यूपी: जान बचाने से ज्यादा बेजान कामों पर ध्यान, छह में से पांच विधायकों ने गरीब मरीजों का नहीं कराया इलाज
मुरादाबाद में गंभीर बीमारियों से जूझ रहे 198 मरीजों ने जनवरी से अब तक इलाज के लिए सीएमओ कार्यालय में आर्थिक मदद की अर्जी लगाई, लेकिन छह विधायकों में से पांच ने अपनी निधि से किसी मरीज की मदद नहीं की। दूसरी ओर, चार साल में विधायकों की निधि से हाईमास्ट लाइटों, वाटर कूलरों और यात्री शेड पर करोड़ों रुपये खर्च हुए, लेकिन कई सुविधाएं खराब या जर्जर हैं।
विस्तार
भदासना गांव के किसान सुखवीर सिंह कैंसर का इलाज कराते कराते कर्जदार हो गए। दो बीघा जमीन भी चली गई। रामनगर खागूवाला निवासी 17 साल का बिट्टू दिल की बीमारी से जूझ रहा है। दिल में छेद है। घर में कोई कमाने वाला नहीं है। पिता की मौत हो चुकी है। इस तरह के केवल यही दो मामले नहीं हैं बल्कि सीएमओ कार्यालय में गंभीर बीमारियों से जूझ रहे 198 मरीजों ने मदद के लिए अर्जी लगाई है।
हैरानी इस बात की है कि इनका दर्द विधायकों को महसूस नहीं हो रहा, जबकि निधि में व्यवस्था है कि माननीय गंभीर बीमारियों से ग्रसित अपनी विधानसभा के गरीब लोगों का इलाज अपनी निधि से करा सकते हैं। मुरादाबाद के पांच विधायकों ने तो एक भी गरीब का इलाज अपनी निधि से नहीं कराया। एक विधायक ने जरूर तीन मरीजों की मदद की है वह भी केवल 2.40 लाख देकर।
जिले के छह विधायकों में भाजपा के दो और सपा के चार हैं। एक विधायक को एक साल में विकास कार्यों के लिए निधि से पांच करोड़ रुपये मिलते हैं। इस हिसाब से चार साल में छह विधायकों की निधि मिलाकर राशि 120 करोड़ होती है। ये धनराशि विभिन्न मदों पर खर्च की गई।
इसमें हाईमास्ट लाइटों पर 41.71 करोड़, वाटर कूलरों पर 10.47 करोड़ और यात्री शेड पर 1.32 करोड़ रुपये खर्च किए गए। ताजा स्थिति के मुताबिक करीब बीस फीसदी लाइटें खराब हैं। जबकि अधिकांश वाटर कूलर बंद पड़े हैं। वहीं, रखरखाव के अभाव में यात्री शेड जर्जर हालत में पहुंच गए हैं।
दूसरी ओर ऐसे तमाम गंभीर मरीज हैं जिनके पास इलाज के लिए पैसे नहीं है। इलाज में आर्थिक मदद के लिए लोग सरकारी कार्यालयों और अस्पतालों के चक्कर काट रहे हैं। अकेले सीएमओ कार्यालय में इलाज के लिए जनवरी से अब तक करीब 198 मरीज आवेदन लेकर पहुंचे।
यह वह मरीज हैं जिनके पास इलाज कराने के लिए पर्याप्त पैसा नहीं है। अब ऐसा भी नहीं है कि इनकी अर्जी माननीयों तक नहीं पहुंची होगी। किसी ने उनके करीबी को पकड़ा तो किसी ने उनकी पार्टी के नेता को। लेकिन मदद नहीं मिली।
मरीजों के इलाज पर विधायक एक साल में खर्च कर सकते हैं निधि से 25 लाख रुपये
परियोजना निदेशक श्वेतांक पांडेय के मुताबिक विधायक एक साल में मरीजों के इलाज पर अपनी निधि से 25 लाख रुपये तक खर्च कर सकते हैं। विधायक निधि से स्थानीय स्तर पर मरीजों के लिए दो लाख रुपये तक की मदद की जा सकती है। पांच लाख रुपये तक के लिए लखनऊ से स्वीकृति लेनी पड़ती है। करीब चार साल में विधायक निधि से सिर्फ नगर विधानसभा क्षेत्र के तीन लोगों को इलाज के लिए 2.40 लाख रुपये की मदद मिली।
