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बोर्ड ने अचानक परिणाम जारी कर विद्यार्थियों के चेहरों पर ला दीं खुशियां
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students happy after cbse result decleration
- फोटो : CITY
मुरादाबाद। सीबीएसई द्वारा सोमवार को जारी किए गए परिणाम से विद्यार्थी, अभिभावक और शिक्षक हैरान रह गए। अचानक आए परिणाम के बाद वह मोबाइल और लैपटॉप से परिणाम देखने लगे, लेकिन वेबसाइट व्यस्त होने की वजह से उन्हें परिणाम देखने में परेशानी आई। इसके बाद उन्होंने साइबर कैफे और स्कूलों के भी चक्कर लगाए। कोरोना संक्रमण के तनाव में बेहतर अंक पाकर सभी के चेहरों पर मुस्कान खिल गई। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं दीं तो विद्यार्थियों ने भी पैर छूकर शिक्षकों का आशीर्वाद लिया। टॉप टेन में 23 विद्यार्थियों ने स्थान हासिल किया है। दिल्ली पब्लिक स्कूल के सबसे अधिक सात विद्यार्थियों ने स्थान बनाया।
विद्यार्थी 15 जुलाई को परिणाम जारी होने की संभावना पर इंतजार कर रहे थे, लेकिन दोपहर करीब साढ़े 12 बजे ही बोर्ड ने परिणाम जारी कर दिया। वेबसाइट पर डालने के बजाय बोर्ड ने पहले सभी स्कूलों को परिणाम ईमेल कर दिया। प्रधानाचार्यों ने फोन कर आनन-फानन में शिक्षकों को स्कूल बुलाया। फोन और सोशल मीडिया के माध्यम से जब विद्यार्थियों को परिणाम की जानकारी मिली तो वह भी देखने लगे, लेकिन वेबसाइट के क्रैश होने की वजह से वह परेशान हो गए। अभिभावक साइबर कैफे भी पहुंचे, लेकिन परिणाम नहीं देख सके। शाम करीब चार बजे तक वह परेशान होते रहे। बीच-बीच में कभी-कभी परिणाम डाउनलोड हो पाता। इसके बोर्ड की वेबसाइट फिर बंद हो जाती। शाम पांच बजे तक यही स्थिति चलती रही। इसी बीच विद्यार्थी और अभिभावक स्कूल पहुंच गए और अपना परिणाम जानने की कोशिश की।
सबसे अधिक दिल्ली पब्लिक स्कूल के विद्यार्थी
टॉप टेन की 23 विद्यार्थियों की सूची में सबसे अधिक सात विद्यार्थी दिल्ली पब्लिक स्कूल, तीन-तीन छात्राएं एसएस चिल्ड्रन अकादमी गर्ल्स स्कूल और सेंट मेरी सीनियर सेकेंड्री स्कूल, दो-दो विद्यार्थी पीएमएस पब्लिक स्कूल, सीएल गुप्ता वर्ल्ड स्कूल, गांधी नगर पब्लिक स्कूल, शिरडी साईं पब्लिक स्कूल, एक-एक छात्र केसीएम स्कूल और बोनी एनी पब्लिक स्कूल का रहा।
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एक-एक अंक की रही प्रतिस्पर्धा
बोर्ड के परिणाम में विद्यार्थियों के बीच जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। पहले स्थान से दसवें स्थान पर तक कोई ऐसा स्थान नहीं है जहां एक अंक से अधिक का फासला हो। महज 0.2 फीसदी के अंतर से छात्रा-छात्राओं का स्थान आगे-पीछे रहा है। 98.6 फीसदी से शुरू हुई टॉपर सूची 96.8 फीसदी पर आकर रुक गई।
सेंट मेरी स्कूल के बाहर खड़े रहे अभिभावक
वेबसाइट से परिणाम जारी नहीं होने पर अभिभावक सेंट मेरी स्कूल पहुंचे। अभिभावकों का कहना था कि शिक्षिकाओं से बात की तो उन्होंने स्कूल में सूची चस्पा होने की बात कही थी, लेकिन स्कूल पर कोई सूची नहीं लगाई गई है। गेट पर बार-बार पुकारने के बाद भी कोई जवाब नहीं दे रहा था।
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विद्यार्थी 15 जुलाई को परिणाम जारी होने की संभावना पर इंतजार कर रहे थे, लेकिन दोपहर करीब साढ़े 12 बजे ही बोर्ड ने परिणाम जारी कर दिया। वेबसाइट पर डालने के बजाय बोर्ड ने पहले सभी स्कूलों को परिणाम ईमेल कर दिया। प्रधानाचार्यों ने फोन कर आनन-फानन में शिक्षकों को स्कूल बुलाया। फोन और सोशल मीडिया के माध्यम से जब विद्यार्थियों को परिणाम की जानकारी मिली तो वह भी देखने लगे, लेकिन वेबसाइट के क्रैश होने की वजह से वह परेशान हो गए। अभिभावक साइबर कैफे भी पहुंचे, लेकिन परिणाम नहीं देख सके। शाम करीब चार बजे तक वह परेशान होते रहे। बीच-बीच में कभी-कभी परिणाम डाउनलोड हो पाता। इसके बोर्ड की वेबसाइट फिर बंद हो जाती। शाम पांच बजे तक यही स्थिति चलती रही। इसी बीच विद्यार्थी और अभिभावक स्कूल पहुंच गए और अपना परिणाम जानने की कोशिश की।
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सबसे अधिक दिल्ली पब्लिक स्कूल के विद्यार्थी
टॉप टेन की 23 विद्यार्थियों की सूची में सबसे अधिक सात विद्यार्थी दिल्ली पब्लिक स्कूल, तीन-तीन छात्राएं एसएस चिल्ड्रन अकादमी गर्ल्स स्कूल और सेंट मेरी सीनियर सेकेंड्री स्कूल, दो-दो विद्यार्थी पीएमएस पब्लिक स्कूल, सीएल गुप्ता वर्ल्ड स्कूल, गांधी नगर पब्लिक स्कूल, शिरडी साईं पब्लिक स्कूल, एक-एक छात्र केसीएम स्कूल और बोनी एनी पब्लिक स्कूल का रहा।
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एक-एक अंक की रही प्रतिस्पर्धा
बोर्ड के परिणाम में विद्यार्थियों के बीच जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। पहले स्थान से दसवें स्थान पर तक कोई ऐसा स्थान नहीं है जहां एक अंक से अधिक का फासला हो। महज 0.2 फीसदी के अंतर से छात्रा-छात्राओं का स्थान आगे-पीछे रहा है। 98.6 फीसदी से शुरू हुई टॉपर सूची 96.8 फीसदी पर आकर रुक गई।
सेंट मेरी स्कूल के बाहर खड़े रहे अभिभावक
वेबसाइट से परिणाम जारी नहीं होने पर अभिभावक सेंट मेरी स्कूल पहुंचे। अभिभावकों का कहना था कि शिक्षिकाओं से बात की तो उन्होंने स्कूल में सूची चस्पा होने की बात कही थी, लेकिन स्कूल पर कोई सूची नहीं लगाई गई है। गेट पर बार-बार पुकारने के बाद भी कोई जवाब नहीं दे रहा था।