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कोरोना की मार से स्पोर्ट्स का कारोबार धड़ाम, कारोबारी परेशान
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मुरादाबाद। कोरोना महामारी के कारण एक साल से खेल गतिविधियों पर रोक लगी हुई है। इसका सीधा असर खेल उत्पाद कारोबारियों पर पड़ा है। हर साल मुरादाबाद में ढाई से तीन करोड़ रुपये का खेल उत्पाद का कारोबार होता है। लेकिन खेल गतिविधियां बंद होने से यह कारोबार घटकर मात्र तीस प्रतिशत रह गया है। इससे कारोबारियों को काफी बड़ा नुकसान हुआ है।
कोरोना महामारी का असर हर सेक्टर पर पड़ा है। मुरादाबाद जिले में हॉकी, जूडो, क्रिकेट, फुटबॉल, कबड्डी, वालीबॉल, कुश्ती, हैंडबॉल, बास्केटबॉल, खो-खो, बैडमिंटन, एथलीट, टेबिल टेनिस, सूटिंग, चेस, समेत आदि खेलों के पांच हजार से अधिक खिलाड़ी हैं। इन खिलाड़ियों को खेलने के खेल से संबंधित सामान की जरूरत होती है। इन खिलाड़ियों की जरूरत पूरी करने के लिए मुरादाबाद में एक दर्जन कारोबारी स्पोर्ट्स गुड्स का कारोबार करते हैं।
मुरादाबाद जिले में सामान्य दिनों में एक साल में ढाई से तीन करोड़ रुपये का कारोबार होता था। लेकिन कोरोना महामारी की मार से यह कारोबार धड़ाम हो गया है। अब पिछले एक साल में स्पोर्ट्स गुड्स का कारोबार 30 प्रतिशत रह गया है। तीन करोड़ से घटकर यह मात्र 80 लाख रुपये सालाना पहुंच गया है। खेल गतिविधियां बंद होने से कारोबारियों के सामने संकट खड़ा हो गया है।
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कोरोना महामारी का असर हर सेक्टर पर पड़ा है। मुरादाबाद जिले में हॉकी, जूडो, क्रिकेट, फुटबॉल, कबड्डी, वालीबॉल, कुश्ती, हैंडबॉल, बास्केटबॉल, खो-खो, बैडमिंटन, एथलीट, टेबिल टेनिस, सूटिंग, चेस, समेत आदि खेलों के पांच हजार से अधिक खिलाड़ी हैं। इन खिलाड़ियों को खेलने के खेल से संबंधित सामान की जरूरत होती है। इन खिलाड़ियों की जरूरत पूरी करने के लिए मुरादाबाद में एक दर्जन कारोबारी स्पोर्ट्स गुड्स का कारोबार करते हैं।
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मुरादाबाद जिले में सामान्य दिनों में एक साल में ढाई से तीन करोड़ रुपये का कारोबार होता था। लेकिन कोरोना महामारी की मार से यह कारोबार धड़ाम हो गया है। अब पिछले एक साल में स्पोर्ट्स गुड्स का कारोबार 30 प्रतिशत रह गया है। तीन करोड़ से घटकर यह मात्र 80 लाख रुपये सालाना पहुंच गया है। खेल गतिविधियां बंद होने से कारोबारियों के सामने संकट खड़ा हो गया है।
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