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नकली नोटों का कनेक्शन दाऊद सिडिकेट से तो नहीं
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मुरादाबाद। मझोला से बरामद एक लाख के नकली नोटों के विदेशी कनेक्शन को केंद्रीय खुफिया विभाग (आईबी) खंगाल रही है। वहीं मुरादाबाद पुलिस नकली नोटों के मामले की जांच कर रही है। कयास लगाया जा रहा है कि अमरोहा की तरह मझोला के नकली नोटों का कनेक्शन विदेश से जुड़ा हो सकता है।
डीआईजी शलभ माथुर का कहना है कि मझोला से बरामद नोटों का प्रिंट लोकल नहीं है। मुरादाबाद पुलिस इस मामले में गहराई से जांच कर रही है। पिछले साल अमरोहा से बरामद नकली नोटों के मामले में पुलिस टीम बांग्लादेश तक गई थी लेकिन इस सिडिंकेट से जुड़े बड़े आरोपी पकड़े नहीं गए लेकिन उनको सूचीबद्ध किया गया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 100,200 और 500 के नकली नोट काफी संख्या में खपाए गए हैं। मझोला पुलिस ने शनिवार को तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर एक लाख के नकली नोटों को बरामद किया था।
इस मामले में कमालपुर कुंदरकी निवासी डॉक्टर नफीस अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है। नफीस पहले भी नकली नोट के साथ पकड़ा गया था। उसे गिरफ्तार करने के लिए एसएसपी ने इनाम भी घोषित किया है। चार माह पहले भी मझोला पुलिस सौ- सौ रुपये के 18 नोटों के साथ मेरठ के एक आरोपी को पकड़ चुकी है। मूंढापांडे पुलिस ने भी पिछले साल नकली नोटों के साथ आरोपियों को गिरफ्तार किया था। आठ फरवरी 21 को अमरोहा पुलिस ने भी कार सवार चार लोगों को नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उस समय 500-500 रुपये के पांच लाख रुपये की नकली करेंसी को बरामद किया था। पकड़े गए आरोपियों में दो मुरादाबाद जिले के थे। जांच में आया कि बरामद नोट बांग्लादेश से सप्लाई किए गए थे। प्राथमिक जांच में आया कि बरामद नोट, पश्चिम बंगाल के नकली नोटों से मिलते जुलते हैं। केंद्रीय खुफिया एजेंसी के अधिकारियों का मानना है कि नोटों के मामले में विदेशी कनेक्शन से इनकार नहीं किया जा सकता है। देश की अर्थव्यवस्था को कमजोर करने के लिए विदेशी शक्तियां इस प्रकार का कार्य करती रहती हैं।
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डीआईजी शलभ माथुर का कहना है कि मझोला से बरामद नोटों का प्रिंट लोकल नहीं है। मुरादाबाद पुलिस इस मामले में गहराई से जांच कर रही है। पिछले साल अमरोहा से बरामद नकली नोटों के मामले में पुलिस टीम बांग्लादेश तक गई थी लेकिन इस सिडिंकेट से जुड़े बड़े आरोपी पकड़े नहीं गए लेकिन उनको सूचीबद्ध किया गया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 100,200 और 500 के नकली नोट काफी संख्या में खपाए गए हैं। मझोला पुलिस ने शनिवार को तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर एक लाख के नकली नोटों को बरामद किया था।
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इस मामले में कमालपुर कुंदरकी निवासी डॉक्टर नफीस अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है। नफीस पहले भी नकली नोट के साथ पकड़ा गया था। उसे गिरफ्तार करने के लिए एसएसपी ने इनाम भी घोषित किया है। चार माह पहले भी मझोला पुलिस सौ- सौ रुपये के 18 नोटों के साथ मेरठ के एक आरोपी को पकड़ चुकी है। मूंढापांडे पुलिस ने भी पिछले साल नकली नोटों के साथ आरोपियों को गिरफ्तार किया था। आठ फरवरी 21 को अमरोहा पुलिस ने भी कार सवार चार लोगों को नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उस समय 500-500 रुपये के पांच लाख रुपये की नकली करेंसी को बरामद किया था। पकड़े गए आरोपियों में दो मुरादाबाद जिले के थे। जांच में आया कि बरामद नोट बांग्लादेश से सप्लाई किए गए थे। प्राथमिक जांच में आया कि बरामद नोट, पश्चिम बंगाल के नकली नोटों से मिलते जुलते हैं। केंद्रीय खुफिया एजेंसी के अधिकारियों का मानना है कि नोटों के मामले में विदेशी कनेक्शन से इनकार नहीं किया जा सकता है। देश की अर्थव्यवस्था को कमजोर करने के लिए विदेशी शक्तियां इस प्रकार का कार्य करती रहती हैं।
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