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शुगर के मरीज सहरी करें जरूरी, खानपान में बरतें लापरवाही
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मुरादाबाद। माह-ए-रमजान के तीन दिन गुजर चुके हैं। रोजेदार भूखे प्यासे खुदा की इबादत में जुटे हैं। इस पाक महीने में रोजे रखने वाले शुगर के मरीजों को अपनी सेहत का खास ख्याल रखना चाहिए। क्योंकि जरा सी लापरवाही मधुमेह से पीड़ित लोगों को दूसरी बीमारी भी घेर सकती है। डाक्टरों के मुताबिक शुगर के मरीज सहरी करना न भूले।
एमडी मेडिसिन डा. अमित रस्तोगी बताते हैं कि मधुमेह रोगियों के लिए सहरी बहुत जरूरी है। सहरी में मल्टीग्रेन, ओट्स, दलिया, फल, ग्रीन सलाद का इस्तेमाल अधिक करे। रोजे के दौरान खानपान में लापरवाही से मधुमेह रोगिया को कमजोरी के साथ दूसरी समस्याएं भी हो सकती है। रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर रखने के लिए शरीर को मजबूत रखना बहुत जरूरी है। रोजेदारों को स्वास्थ्य का ख्याल रखना के लिए नियमित डाक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
तले भुने खाने से करें परहेज
मुरादाबाद। मधुमेह के साथ अन्य बीमारियों से पीड़ित मरीजों को तले भुने खाने से परहेज करना चाहिए। तला भूना भोजन से पेट में गैस और दर्द की शिकायत हो सकती है। तेल युक्त पदार्थ सेहत को अधिक नुकसान करता है। ऐसे में रोजेदारों को उबला चना, फल, सब्जियों का सलाद, बादाम और अखरोट का सेवन कर सकते हैं। खजूर अधिक फायदेमंद होता है। इससे शरीर को उर्जा मिलती है।
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दिन में पांच बार करें शुगर की जांच
मुरादाबाद। फिजीशियन डा. नितिन बत्रा का कहना है कि रोजेदार को मधुमेह की शिकायत है तो उसे दिन में औसतन पांच बार शुगर की जांच करनी चाहिए। सबसे पहले सहरी करने से पहले, सहरी के दो घंटे बाद, दोपहर में, इफ्तार से दो घंटे पहले और इफ्तार के बाद शुगर लेवल की जांच करनी चाहिए। अगर शुगर का लेवल 70 ग्राम से कम हो गई हो तो रोजा तुरंत छोड़ देना चाहिए। क्याेंकि ऐसी स्थिति में जान जोखिम में पड़ सकती है।
इन बातों का रखें ध्यान
- रोजे में मट्ठा, रेशे युक्त फल और जूस का सेवन करे
- हरी सब्जियों का सलाद सेहत के लिए बेहतर,
- दलिया दूध और पौष्टिक आहार का सेवन अधिक हो
- किसी तरह की समस्या होने पर उसे नजरअंदाज न करे
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एमडी मेडिसिन डा. अमित रस्तोगी बताते हैं कि मधुमेह रोगियों के लिए सहरी बहुत जरूरी है। सहरी में मल्टीग्रेन, ओट्स, दलिया, फल, ग्रीन सलाद का इस्तेमाल अधिक करे। रोजे के दौरान खानपान में लापरवाही से मधुमेह रोगिया को कमजोरी के साथ दूसरी समस्याएं भी हो सकती है। रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर रखने के लिए शरीर को मजबूत रखना बहुत जरूरी है। रोजेदारों को स्वास्थ्य का ख्याल रखना के लिए नियमित डाक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
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तले भुने खाने से करें परहेज
मुरादाबाद। मधुमेह के साथ अन्य बीमारियों से पीड़ित मरीजों को तले भुने खाने से परहेज करना चाहिए। तला भूना भोजन से पेट में गैस और दर्द की शिकायत हो सकती है। तेल युक्त पदार्थ सेहत को अधिक नुकसान करता है। ऐसे में रोजेदारों को उबला चना, फल, सब्जियों का सलाद, बादाम और अखरोट का सेवन कर सकते हैं। खजूर अधिक फायदेमंद होता है। इससे शरीर को उर्जा मिलती है।
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दिन में पांच बार करें शुगर की जांच
मुरादाबाद। फिजीशियन डा. नितिन बत्रा का कहना है कि रोजेदार को मधुमेह की शिकायत है तो उसे दिन में औसतन पांच बार शुगर की जांच करनी चाहिए। सबसे पहले सहरी करने से पहले, सहरी के दो घंटे बाद, दोपहर में, इफ्तार से दो घंटे पहले और इफ्तार के बाद शुगर लेवल की जांच करनी चाहिए। अगर शुगर का लेवल 70 ग्राम से कम हो गई हो तो रोजा तुरंत छोड़ देना चाहिए। क्याेंकि ऐसी स्थिति में जान जोखिम में पड़ सकती है।
इन बातों का रखें ध्यान
- रोजे में मट्ठा, रेशे युक्त फल और जूस का सेवन करे
- हरी सब्जियों का सलाद सेहत के लिए बेहतर,
- दलिया दूध और पौष्टिक आहार का सेवन अधिक हो
- किसी तरह की समस्या होने पर उसे नजरअंदाज न करे