कुंदरकी के मोहल्ला कायस्थान में नूरानी मस्जिद के पास रहने वाले राजमिस्त्री खुर्शीद अहमद कैंसर पीड़ित हैं। वह दस माह से दिल्ली, शिमला, देहरादून से इलाज करा रहे हैं। परिवार में पत्नी अंजुम, नाबालिग दो बेटियां निमरा नूर, नूर फात्मा और 12 साल का बेटा मोहम्मद नुमेर है। अंजुम ने बताया कि पति के बीमार होने से परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
गंभीर मरीजों के इलाज के लिए विधायक निधि का उपयोग नहीं किया है। मुख्यमंत्री राहत कोष से क्षेत्र के करीब 500 मरीजों को इलाज के लिए दो से चार लाख तक मदद कराई गई है। इसमें कैंसर, किडनी, लिवर के मरीज शामिल रहे। - रामवीर सिंह, विधायक, कुंदरकी
लोग मदद की उम्मीद लेकर आते हैं। उनकी यथासंभव सहायता की जाती है। कई लोगों के इलाज में हम मदद कर चुके हैं। इस वर्ष इलाज के लिए निधि खर्च नहीं हुई है। -नवाब जान, विधायक, ठाकुरद्वारा
मैंने कई जरूरतमंद लोगों को इलाज के लिए आर्थिक मदद की थी। आगे भी हम यह सिलसिला जारी रखेंगे। -नासिर कुरैशी, विधायक देहात
- मरीज का आधार कार्ड और निवास प्रमाणपत्र
- आय प्रमाणपत्र या आर्थिक स्थिति का प्रमाण
- सरकारी अथवा मान्य अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट और बीमारी का प्रमाणपत्र
- डॉक्टर का इलाज संबंधी अनुमानित खर्च
- अस्पताल का नाम, पता और बैंक संबंधी विवरण
- विधायक के नाम सहायता के लिए प्रार्थनापत्र
- हृदय की बीमारी में सर्जरी, जन्मजात हृदय रोग की सर्जरी, एंजियोप्लास्टी और पेसमेकर, हृदय प्रत्यारोपण।
- कैंसर में कीमोथेरेपी, रेडिएशन या रेडियोथेरेपी, कैंसर से संबंधित ऑपरेशन
- किडनी की बीमारी डायलिसिस, गुर्दे की पथरी की सर्जरी व इलाज, गुर्दा प्रत्यारोपण।
- हड्डी एवं जोड़ संबंधी गंभीर रोग में कूल्हे या घुटने का प्रत्यारोपण
- हड्डियों की कुछ गंभीर बीमारियों में कृत्रिम अंग, आर्थोपेडिक सर्जरी
- थैलेसीमिया में रक्त चढ़ाना, निर्धारित दवाएं और इन्फ्यूजन पंप, बोन मैरो प्रत्यारोपण
|
विधानसभा क्षेत्र |
विधायक |
हाईमास्ट लाइट (लाख रुपये) |
वाटर कूलर (लाख रुपये) |
यात्री शेड (लाख रुपये) |
|---|---|---|---|---|
|
बिलारी |
मोहम्मद फहीम |
889.78 |
164.34 |
23.36 |
|
कांठ |
कमाल अख्तर |
477.18 |
340.62 |
0 |
|
ठाकुरद्वारा |
नवाब जान |
799.77 |
9.97 |
9.97 |
|
मुरादाबाद देहात |
नासिर कुरैशी |
930.66 |
228.48 |
35.52 |
|
मुरादाबाद नगर |
रितेश गुप्ता |
861.61 |
189.38 |
0 |
|
कुंदरकी |
जियाउर्रमान बर्क |
211.63 |
141.92 |
63.96 |
नोट : यह आंकड़े एमएलए लैडस यूपी पोर्टल से लिए गए हैं। उपचुनाव के बाद विधायक बने रामवीर सिंह ने अभी तक कुंदरकी विधानसभा क्षेत्र में हाईमास्ट लाइट, वाटर कूलर और यात्री शेड पर कोई धनराशि नहीं खर्च की है।