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Moradabad News: शिक्षित करने के साथ बच्चों को सुरक्षित घर पहुंचाने की दायित्व भी निभा रहे गुरुजन
Sun, 09 Aug 2026 02:12 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
Updated Sun, 09 Aug 2026 02:12 AM IST
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कुंदरकी। 21 जुलाई को रसोइया मुन्नी की मुरादाबाद-आगरा हाईवे क्राॅस करते समय वाहन की टक्कर से माैत हो गई थी। इससे सबक लेते हुए शिक्षकों ने बच्चों को सुरक्षित उनके घरों तक पहुंचाने की पहल की है। जिसके तहत शिक्षक स्कूल की छुट्टी के बाद जब तक सभी बच्चे हाईवे पार नहीं कर लेते तब तक ड्यूटी के रूप में मुस्तैद रहते हैं।
कुंदरकी ब्लॉक की ग्राम पंचायत भीकनपुर कुलवाड़ा में तीन परिषदीय स्कूल है जिनमें दो प्राथमिक विद्यालय हैं तो तीसरा उच्च प्राथमिक विद्यालय है। इन तीनों स्कूलों में लगभग 350 बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं। प्राथमिक विद्यालय भीकनपुर और उच्च प्राथमिक भीकनपुर कुलवाड़ा नेशनल हाईवे से सटे हैं। व्यस्ततम हाईवे की दोनों ही साइडों में भीकनपुर कुलवाड़ा की घनी आबादी है। बच्चों को स्कूलों में आने-जाने पर हाईवे क्रॉस करना पड़ता है। शनिवार को प्राथमिक विद्यालय भीकनपुर की शिक्षिका नाजिया नसीम, आशिया, पवन सिंह और कृष्णा छुट्टी के बाद बच्चों को हाईवे क्रॉस कराती नजर आईं। वहीं ऐसे ही उच्च प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को गुरुजन सड़क क्रॉस कराते नजर आए।
शिक्षकों का कहना था कि हाईवे पर वाहनों की गति तेज रहती है जिसकी वजह से हादसे का भी डर सताता रहता है जबकि हाईवे के बीच डिवाइडर भी नहीं है और यह अतिसंवेदनशील दुर्घटना संभावित क्षेत्र है। 21 जुलाई को स्कूल में मिडडे मील बनाने आ रहीं रसोइया मुन्नी की सड़क क्रॉस करते समय हादसे में जान भी जा चुकी है। इन स्कूलों के सामने अगर स्पीड ब्रेकर लग जाए तो सड़क हादसों पर अंकुश लग जाएगा और परेशानी भी दूर हो सकती है।
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प्रधानाध्यापक ने उच्च अधिकारियों पत्र भेजकर बताई थी समस्या
कुंदरकी। प्राथमिक विद्यालय भीकनपुर के तत्कालीन प्रधानाध्यापक ब्रह्म पाल सिंह ने विभागीय उच्च अधिकारियों को पत्र भेजकर बच्चों को सड़क क्रॉस कराने में आ रही दिक्कतों से अवगत कराया था। साथ ही स्पीड ब्रेकर बनवाने का अनुरोध भी किया था। पिछले माह जब सीडीओ ने स्कूल को औचक निरीक्षण किया तो शिक्षिकाओं ने स्कूल के सामने सड़क पर छात्र हित में स्पीड ब्रेकर बनाए जाने की मांग रखी थी लेकिन अभी तक इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
प्राथमिक विद्यालय भीकनपुर में 121 बच्चे पंजीकृत हैं। बच्चों की संख्या के सापेक्ष शिक्षक शिक्षिकाओं की तैनाती है लेकिन अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक सदैव अलर्ट रहते हैं। गुरुजनों ने बताया कि सुबह में बच्चों को उनके अभिभावक सड़क क्रॉस कराकर स्कूल में छोड़कर जाते हैं लेकिन छुट्टी के समय शिक्षकों को ही सभी बच्चों को सड़क क्रॉस कराने का दायित्व निभाना पड़ता है। वाहनों की तेज रफ्तार से सदैव हादसे की आशंका बनी रहती है इसलिए दोनों साइडों में ही देखकर बच्चों को घर भेजा जाता है।
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कुंदरकी ब्लॉक की ग्राम पंचायत भीकनपुर कुलवाड़ा में तीन परिषदीय स्कूल है जिनमें दो प्राथमिक विद्यालय हैं तो तीसरा उच्च प्राथमिक विद्यालय है। इन तीनों स्कूलों में लगभग 350 बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं। प्राथमिक विद्यालय भीकनपुर और उच्च प्राथमिक भीकनपुर कुलवाड़ा नेशनल हाईवे से सटे हैं। व्यस्ततम हाईवे की दोनों ही साइडों में भीकनपुर कुलवाड़ा की घनी आबादी है। बच्चों को स्कूलों में आने-जाने पर हाईवे क्रॉस करना पड़ता है। शनिवार को प्राथमिक विद्यालय भीकनपुर की शिक्षिका नाजिया नसीम, आशिया, पवन सिंह और कृष्णा छुट्टी के बाद बच्चों को हाईवे क्रॉस कराती नजर आईं। वहीं ऐसे ही उच्च प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को गुरुजन सड़क क्रॉस कराते नजर आए।
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शिक्षकों का कहना था कि हाईवे पर वाहनों की गति तेज रहती है जिसकी वजह से हादसे का भी डर सताता रहता है जबकि हाईवे के बीच डिवाइडर भी नहीं है और यह अतिसंवेदनशील दुर्घटना संभावित क्षेत्र है। 21 जुलाई को स्कूल में मिडडे मील बनाने आ रहीं रसोइया मुन्नी की सड़क क्रॉस करते समय हादसे में जान भी जा चुकी है। इन स्कूलों के सामने अगर स्पीड ब्रेकर लग जाए तो सड़क हादसों पर अंकुश लग जाएगा और परेशानी भी दूर हो सकती है।
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प्रधानाध्यापक ने उच्च अधिकारियों पत्र भेजकर बताई थी समस्या
कुंदरकी। प्राथमिक विद्यालय भीकनपुर के तत्कालीन प्रधानाध्यापक ब्रह्म पाल सिंह ने विभागीय उच्च अधिकारियों को पत्र भेजकर बच्चों को सड़क क्रॉस कराने में आ रही दिक्कतों से अवगत कराया था। साथ ही स्पीड ब्रेकर बनवाने का अनुरोध भी किया था। पिछले माह जब सीडीओ ने स्कूल को औचक निरीक्षण किया तो शिक्षिकाओं ने स्कूल के सामने सड़क पर छात्र हित में स्पीड ब्रेकर बनाए जाने की मांग रखी थी लेकिन अभी तक इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
प्राथमिक विद्यालय भीकनपुर में 121 बच्चे पंजीकृत हैं। बच्चों की संख्या के सापेक्ष शिक्षक शिक्षिकाओं की तैनाती है लेकिन अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक सदैव अलर्ट रहते हैं। गुरुजनों ने बताया कि सुबह में बच्चों को उनके अभिभावक सड़क क्रॉस कराकर स्कूल में छोड़कर जाते हैं लेकिन छुट्टी के समय शिक्षकों को ही सभी बच्चों को सड़क क्रॉस कराने का दायित्व निभाना पड़ता है। वाहनों की तेज रफ्तार से सदैव हादसे की आशंका बनी रहती है इसलिए दोनों साइडों में ही देखकर बच्चों को घर भेजा जाता है।