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Moradabad News: दिव्यांग बच्चों के संवेदनशील वीडियो देखने में शिक्षक उदासीन
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मुरादाबाद। भारत सरकार द्वारा दिव्यांग बच्चों की पहचान और उनके शैक्षणिक मार्गदर्शन के लिए तैयार कराए गए वीडियो देखने में शिक्षक दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। स्थिति यह है कि मुरादाबाद जनपद में सिर्फ 7.73 फीसदी शिक्षकों ने ही वीडियो देखे हैं। सबसे खराब स्थिति नगर क्षेत्र जोन-4 की है। यहां पर 1365 शिक्षकों में से सिर्फ दो शिक्षकों ने ही वीडियो देखे हैं। इसको लेकर बीएसए ने 30 सितंबर तक लक्ष्य को पूरा करने की चेतावनी दी है।
भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा विकसित प्रशस्त 2.0 एप के माध्यम से सभी बच्चों की स्क्रीनिंग किए जाने के लिए कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए गए थे। इसके लिए सभी परिषदीय, शासकीय सहायता प्राप्त एवं अन्य विद्यालयों के समस्त प्रधानाध्यापकों तथा सहायक अध्यापकों को एप पर लॉगिन-ऑनबोर्डिंग कराकर एप में उपलब्ध सभी 10 प्रशिक्षण, संवेदनशील वीडियो (समय करीब 40 मिनट) को देखा जाना अनिवार्य किया गया था। मुरादाबाद जनपद में 27792 शिक्षकों को वीडियो देखने थे। इसमें से सिर्फ 2388 शिक्षकों ने ही वीडियो देखे हैं। सबसे अच्छी स्थिति बिलारी ब्लॉक की है, जहां 2208 में से 434 शिक्षकों ने यानी 19.7 फीसदी, कुंदरकी में 15.5 फीसदी, छजलैट में 14.3 फीसदी शिक्षकों ने वीडियो देखे हैं। वहीं नगर क्षेत्र की हालत सबसे दयनीय है। नगर क्षेत्र जोन 3 में 1005 में से सिर्फ नौ शिक्षकों ने वीडियो देखे। यहां पर सिर्फ .9 फीसदी, नगर क्षेत्र जोन 1 में .5 फीसदी शिक्षक वीडियो देख चुके हैं। नगर क्षेत्र जोन-4 में सबसे कम 0.1 फीसदी (1365 में से सिर्फ 2 शिक्षक) है।
वर्जन...
सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि परिषदीय, राजकीय, एडेड और प्राइवेट सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, शिक्षामित्र, अनुदेशकों का शत-प्रतिशत लॉगिन कराया जाए। यदि 30 सितंबर तक प्रगति शत-प्रतिशत नहीं हुई तो संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को संस्तुति भेज दी जाएगी। इसकी जिम्मेदारी व्यक्तिगत रूप से बीईओ की होगी। -अमित सिंह, बीएसए
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भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा विकसित प्रशस्त 2.0 एप के माध्यम से सभी बच्चों की स्क्रीनिंग किए जाने के लिए कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए गए थे। इसके लिए सभी परिषदीय, शासकीय सहायता प्राप्त एवं अन्य विद्यालयों के समस्त प्रधानाध्यापकों तथा सहायक अध्यापकों को एप पर लॉगिन-ऑनबोर्डिंग कराकर एप में उपलब्ध सभी 10 प्रशिक्षण, संवेदनशील वीडियो (समय करीब 40 मिनट) को देखा जाना अनिवार्य किया गया था। मुरादाबाद जनपद में 27792 शिक्षकों को वीडियो देखने थे। इसमें से सिर्फ 2388 शिक्षकों ने ही वीडियो देखे हैं। सबसे अच्छी स्थिति बिलारी ब्लॉक की है, जहां 2208 में से 434 शिक्षकों ने यानी 19.7 फीसदी, कुंदरकी में 15.5 फीसदी, छजलैट में 14.3 फीसदी शिक्षकों ने वीडियो देखे हैं। वहीं नगर क्षेत्र की हालत सबसे दयनीय है। नगर क्षेत्र जोन 3 में 1005 में से सिर्फ नौ शिक्षकों ने वीडियो देखे। यहां पर सिर्फ .9 फीसदी, नगर क्षेत्र जोन 1 में .5 फीसदी शिक्षक वीडियो देख चुके हैं। नगर क्षेत्र जोन-4 में सबसे कम 0.1 फीसदी (1365 में से सिर्फ 2 शिक्षक) है।
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सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि परिषदीय, राजकीय, एडेड और प्राइवेट सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, शिक्षामित्र, अनुदेशकों का शत-प्रतिशत लॉगिन कराया जाए। यदि 30 सितंबर तक प्रगति शत-प्रतिशत नहीं हुई तो संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को संस्तुति भेज दी जाएगी। इसकी जिम्मेदारी व्यक्तिगत रूप से बीईओ की होगी। -अमित सिंह, बीएसए
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