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आनलाइन रिटर्न बताएगा रिफंड का ‘सच’
ब्यूरो/ अमर उजाला मुरादाबाद
Updated Sun, 31 May 2015 06:56 PM IST
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इनपुट टैक्स क्रेडिट में फर्जी कारोबार में आनलाइन रिटर्न आईटीसी क्लेम का ‘सच’ उजागर करेगा। पचास लाख रुपए से अधिक के वार्षिक रिटर्न की जांच में आनलाइन प्रपत्रों की जांच से पता चला जाएगा कि वास्तव में कोई खरीद और बिक्री हुई है अथवा नहीं। इसी के साथ यह भी पता चल जाएगा कि व्यापारी ने कितना माल खरीदा और बेंचने वाले कारोबारी ने उसे कितना माल बेंचा। इसके साथ ही अधिक माल खरीद बेंचकर उसे कम दिखाने का मामला भी पकड़ में आसानी से आएगा। इस आनलाइन सिस्टम के जरिए ही वाणिज्य कर विभाग ने मुरादाबाद में 11 करोड़ 4 लाख रुपए के फर्जी कारोबार के जरिए रिफंड क्लेम का मामला पकड़ा है। वाणिज्य कर कमिश्नर ने पचास लाख रुपए से अधिक के वार्षिक रिटर्न दाखिल करने वाले कारोबारियों के आनलाइन रिटर्न की जांच का निर्देश जारी किया था। - पचास लाख रुपया अथवा उससे अधिक का वार्षिक रिटर्न आनलाइन दाखिल करना अनिवार्य है। आनलाइन ही खरीद और बिक्री के अलग अलग प्रपत्र होते हैं। इसके जरिए खरीदने और बिक्री करने वाले कारोबारियों के खातों में पहुंचकर यह पता लग जाता है कि वास्तव में कितनी बिक्री और खरीद हुई है।
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