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Moradabad News: शहर में प्रीपेड मीटर के लिए सर्वे शुरू, अगस्त तक लगेंगे

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 31 Jan 2024 04:04 AM IST
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Survey for prepaid meters begins in the city, to be completed by August
मुरादाबाद। विद्युत निगम ने मुरादाबाद मंडल में प्रीपेड मीटर लगाने के लिए सर्वे शुरू करा दिया है। पांचों जिलों में इंटेली स्मार्ट कंपनी को सर्वे की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मुरादाबाद शहर में तेजी से काम चल रहा है, इसके बाद देहात की बारी है। निगम के अधिकारियों की मानें तो अगस्त तक मुरादाबाद शहर में प्रीपेड मीटर लगने शुरू होंगे।
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इसके बाद मंडल के दूसरे जिलों में काम शुरू होगा। निजी कंपनी शहरी इलाकों में 5जी नेटवर्क व आर्मर्ड केबिल वाले स्थानों को चिह्नित कर रही है। जहां आर्मर्ड केबिल नहीं हैं, वहां लगाए जा रहे हैं। उपभोक्ताओं के घर से सामान्य मीटर हटाकर प्रीपेड मीटर लगाने के लिए स्टाफ को भी ट्रेनिंग दी जा रही है। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम ने सभी 14 जिलों के लिए टेंडर किया है। पहले ट्यूबवेल कनेक्शन पर प्रीपेड मीटर लगाए गए, इसमें आईटीआई व पॉलीटेक्नीक के विद्यार्थियों को भी प्रशिक्षण दिया गया। अब यही कार्य घरेलू कनेक्शन पर किया जाएगा। अगस्त के बाद नए कनेक्शन के लिए आवेदन करने वालों के यहां भी प्रीपेड मीटर ही लगाए जाएंगे।
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बिजली चोरी रोकने व बकाया कम करने का प्लान
मुरादाबाद जोन में 13 लाख 50 हजार उपभोक्ता हैं। इनमें से करीब दो लाख उपभोक्ताओं पर 500 करोड़ रुपये बकाया था, कई कोशिशों के बाद विभाग बहुत कम बकाया वसूल पाया है। अब बकाया और न बढ़े इसके लिए शहरी क्षेत्रों में प्री-पेड मीटर लगाए जाएंगे। यह मीटर मोबाइल रीचार्ज की तरह बिजली की सेवा देंगे। पैसे खत्म तो बिजली बंद हो जाएगी। बिना रीचार्ज बिजली नहीं जलेगी। इससे बढ़ते बकाया पर अंकुश लगेगा। साथ ही बिजली चोरी पर भी लगाम लगेगी। जो सामान्य मीटर पहले से लगे हैं, उन्हें हटाया जाएगा।
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एक प्रीपेड स्मार्ट मीटर पर खर्च हो सकते हैं छह हजार रुपये
प्रीपेड स्मार्ट मीटर एक प्रकार का डिजिटल मीटर है, जो कि मोबाइल में लगने वाले सिम की तरह ही एक चिप के जरिये इस्तेमाल किया जा सकेगा। घरेलू प्रीपेड कनेक्शन पर उपभोक्ता को एक बार में छह हजार रुपये जमा करने पड़ सकते हैं। प्रीपेड बिजली मीटर में एक रिले (स्वचालित स्विच) होता है जो कोई यूनिट नहीं रहने पर बिजली काट देता है। जब आप रीचार्ज करते हैं तो बैलेंस (यूनिट) बढ़ जाता है, और रिले फिर से बिजली प्रवाहित होने देती है। रीचार्ज करने पर एक कोड उपभोक्ता के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर आएगा, जिसे मीटर में डालना होगा और बिजली शुरू हो जाएगी।



वर्जन
शुरुआत में शहरी क्षेत्र में प्रीपेड बिजली मीटर लगाए जाने हैं। प्रथम चरण में 50 हजार मीटर मंगाए जाएंगे। अगस्त-सितंबर तक शहरी क्षेत्र में शत-प्रतिशत प्रीपेड मीटर लगाने का लक्ष्य है। इन मीटरों में रीचार्ज करने पर ही बिजली मिलेगी।
- आरके बंसल, मुख्य अभियंता
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