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Moradabad News: गाजियाबाद में चार साल से अपनों का इंतजार कर रहा मुरादाबाद का सूर्या

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 13 Apr 2023 02:25 AM IST
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Surya of Moradabad has been waiting for his loved ones in Ghaziabad for four years
मुरादाबाद। गाजियाबाद में मुरादाबाद का सूर्या (12) चार साल से अपनों का इंतजार कर रहा है। मासूम हर वक्त खुला आश्रय गृह के दरवाजे पर टिकटिकी लगाए रहता है। शायद इस बार बजी घंटी उसके मां बाप ने बजाई होगी। अब वो आएंगे और उसे अपने साथ ले लाएंगे, लेकिन उसे हर बार निराशा ही हाथ लगती है। अब बाल कल्याण समिति उसे मुरादाबाद लेकर आएगी, ताकी अपनों से पिछड़े मासूम को मां का आंचल और पिता का साया मिल सके।
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गाजियाबाद के चाइल्ड वेलफेयर ऑफिसर चंदन सिंह ने बताया कि पंद्रह जुलाई 2019 को गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर वर्षीय बच्चा जीआरपी को रोते हुए मिला था। जीआरपी की टीम से बाल कल्याण समिति की टीम ने बच्चे को अपनी सुपुर्दगी में ले लिया था। बच्चे को समझने और दुलारने के बाद उससे पूछताछ की गई। तब बच्चे ने अपना नाम सूर्या बताया था। काफी देर के बाद उसने बताया कि उसके पिता का नाम सतवीर है। उसने बताया था कि उसका परिवार मुरादाबाद रेलवे स्टेशन के पास रहता है। बच्चा अपनी मां का नाम नहीं बता पाया। टीम ने मुरादाबाद जीआरपी और बाल कल्याण समिति से संपर्क किया था, लेकिन बच्चे को परिवार से नहीं मिलाया जा सका।
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बाल आश्रय गृह भेज दिया गया था बच्चे को
जिस वक्त सूर्या गाजियाबाद में मिला था, उस समय उसकी उम्र लगभग आठ साल थी। बच्चे के परिवार को ढूंढने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। तब बच्चे को बाल आश्रय गृह भेज दिया गया था। यहां दस साल तक की उम्र के बच्चे रखे जाते हैं। जबकि उदय खुला आश्रय गृह में दस से 18 साल तक बच्चे रहते हैं। अब बच्चे को उदय खुला आश्रय गृह भेज दिया गया है।
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लॉक डाउन और कोरोना कॉल में बढ़ी परिवार से दूरी
15 जुलाई 2019 में सूर्या गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर मिला था। कई माह तक बच्चे के परिवार को ढूंढने का प्रयास किया गया। 23 मार्च 2020 को लॉक डाउन लागू हो गया था। इसके बाद रेलवे और वाहनों का संचालन बंद हो गया था। जिस कारण बच्चे के परिवार की तलाश बंद कर दी गई।

मुरादाबाद में फिर से की जाएगी बच्चे के परिवार की तलाश
सूर्या को केवल अपने पिता का नाम और मुरादाबाद रेलवे स्टेशन याद है। इसके अलावा वह कुछ नहीं बता पा रहा है। अब टीम उसे मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पर लेकर आएगी। इसके बाद उसे हरथला रेलवे स्टेशन, कटघर रेलवे स्टेशन और लोधीपुर बिशनपुर रेलवे स्टेशन पर और उसके आसपास के मोहल्लों और गांवों में भी घुमाया जाएगा, ताकी सफलता मिल सके।

मुरादाबाद से 34 बच्चे लापता
मुरादाबाद से 34 बच्चे लापता हैं। इममें कोई नौ साल तो कोई पांच साल से लापता है, लेकिन पुलिस बच्चों की तलाश नहीं कर पा रही है। सिविल लाइंस के हिमगिरी कॉलोनी निवासी कार्तिक अग्रवाल 22 सितंबर 2014 से लापता है। इसके अलावा कपूर कंपनी सब्जी मंडी से ध्रुव नाम का बच्चा अब तक नहीं मिला। पाकबड़ा का अयान और कुंदरकी की नैंसी को भी पुलिस नहीं तलाश पाई है। रेलवे स्टेशन के सामने, कपूर कंपनी पेट्रोल पंप और रोडवेज बस अड्डे से अगवा किए गए बच्चों को भी पुलिस नहीं तलाश पाई है।
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