फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   SP's internal fight behind the uproar in Sambhal: Bhupendra Singh

संभल में बवाल के पीछे सपा की अंदरूनी लड़ाई : भूपेंद्र सिंह

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 04 Dec 2024 01:38 PM IST
विज्ञापन
SP's internal fight behind the uproar in Sambhal: Bhupendra Singh
मुरादाबाद। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने कहा कि संभल में हुए बवाल के पीछे सपा की अंदरूनी लड़ाई है। न्यायिक आयोग की जांच से दूध का दूध और पानी का पानी साफ हो जाएगा। विपक्षी दलों की स्थिति यह है कि चुनाव जीतने पर किसी को दोष नहीं देते हैं, लेकिन हारने पर ईवीएम को दोषी ठहराते हैं।
विज्ञापन

वह मंगलवार को मुरादाबाद के पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। भूपेंद्र सिंह ने कहा कि संभल मामले में भाजपा न्यायालय के साथ खड़ी है। अदालत के आदेश पर ही टीम जामा मस्जिद का सर्वे करने गई। इस दौरान कुछ लोगों ने साजिश के तहत पथराव किया। चार लोगों की मौत भी हो गई। वहां बवाल के पीछे सपा की अंदरूनी लड़ाई प्रतीत हो रही है। सपा कुंदरकी उपचुनाव भी हार गई। हार की हताशा के कारण इस घटना को अंजाम दिया गया। उनके अंदर हारने की कुंठा भरी हुई है। संभल में सपा के दो परिवारों के बीच वर्चस्व की लड़ाई चल रही है। अब धीरे-धीरे स्थिति शांत हो रही है। ऐसी स्थिति में कांग्रेस और सपा के लोग पॉलिटिकल टूरिज्म के तहत संभल जाना चाहते हैं। सपा नेताओं का चरित्र है कि वे कानून व्यवस्था पर भरोसा नहीं रखते हैं। विपक्षी दलों की स्थिति यह है कि जीतने पर किसी को दोष नहीं देते हैं, लेकिन हारने पर ईवीएम को दोषी ठहराते हैं। चुनाव आयोग पर भी सपा को भरोसा नहीं है। कटघर और शीशा मऊ में सपा जीती तो ईवीएम सही थी। बाकी जगह आरोप लगा रहे हैं। भाजपा झारखंड में बुरी तरह हार गई लेकिन उन्होंने किसी संस्था को दोषी नहीं ठहराया।
विज्ञापन

00

15 जनवरी तक नए प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव हो जाएगा
मुरादाबाद। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने बताया कि पार्टी में चुनाव चल रहा है। 15 जनवरी तक प्रदेश अध्यक्ष का भी चुनाव हो जाएगा। इसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव होना है। उपचुनाव के कारण पार्टी के चुनाव का कार्यक्रम प्रभावित हुआ है। अभी तक 85 प्रतिशत बूथों का गठन हो गया है लेकिन 15 प्रतिशत अभी चुनाव प्रक्रिया में है। इसके बाद मंडल अध्यक्षों, प्रांतीय परिषद और राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों का चुनाव होगा। 30 दिसंबर पर महानगर और जिलाध्यक्ष का चुनाव पूरा हो जाएगा। जिलाध्यक्ष के चुनाव में ओबीसी और महिला के लिए आयु सीमा में छूट दी जाएगी। लगातार तीन बार कोई जिलाध्यक्ष नहीं चुना जाएगा। पार्टी के निर्धारित नियमों के अनुसार प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव भी जनवरी में हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed