{"_id":"618aadd936894e702e2c081a","slug":"sp-mp-st-hasan-reached-high-court-for-making-indecent-remarks-on-jaya-prada","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुरादाबाद: जया प्रदा पर अभद्र टिप्पणी करने के मामले में हाईकोर्ट की शरण में पहुंचे सपा सांसद एसटी हसन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुरादाबाद: जया प्रदा पर अभद्र टिप्पणी करने के मामले में हाईकोर्ट की शरण में पहुंचे सपा सांसद एसटी हसन
Tue, 09 Nov 2021 10:50 PM IST
सुशील कुमार कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
Published by: सुशील कुमार कुमार
Updated Tue, 09 Nov 2021 10:50 PM IST
सार
रामपुर के सिविल लाइंस में वर्ष 2019 में सपा सांसद आजम खां समेत पालिका के पूर्व अध्यक्ष अजहर खान, अब्दुल्ला आजम, मुरादाबाद के सांसद डॉ. एसटी हसन, सपा नेता फिरोज खां व अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।
विज्ञापन
जया प्रदा और एसटी हसन।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
रामपुर की पूर्व सांसद एवं अभिनेत्री जया प्रदा के ऊपर अभद्र टिप्पणी के मामले में मुरादाबाद के सांसद डॉ. एसटी हसन समेत दो अन्य आरोपियों ने डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र अदालत में पेश किया था। जिसे सुनने के बाद डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया गया था। जिसके खिलाफ आरोपी उच्च न्यायालय की शरण मे चले गए हैं। अदालत ने आरोपियों को अंतिम अवसर देते हुए आगामी 12 नवंबर लगा दी गई है।
विज्ञापन
रामपुर के सिविल लाइंस में वर्ष 2019 में सपा सांसद आजम खां समेत पालिका के पूर्व अध्यक्ष अजहर खान, अब्दुल्ला आजम, मुरादाबाद के सांसद डॉ. एसटी हसन, सपा नेता फिरोज खां व अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। जिस पर आरोप था कि रामपुर की पूर्व सांसद जया प्रदा पर अभद्र टिप्पणी की गई है। यह सभी एक समारोह में मुस्लिम डिग्री कालिज में एकत्र हुए थे। इस मामले की विवेचना रामपुर क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई थी।
विज्ञापन
मुकदमे की सुनवाई एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट पुनीत गुप्ता की अदालत में जा रही है। विशेष लोक अभियोजक मोहनलाल विश्नोई ने बताया कि पिछली तिथि पर मुरादाबाद के सपा सांसद डॉ. एसटी हसन और समारोह के आयोजक आरिफ व सपा नेता फिरोज खान की ओर से अदालत में डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया था। जिसे अदालत ने खारिज कर दिया था। पारित आदेश के खिलाफ मुरादाबाद के सांसद एसटी हसन, समारोह के आयोजक आरिफ व सपा नेता फिरोज खान उच्च न्यायालय की शरण में चले गए हैं।
विज्ञापन
मंगलवार को आरोपियों के ऊपर चार्ज फ्रेम होने थे, लेकिन आरोपियों की ओर से अदालत में समय की मांग की गई। जिसे अदालत ने स्वीकार करते हुए आरोपियों को अंतिम अवसर आरोप निर्धारण के लिए प्रदान किया है। यदि आरोपियों को उच्च न्यायालय से कोई आदेश उनके हक में प्राप्त नहीं होता है तो आगामी 12 नवंबर को आरोपियों के ऊपर आरोप निर्धारण की कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।