यूक्रेन से वापस घर लौटीं एमबीबीएस की छात्रा अंजलि सिंह को देखकर परिजनों में खुशी का ठिकाना न रहा। तिलक लगाकर बेटी का स्वागत किया। अंजलि ने बताया कि यूक्रेन में फंसे बच्चे तनाव और दहशत में हैं। वह किसी भी हालत में घर लौटना चाहते हैं। वैसे तो विन्नित्सिया शहर सुरक्षित स्थान पर है। लेकिन डर के मारे बाहर नहीं निकलते थे, छात्र घर में कैद रहने को मजबूर हैं। टीबी पर न्यूज देख कर डर लगता था। परिजनों की याद सताती थी। लोगों ने इस हालात को कमाई का जरिया बना लिया। सामान्य दिनों के मुकाबले फ्लाइट के रेट दोगुने कर दिए गए हैं। यूक्रेन में फंसे छात्रों को सुरक्षित लाने में केंद्र सरकार को सख्त कदम उठाना चाहिए। छात्र घर आना चाहते हैं, उन्हें फ्लाइट नहीं मिल पा रही हैं।
अमरोहा के मोहल्ला प्रीत विहार कॉलोनी निवासी सत्येंद्र सिंह सरकारी शिक्षक हैं। उनकी बेटी अंजलि सिंह उर्फ उपासना यूक्रेन में विन्नित्सिया नेशनल यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस कर रही है। मार्च 2020 में यूक्रेन गईं अंजली सिंह का यह दूसरा साल है। अंजलि सिंह बुधवार की दोपहर करीब एक बजे अपने घर पहुंचीं। यहां उनकी मां ने तिलक करके उनका स्वागत किया। बेटी को देखकर परिजन भावुक हो गए। इस दौरान अंजलि सिंह ने यूक्रेन में बिगड़ते हालात के बारे में बताया। अंजलि के मुताबिक यूक्रेन के हालत बेहद खराब है। आए दिन बम धमाके होने की खबरें आती रहती हैं। न्यूज देख कर डर लगता है। वैसे तो क्लासें ऑनलाइन चल रही है, लेकिन तनाव और दहशत के बीच घरों में रहते थे। उन्होंने बताया कि विन्नित्सिया शहर में हालात सामान्य है, लेकिन बॉर्डर पर हालात चिंताजनक बने हुए हैं। स्थानीय लोगों के बीच दहशत का माहौल बना हुआ है, सब डरे हुए हैं कि कहीं कुछ हो ना जाए। कहा कि भारत के हजारों बच्चे वहां फंसे हैं। फ्लाइट की वजह से देश नहीं लौट पा रहे हैं। प्लाइट बढ़ाने के साथ किराया भी दोगुना कर दिया गया है। टीवी चैनल पर दिखाई जा रहीं खबरों को देखकर घर वाले परेशान हैं। सभी छात्र जल्द से जल्द अपना घर लौटना चाहते हैं। ऐसे में केंद्र सरकार को सख्त कदम उठाने चाहिए और यूक्रेन में फंसे सभी छात्रों को सुरक्षित वापस लेकर आए। उन्होंने बताया कि उनके साथ के बीस बच्चे वापस लौट आए हैं। जबकि लखनऊ, मेरठ, बरेली, मुरादाबाद, अमरोहा के सैकड़ों बच्चे वहां फंसे हैं, जो छह मार्च तक वापस लौटेंगे।