फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   Surgeons used to come four days a month, the rest of the days they depended on quacks.

Moradabad News: महीने में चार दिन आते थे सर्जन, बाकी दिन झोलाछाप के सहारे

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 25 Aug 2024 05:44 AM IST
विज्ञापन
Surgeons used to come four days a month, the rest of the days they depended on quacks.
मुरादाबाद। ठाकुरद्वारा के एबीएम अस्पताल में जिन सर्जन के नाम पर सर्जरी के मरीज भर्ती किए जाते थे, वह सिर्फ महीने में चार दिन ही आते थे। यह बात खुद सर्जन डॉ. सरताज आलम ने स्वीकार की है। उन्होंने बताया कि जुलाई में वह काशीपुर से मुरादाबाद रहने आ गए। यहां दूसरे अस्पताल में उन्होंने सर्जन के तौर पर नियुक्ति ले ली।
विज्ञापन


इसके बाद एबीएम अस्पताल में आना-जाना कम कर दिया। ऑन कॉल डॉक्टर के तौर पर सप्ताह में एक दिन ही जाते थे। ऐसे में प्रश्न उठ रहा है कि बाकी दिन डिलीवरी व सर्जरी कौन करता था। मरीज झोलाछाप के हवाले रहते थे। स्वास्थ्य विभाग हर बिंदु पर पड़ताल कर रहा है। 17 अगस्त की रात अस्पताल में नर्स को बंधक बनाकर दुष्कर्म की घटना की बाद 18 अगस्त को जब पुलिस व स्वास्थ्य विभाग का छापा अस्पताल पर पड़ा तो डॉ. सरताज एबीएम अस्पताल में ऑपरेशन कर रहे थे।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि डिलीवरी का गंभीर केस था। महिला डॉक्टर अस्पताल में नहीं थीं, उन्होंने ही सर्जरी की और जज्जा-बच्चा को बचाया। इसके बाद पुलिस शाहनवाज को ले गई। स्टाफ में अफरातफरी मची तो वह भी घबराकर वहां से चले गए। ऑपरेशन के बाद मरीज को उन्होंने यूं ही छोड़ दिया। सर्जरी की फाइल पर हस्ताक्षर भी नहीं किए। यह बात डॉ. सरताज ने अपने बयान में दर्ज कराई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

---------------

अब एनेस्थेटिस्ट से होगी पूछताछ
सर्जन डॉ. सरताज ने सीएमओ को दिए बयान में बताया है कि जिन मरीजों की सर्जरी हुई है। उन्हें डॉ. अरुण जैन ने एनेस्थीसिया (निष्चेतना इंजेक्शन) दिया था। वहीं पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की टीम के आने से पहले सर्जरी के कई मरीजों को वहां से शिफ्ट करने के मामले में भी पूछताछ चल रही है। इस मामले में शाहनवाज के अलावा सर्जन डॉ. सरताज को भी शक के दायरे में रखा गया है। उनकी भूमिका जांच टीम को संदिग्ध लग रही है।
------------

डॉ. सरताज पर लटकी कार्रवाई की तलवार
सर्जरी के मरीजों को बिना देखरेख छोड़ने के मामले में सर्जन डॉ. सरताज पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है। इसे अपराध की श्रेणी में मेडिकल नेग्लीजेंसी का मामला मानते हुए विभाग कार्रवाई कर सकता है। वहीं चर्चा है कि मेडिकल काउंसिल से डॉ. सरताज का लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश भी की जा सकती है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर विभागीय अधिकारियों ने इस मामले में बयान नहीं दिया है। एनेस्थेटिक डॉक्टर के बयान दर्ज होने के बाद सर्जन के बयानों से मिलाया जाएगा।


--------------
एबीएम अस्पताल के दोनों डॉक्टरों के अलावा एनेस्थेटिक के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। इस मामले की रिपोर्ट हमें प्रशासन को सौंपनी है। जांच पूरी करने में दो दिन और लगेंगे। इसके बाद रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
- डॉ. कुलदीप सिंह, सीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed