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UP: मम्मी, टीचर ने मेरा आई कार्ड छीन लिया, मैं पढ़ नहीं पा रहा, खुदकुशी से पहले छात्र ने फोन पर कही थी ये बात

Tue, 11 Jul 2023 03:30 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद Published by: शाहरुख खान Updated Tue, 11 Jul 2023 03:30 PM IST
सार

छात्र ने आत्महत्या करने से पहले तीन घंटे तक अपनी मां से फोन पर बात की थी। मम्मी ने बेटे की हिम्मत बांधने की हर संभव कोशिश की लेकिन वह हार गया। उसने मां से कहा था कि मैं पढ़ नहीं पा रहा हूं मम्मी। मैं कैसे आपका, मामा और भाइयों का सपना पूरा करुंगा। मम्मी मैं इंजीनियर बना चाहता हूं। 

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Student had called mother before suicide teacher took away my id card i can read in moradabad
छात्र ने की खुदकुशी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मम्मी, मेरी कोई गलती नहीं थी। टीचर ने भी मुझे ही डांटा। दूसरे छात्र को कुछ नहीं कहा। मुझे बुरा भला कहा और मेरा आई कार्ड छीन लिया। मेरे कोचिंग सेंटर में प्रवेश करने पर रोक लगा दी है। मैं पढ़ नहीं पा रहा हूं मम्मी। मैं कैसे आपका, मामा और भाइयों का सपना पूरा करुंगा। मम्मी मैं इंजीनियर बना चाहता हूं। 
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यह बातें छात्र ने आत्महत्या करने से पहले अपनी मां से फोन पर कहीं थीं। करीब तीन घंटे तक दोनों के बीच बातचीत हुई। मम्मी ने बेटे की हिम्मत बांधने की हर संभव कोशिश की लेकिन वह हार गया। रामपुर के टांडा थाना क्षेत्र के फैजुल्ला नगर निवासी कृष्णा कुमारी ने बताया कि दो माह पहले बहादुर सिंह का कोटा के पीडब्ल्यू कोचिंग सेंटर में दाखिला कराया था। 
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बेटा बहुत खुश था। एक सप्ताह पहले क्लास रूम में एक छात्र से बहादुर का झगड़ा हो गया था। टीचर से इस मामले की शिकायत की। तब टीचर ने उसे ही डांटा था। इसके बाद बहादुर का आई कार्ड छीन लिया था। 
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उसके कोचिंग में प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी। इसकी जानकारी मिलने पर बड़ा भाई जयभीम कोटा पहुंचा और उसने कोचिंग सेंटर स्टाफ से बात की थी लेकिन बहादुर का आईकार्ड वापस नहीं किया था। तब जयभीम भी वापस आ गया था।
 

शुक्रवार की शाम रूम पार्टनर अर्पित लाइब्रेरी में पढ़ने चला गया था। तब बहादुर कमरे पर ही रुक गया था। शाम करीब छह बजे बहादुर ने अपनी मां को कॉल की। इस दौरान छात्र बहुत रो रहा था। मां ने उसे बहुत समझाया। उससे कहा कि वह परेशान नहीं हो। सुबह को दोबारा बड़े भाई को भेज देगी। दोबारा स्टाफ से बात करेंगे। तुझे सेंटर में प्रवेश जरूर मिलेगा। 

 

अगर वो नहीं प्रवेश देंगे तो दूसरे सेंटर में दाखिल करा देंगे। तब छात्र बहुत दुखी था। उसने अपनी मां से कहा था कि मम्मी मैं बहुत परेशान हूं। टीचर ने मेरा आई कार्ड छीन लिया। मैं पढ़ नहीं पा रहा हूं। करीब तीन घंटे मां बेटे के बीच बातचीत हुई थी। मां कृष्णा कुमारी को बेटे के वो एक-एक शब्द याद हैं। जो उसने अंतिम बार मां से बोले थे।
 

फीस रिफंड का फॉर्म भरा, खाते में नहीं आई रकम
बड़े भाई जयभीम ने बताया कि बहादुर के कोचिंग सेंटर पर रोक लगाए जाने की जानकारी मिलने पर कोटा पहुंचा था। वह बहादुर को लेकर सेंटर गया और स्टाफ से बात की। दोनों भाइयों ने माफी मांगी लेकिन आई कार्ड फिर भी नहीं दिया था। जयभीम ने बताया कि स्टाफ ने फीस रिफंड के लिए फॉर्म भरवा लिया था लेकिन अब तक फीस भी वापस नहीं हुई है।

मामा के गांव में किया छात्र के शव का अंतिम संस्कार
कोटा में आत्महत्या करने वाले छात्र बहादुर सिंह का शव का उसके मामा देवेंद्र सिंह के गांव डिडौरी में लाया गया। यहां सोमवार सुबह उसके शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। मामा ही बहादुर सिंह की देखभाल करते थे। उधर, छात्र के भाई ने कोटा के महावीर नगर थाने में पीडब्ल्यू कोचिंग सेंटर के स्टाफ पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज कराया है।

मझोला के डिडौरी गांव निवासी देवेंद्र सिंह पुलिस विभाग में सिपाही के पद पर हैं। वह बरेली जनपद में तैनात हैं। उन्होंने बताया कि उनकी बहन कृष्णा कुमारी रामपुर के टांडा थाना क्षेत्र के फैजुल्ला नगर में रहती है। आठ साल पहले कृष्णा कुमारी के पति डब्लू सिंह की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। उनकी मौत के बाद देवेंद्र सिंह ही भांजे जय भीम, जय भारत, बहादुर सिंह और भांजी भीम प्रिया की देखभाल कर रहे थे। 

 

बहादुर सिंह का बड़ा भाई जय भीम दिल्ली में रहकर सिविल सर्विस की तैयारी कर रहा है जबकि मझला भाई घर रहकर ही तैयारी कर रहा है। उन्होंने बताया कि दो माह पहले उन्होंने अपने छोटे भांजे बहादुर को कोटा में आईआईटी की कोचिंग के लिए भेजा था। वह कोटा के ही महावीर नगर में कमरा लेकर रहता था। शुक्रवार रात उसने फंदे पर लटक कर आत्महत्या कर ली थी। शनिवार सुबह उसका साथी कमरे पर पहुंचा तो उसका शव फंदे पर लटका मिला था। सूचना मिलने पर छात्र के मामा और भाई कोटा पहुंच गए थे।

 

इस मामले में कोचिंग सेंटर के स्टाफ पर आत्महत्या के लिए उकसाने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। जिसमें बताया गया कि कोचिंग स्टाफ द्वारा छात्रा का प्रताड़ित किया गया और जाति सूचक शब्द कहकर उसे अपमानित करके सेंटर से निकाल दिया था। जिससे छात्र डिप्रेशन में आ गया और उसने आत्महत्या की है। रविवार रात छात्र के शव को उसके गांव न ले जाकर गांव के गांव डिडौरी में लाया गया। सोमवार सुबह यहां उसके शव का अंतिम संस्कार कर दिया। जिसमें परिजन, रिश्तेदार और गांव के लोग शामिल हुए।
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