूस निकालकर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचे। जिला अध्यक्ष सर्वेश शर्मा का कहना है कि महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने शिक्षकों की डिजिटल उपस्थिति अनिवार्य किए जाने के निर्देश जारी किए हैं। इससे शिक्षकों में असंतोष व्याप्त है। 11 और 12 जुलाई को सभी ब्लॉकों के शिक्षको ने डिजिटल उपस्थिति के संबंध में विरोध दर्ज कराते हुए प्रस्ताव पारित किए हैं। इसमें परिषदीय शिक्षकों को पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने, राज्य कर्मचारियों की तरह 31 उपार्जित अवकाश, 12 द्वितीय शनिवार अवकाश, अर्द्ध-आकस्मिक अवकाश, प्रतिकर एवं अध्ययन अवकाश, निशुल्क चिकित्सा सुविधा देने, शिक्षकों की पदोन्नति शीघ्र करने की मांगें शामिल हैं। इस दौरान जिला मंत्री धर्मेंद्र प्रताप सिंह, डाॅ. कपिल सिरोही, प्रियंका यादव, सारिका भटनागर, अनिल कुमार, शमीम बेग, कुलदीप कुमार शर्मा, चंद्र किरण, रवि प्रकाश, मुकेश कुमार, प्रदीप शर्मा, सुरजीत सिंह आदि मौजूद रहे।
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यह आदेश पूरी तरह अव्यवहारिक है। यदि कोई शिक्षक जाम में फंसकर या अन्य वजह से कुछ मिनट देरी से स्कूल पहुंचेगा तो उसका पूरे दिन का वेतन कट जाएगी। इसलिए इस आदेश को कोई शिक्षक नहीं मान रहा है। हमारी मांग है कि ऑनलाइन उपस्थिति का आदेश निरस्त होना चाहिए। शिक्षकों को रोबोट की तरह मानकर नियम लागू करना न्यायोचित नहीं है।
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राकेश कौशिक, महानगर अध्यक्ष, प्राथमिक शिक्षक संघ
विभागीय अधिकारियों ने सभी स्कूलों से वहां संचालित नेटवर्क की जानकारी ली थी। इसके बावजूद पूरे जिले में एक ही कंपनी की सिम दे दी हैं, जिनका ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क भी नहीं आता है। इस संबंध में शिकायत दर्ज करवाते हैं तो उसका समाधान नहीं होता है। शिक्षकों को दिए गए टेबलेट भी पुराने मॉडल के हैं, जो चलते नहीं हैं। इसके बाद भी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करवाने का दबाव बनाया जा रहा है।
संजय कुमार सिंह, जिला कोषाध्यक्ष
शिक्षकों से ज्ञापन ले लिया गया है। शिक्षकों की मांगों का परीक्षण करने के बाद इस ज्ञापन को उच्च अधिकारियों को भेज दिया जाएगा।
विमलेश कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी