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Moradabad News: परिणाम के विरोध में विद्यार्थियों का हिंदू कॉलेज में प्रदर्शन
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मुरादाबाद। गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय की ओर से जारी किए गए स्नातक और परास्नातक प्रथम सेमेस्टर के परिणाम को लेकर विद्यार्थियों में जबरदस्त रोष है। बुधवार को हिंदू कॉलेज में समाजवादी छात्रसभा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्र एकजुट हुए। उनका आरोप है कि विश्वविद्यालय ने जानबूझकर उन्हें फेल किया है। छात्रों के अनुसार इस परिस्थिति में आगे की पढ़ाई करना मुश्किल है। इसके बाद उन्होंने कुलपति के नाम प्राचार्य को ज्ञापन भी सौंपा। प्राचार्य प्रो. सत्यव्रत सिंह रावत का कहना है कि विद्यार्थियों के ज्ञापन को कुलपति गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय को भेज दिया जाएगा।
जिलाध्यक्ष मोहम्मद असलम चौधरी ने कहा कि विवि ने हाल ही में जारी किए गए परीक्षा परिणामों में देखा गया है कि बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को अधिकांश विषयों में फेल किया गया है या बेहद कम अंक दिए गए हैं। लगातार बेहतर प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को भी अनुत्तीर्ण कर दिया गया है। यह स्पष्ट रूप से कॉपियों के मूल्यांकन में बड़ी लापरवाही या जान बूझकर री-इवैलुएशन को दर्शाता है। सभी विवादित परिणामों की निष्पक्ष जांच करवाई जाए और कापियों का दोबारा पारदर्शी मूल्यांकन सुनिश्चित किया जाए।
विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा विभिन्न विषयों में फीस में जो बेतहाशा वृद्धि की गई है वह आम और मध्यवर्गीय परिवारों के विद्यार्थियों के लिए चुनौतीपूर्ण है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर और ग्रामीण पृष्ठभूमि के विद्यार्थी उच्च शिक्षा से वंचित हो सकते हैं। उन्होंने फीस वृद्धि को तत्काल वापस लेने और पुरानी फीस संरचना को बहाल करने की मांग की। इस दौरान अजीम चौधरी, अमन, मयंक, दक्ष, नाजिया, अंबिका, जया खान, मिली प्रजापति, रोशनी आदि मौजूद रहीं।
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मुरादाबाद मंडल में बीएससी गणित और रसायन विज्ञान की स्थिति
शिक्षकों ने दावा किया है कि मुरादाबाद मंडल में बीएससी गणित में लगभग 21 हजार विद्यार्थियों में से करीब 19 हजार विद्यार्थियों की बैक आई है, जबकि बीएससी रसायन विज्ञान में मंडल में पंजीकृत 16 हजार विद्यार्थियों में से लगभग 14 हजार विद्यार्थी फेल हुए हैं।
वर्जन...
गणित में तीन अंक और रसायन विज्ञान में पांच अंक से बैक लगी है। मेरा पेपर बहुत अच्छा हुआ था। परीक्षा की तैयारी भी स्वाध्याय से की थी। अब बैक परीक्षा की फीस जमा कर पाना बहुत मुश्किल होगा।
अभय यादव, छात्र
गणित और भौतिक विज्ञान में दो-दो अंक से बैक लगी है। मैं नियमित कॉलेज आता हूं। परीक्षा भी अच्छी हुई थीं। परिणाम को देखकर दुखी हूं।
प्रखर सिंह, छात्र
समाजशास्त्र में दस अंक ही आए हैं। मैंने प्रश्नपत्र पूरा हल किया था। सवालों से संबंधित ही जवाब दिए थे। अब मैं बैक परीक्षा नहीं दूंगी। कोई भरोसा नहीं है कि उसमें भी फेल कर दी जाऊं।
भूमि चौहान, छात्रा
मेरे तीन विषय जूलॉजी, केमिस्ट्री और बायोलॉजी में बैक आई है। किसी में 16 और किसी में 14 अंक दिए हैं। तीन-तीन विषयों का चुनौती मूल्यांकन करवाने लायक आर्थिक क्षमता नहीं है। न ही बैक परीक्षा के लिए फीस दे पाऊंगा। मेरी पढ़ाई छूटने का खतरा है।
लव कुमार, छात्र
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जिलाध्यक्ष मोहम्मद असलम चौधरी ने कहा कि विवि ने हाल ही में जारी किए गए परीक्षा परिणामों में देखा गया है कि बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को अधिकांश विषयों में फेल किया गया है या बेहद कम अंक दिए गए हैं। लगातार बेहतर प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को भी अनुत्तीर्ण कर दिया गया है। यह स्पष्ट रूप से कॉपियों के मूल्यांकन में बड़ी लापरवाही या जान बूझकर री-इवैलुएशन को दर्शाता है। सभी विवादित परिणामों की निष्पक्ष जांच करवाई जाए और कापियों का दोबारा पारदर्शी मूल्यांकन सुनिश्चित किया जाए।
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विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा विभिन्न विषयों में फीस में जो बेतहाशा वृद्धि की गई है वह आम और मध्यवर्गीय परिवारों के विद्यार्थियों के लिए चुनौतीपूर्ण है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर और ग्रामीण पृष्ठभूमि के विद्यार्थी उच्च शिक्षा से वंचित हो सकते हैं। उन्होंने फीस वृद्धि को तत्काल वापस लेने और पुरानी फीस संरचना को बहाल करने की मांग की। इस दौरान अजीम चौधरी, अमन, मयंक, दक्ष, नाजिया, अंबिका, जया खान, मिली प्रजापति, रोशनी आदि मौजूद रहीं।
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मुरादाबाद मंडल में बीएससी गणित और रसायन विज्ञान की स्थिति
शिक्षकों ने दावा किया है कि मुरादाबाद मंडल में बीएससी गणित में लगभग 21 हजार विद्यार्थियों में से करीब 19 हजार विद्यार्थियों की बैक आई है, जबकि बीएससी रसायन विज्ञान में मंडल में पंजीकृत 16 हजार विद्यार्थियों में से लगभग 14 हजार विद्यार्थी फेल हुए हैं।
वर्जन...
गणित में तीन अंक और रसायन विज्ञान में पांच अंक से बैक लगी है। मेरा पेपर बहुत अच्छा हुआ था। परीक्षा की तैयारी भी स्वाध्याय से की थी। अब बैक परीक्षा की फीस जमा कर पाना बहुत मुश्किल होगा।
अभय यादव, छात्र
गणित और भौतिक विज्ञान में दो-दो अंक से बैक लगी है। मैं नियमित कॉलेज आता हूं। परीक्षा भी अच्छी हुई थीं। परिणाम को देखकर दुखी हूं।
प्रखर सिंह, छात्र
समाजशास्त्र में दस अंक ही आए हैं। मैंने प्रश्नपत्र पूरा हल किया था। सवालों से संबंधित ही जवाब दिए थे। अब मैं बैक परीक्षा नहीं दूंगी। कोई भरोसा नहीं है कि उसमें भी फेल कर दी जाऊं।
भूमि चौहान, छात्रा
मेरे तीन विषय जूलॉजी, केमिस्ट्री और बायोलॉजी में बैक आई है। किसी में 16 और किसी में 14 अंक दिए हैं। तीन-तीन विषयों का चुनौती मूल्यांकन करवाने लायक आर्थिक क्षमता नहीं है। न ही बैक परीक्षा के लिए फीस दे पाऊंगा। मेरी पढ़ाई छूटने का खतरा है।
लव कुमार, छात्र