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सपाई पहलवानों में घमासान, भाजपा-कांग्रेस का अखाड़ा वीरान
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Thu, 05 Jan 2017 12:53 PM IST
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पांच राज्यों में चुनाव
- फोटो : self
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विधानसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही काउन डाउन शुरू हो गया है। आज (गुरुवार) से चालीस दिन बाद जिले की छह विधानसभा सीटों पर मतदान हाेंगे। पंद्रह फरवरी को जिले के मतदाता अपना विधायक चुन लेंगे। प्रमुख राजनीतिक दलों में बसपा को छोड़कर बाकी दलों की तैयारी आधी अधूरी है।
सत्ताधारी सपा में घमासान मचा हुआ है तो भाजपा और कांग्रेस के पहलवान चुनावी अखाड़े के लिए तैयार नहीं है। वर्ष 2012 विधानसभा चुनाव पर नजर डाले तो जिलेे की नगर, देहात, कुंदरकी और बिलारी सीट पर सपा को जीत मिली थी। जबकि भाजपा को ठाकुरद्वारा और पीसपार्टी को कांठ सीट जीत मिली।
बाद में कांठ विधायक अनीसुर्रहमान सपा में शामिल हो गए। वहीं ठाकुरद्वार विधायक सर्वेश सिंह के सांसद बनने पर उपचुनाव में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। इस सीट को जीतकर जिले की छह सीट पर सपा काबिज हो गई। अब 2017 विधानसभा चुनाव का बिगूल बज गया है।
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चुनाव की तैयारियों पर गौर करें तो सिर्फ बसपा की तैयारी ही मुकम्मल दिख रही है। बसपा ने जिले की सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार दिए हैं। जबकि सपा में चुनाव से पहले ही घमासान मचा हुआ है।
यहां पार्टी और सरकार के प्रत्याशी हैं। वहीं केंद्र की सत्ता पर काबिज भाजपा और विपक्षी दल कांग्रेस ने उम्मीदवारों की घोषिणा नहीं की है। हालांकि दोनों दलों ने चुनावी तैयारी पूरी होने का दावा किया है।
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सत्ताधारी सपा में घमासान मचा हुआ है तो भाजपा और कांग्रेस के पहलवान चुनावी अखाड़े के लिए तैयार नहीं है। वर्ष 2012 विधानसभा चुनाव पर नजर डाले तो जिलेे की नगर, देहात, कुंदरकी और बिलारी सीट पर सपा को जीत मिली थी। जबकि भाजपा को ठाकुरद्वारा और पीसपार्टी को कांठ सीट जीत मिली।
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बाद में कांठ विधायक अनीसुर्रहमान सपा में शामिल हो गए। वहीं ठाकुरद्वार विधायक सर्वेश सिंह के सांसद बनने पर उपचुनाव में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। इस सीट को जीतकर जिले की छह सीट पर सपा काबिज हो गई। अब 2017 विधानसभा चुनाव का बिगूल बज गया है।
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चुनाव की तैयारियों पर गौर करें तो सिर्फ बसपा की तैयारी ही मुकम्मल दिख रही है। बसपा ने जिले की सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार दिए हैं। जबकि सपा में चुनाव से पहले ही घमासान मचा हुआ है।
यहां पार्टी और सरकार के प्रत्याशी हैं। वहीं केंद्र की सत्ता पर काबिज भाजपा और विपक्षी दल कांग्रेस ने उम्मीदवारों की घोषिणा नहीं की है। हालांकि दोनों दलों ने चुनावी तैयारी पूरी होने का दावा किया है।